ओडिशा में मकर संक्रांति पर लोगों ने नदियों में पवित्र स्नान (मकर बुड़ा) किया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी अपने गृह जिले क्योंझर पहुंचे और पत्नी डॉ. प्रियंका मारंडी के साथ राजनगर में बैतरिणी नदी के शैव्य काबेरी घाट पर स्नान किया। ओडिशा के आदिवासी समुदायों में मकर बुड़ा का खास महत्व है। यह स्नान सूर्य देव की आराधना और नई फसल के लिए आशीर्वाद मांगने का प्रतीक है। संताली आदिवासी समुदाय से आने वाले मुख्यमंत्री माझी सुबह-सुबह आम श्रद्धालुओं के बीच नदी तट पर पहुंचे। उन्होंने रीति-रिवाजों के साथ नदी में डुबकी लगाई। इस दौरान कोई VIP व्यवस्था या विशेष सुरक्षा घेरा नहीं था। मुख्यमंत्री आम श्रद्धालुओं की तरह पानी में उतरे और पत्नी के साथ सूर्य देव को अर्घ्य दिया। इसके बाद प्राचीन आनंदेश्वर मंदिर में दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘ओडिशा की यह महान परंपरा हमारी सामाजिक एकता और सद्भाव को और ज्यादा मजबूत करे। महाप्रभु का आशीर्वाद राज्य की प्रगति की धारा को बनाए रखे और हर परिवार खुशियों से भर जाए।
ओडिशा में मकर संक्रांति पर लोगों ने नदियों में पवित्र स्नान (मकर बुड़ा) किया। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी अपने गृह जिले क्योंझर पहुंचे और पत्नी डॉ. प्रियंका मारंडी के साथ राजनगर में बैतरिणी नदी के शैव्य काबेरी घाट पर स्नान किया। ओडिशा के आदिवासी समुदायों में मकर बुड़ा का खास महत्व है। यह स्नान सूर्य देव की आराधना और नई फसल के लिए आशीर्वाद मांगने का प्रतीक है। संताली आदिवासी समुदाय से आने वाले मुख्यमंत्री माझी सुबह-सुबह आम श्रद्धालुओं के बीच नदी तट पर पहुंचे। उन्होंने रीति-रिवाजों के साथ नदी में डुबकी लगाई। इस दौरान कोई VIP व्यवस्था या विशेष सुरक्षा घेरा नहीं था। मुख्यमंत्री आम श्रद्धालुओं की तरह पानी में उतरे और पत्नी के साथ सूर्य देव को अर्घ्य दिया। इसके बाद प्राचीन आनंदेश्वर मंदिर में दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘ओडिशा की यह महान परंपरा हमारी सामाजिक एकता और सद्भाव को और ज्यादा मजबूत करे। महाप्रभु का आशीर्वाद राज्य की प्रगति की धारा को बनाए रखे और हर परिवार खुशियों से भर जाए।