हिमाचल के मैदानी इलाकों में आज भी शीतलहर महसूस की गई है। इससे निचले इलाकों में सुबह-शाम और रात में खूब सर्दी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार- मंडी, हमीरपुर, कांगड़ा और बिलासपुर के कई भागों में शीतलहर महसूस की गई। शीतलहर की वजह से मैदानी इलाकों में रातें शिमला से ज्यादा ठंडी हो गई है। शिमला का तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि मंडी के सुंदरनगर का 1.5 डिग्री, कुल्लू के भुंतर का 1.3, किन्नौर के कल्पा का 0.0, धर्मशाला 3.2, ऊना 2.0, पालमपुर 2.0, सोलन 0.6, मनाली 2.6, कांगड़ा 2.4, मंडी 2.7, हमीरपुर 1.4 और बरठी में 0.3 डिग्री तक गिर गया है। वहीं लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी का -7.4 और ताबो का -7.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार- पहाड़ों पर जब तक अच्छी बारिश-बर्फबारी नहीं होती तब तक मैदानी इलाकों में कोहरा और शीतलहर परेशान करता रहेगा। 3 महीने से चला आ रहा ड्राइ स्पेल इस विंटर सीजन में बारिश और बर्फबारी नहीं होने से हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। प्रदेश में नवंबर माह में सामान्य से 96 प्रतिशत कम, दिसंबर में 99 प्रतिशत कम और जनवरी में अब तक 88 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। अगले एक सप्ताह भी अच्छी बारिश के आसार नहीं है। हालांकि, 16 से 18 जनवरी के बीच अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश व बर्फबारी हो सकती है। मगर 19 जनवरी को पूरे प्रदेश में बारिश का पूर्वानुमान है। बारिश-बर्फबारी नहीं होने से किसानों-बागवानों के साथ साथ टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी परेशान है। हिमाचल आ रहा पर्यटक भी इससे मायूस है। सूखे की मार अब गेहूं के साथ साथ सेब बगीचों और दूसरी फसलों पर भी पड़नी शुरू हो गई है।
हिमाचल के मैदानी इलाकों में आज भी शीतलहर महसूस की गई है। इससे निचले इलाकों में सुबह-शाम और रात में खूब सर्दी पड़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार- मंडी, हमीरपुर, कांगड़ा और बिलासपुर के कई भागों में शीतलहर महसूस की गई। शीतलहर की वजह से मैदानी इलाकों में रातें शिमला से ज्यादा ठंडी हो गई है। शिमला का तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि मंडी के सुंदरनगर का 1.5 डिग्री, कुल्लू के भुंतर का 1.3, किन्नौर के कल्पा का 0.0, धर्मशाला 3.2, ऊना 2.0, पालमपुर 2.0, सोलन 0.6, मनाली 2.6, कांगड़ा 2.4, मंडी 2.7, हमीरपुर 1.4 और बरठी में 0.3 डिग्री तक गिर गया है। वहीं लाहौल स्पीति के कुकुमसैरी का -7.4 और ताबो का -7.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के अनुसार- पहाड़ों पर जब तक अच्छी बारिश-बर्फबारी नहीं होती तब तक मैदानी इलाकों में कोहरा और शीतलहर परेशान करता रहेगा। 3 महीने से चला आ रहा ड्राइ स्पेल इस विंटर सीजन में बारिश और बर्फबारी नहीं होने से हालात चिंताजनक होते जा रहे हैं। प्रदेश में नवंबर माह में सामान्य से 96 प्रतिशत कम, दिसंबर में 99 प्रतिशत कम और जनवरी में अब तक 88 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। अगले एक सप्ताह भी अच्छी बारिश के आसार नहीं है। हालांकि, 16 से 18 जनवरी के बीच अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश व बर्फबारी हो सकती है। मगर 19 जनवरी को पूरे प्रदेश में बारिश का पूर्वानुमान है। बारिश-बर्फबारी नहीं होने से किसानों-बागवानों के साथ साथ टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग भी परेशान है। हिमाचल आ रहा पर्यटक भी इससे मायूस है। सूखे की मार अब गेहूं के साथ साथ सेब बगीचों और दूसरी फसलों पर भी पड़नी शुरू हो गई है।