40 दिन की पैरोल पर रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने सिरसा डेरा पहुंचकर संगत के साथ ऑनलाइन संवाद किया। इसमें उसने संगत से कहा कि डेरे के जिम्मेदारों के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। डेरा प्रमुख ने कहा- रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक ऑनलाइन सत्संग होगा, जिसमें मैं रहूंगा। भजन भी सुनाऊंगा। सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे राम रहीम जेल से निकला और बुलेट प्रूफ लैंड क्रूजर, फॉर्च्यूनर के काफिले में सिरसा डेरे पर पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद उसने वह सीधा दोपहर 3 बजे शुरू होने वाली मजलिस में पहुंचा। इसके बाद शाम करीब 4 बजे से सवा घंटे तक ऑनलाइन संवाद किया। राम रहीम साध्वियों के यौन उत्पीड़न और पत्रकार की हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। इस बार वह 15वीं बार पैरोल या फरलो लेकर जेल से बाहर आया है। इससे पहले डेरा मुखी राम रहीम 15 अगस्त को अपना जन्मदिन मनाने के लिए जेल से बाहर आया था। उधर, चंडीगढ़ में राम रहीम की पैरोल पर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा- “थैंक्यू, मेरे ख्याल से ये सवाल नहीं रहा। ये कोर्ट का काम है।” डेरा प्रवक्ता बोले- सिरसा डेरे में रहेंगे गुरुजी
डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता जितेंद्र खुराना ने कहा, “हर कैदी का पैरोल और फरलो का अधिकार होता है। इसके तहत कैदी को एक साल में 70 दिन की पैरोल और 21 दिन की फरलो मिलती है। ऐसा नहीं है कि इस पैरोल और फरलो का लाभ सिर्फ गुरुजी को मिलता है। लगभग 6 हजार ऐसे कैदी हैं, जिन्हें राज्य की कंपीटेंट अथॉरिटी द्वारा पैरोल और फरलो पर रिहा किया जाता है। कानूनी दायरे के अंदर ही गुरुजी हर बार पैरोल या फरलो पर बाहर आते हैं। अब उन्हें 40 दिन की पैरोल मिली है। वह इस दौरान सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में रहेंगे।” साल 2017 से जेल में है राम रहीम
25 अगस्त 2017 को 2 साध्वियों के यौन शोषण केस में राम रहीम को 20 साल कैद हुई। इसके बाद 17 जनवरी 2019 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उम्र कैद हुई। वहीं, डेरा मैनेजर रणजीत सिंह के हत्या मामले में अक्टूबर 2021 में CBI कोर्ट ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई। सजा मिलने के 3 साल बाद राम रहीम को इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बरी कर दिया। अभी राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। इससे पहले दिल्ली विधानसभा चुनाव के वक्त मिली थी पैरोल
इससे पहले अप्रैल में 21 दिन की पैरोल पर बाहर आया था। जनवरी में, उसे दिल्ली विधानसभा चुनाव से एक हफ्ते पहले 30 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था। इस दौरान वह सिरसा में डेरा हेडक्वार्टर में रहा था। पहले भी, जब वह जेल से बाहर था, तो वह उत्तर प्रदेश के बागपत में डेरा के आश्रम में रहा था। यहां उसने अपने फॉलोअर्स को एक वीडियो मैसेज जारी किया था, जिसमें उनसे डेरा अधिकारियों द्वारा जारी किए जाने वाले निर्देशों का पालन करने की अपील की थी। उसे डेरे में अपने फॉलोअर्स को इकट्ठा करने की अनुमति नहीं है, लेकिन वह वर्चुअल कम्युनिकेशन के माध्यम से उनसे बात कर सकता है। क्या होती हैं पैरोल-फरलो, जिन पर राम रहीम बाहर आता है… —————- ये खबर भी पढ़ें…. सिरसा डेरा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ गवाही अटकी:अमेरिका से नहीं मिला सहयोग; कोर्ट बोली- CBI इंडियन एंबेसी से मदद ले डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ नपुंसक बनाने के मामले में एक अहम गवाह की गवाही पंचकूला की कोर्ट में नहीं हो सकी। यह गवाह अमेरिका में रहता है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बयान देने को तैयार था, लेकिन अमेरिकी न्याय विभाग से सहयोग न मिलने के कारण उसकी गवाही अटक गई। (पूरी खबर पढ़ें)
40 दिन की पैरोल पर रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने सिरसा डेरा पहुंचकर संगत के साथ ऑनलाइन संवाद किया। इसमें उसने संगत से कहा कि डेरे के जिम्मेदारों के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। डेरा प्रमुख ने कहा- रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक ऑनलाइन सत्संग होगा, जिसमें मैं रहूंगा। भजन भी सुनाऊंगा। सोमवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे राम रहीम जेल से निकला और बुलेट प्रूफ लैंड क्रूजर, फॉर्च्यूनर के काफिले में सिरसा डेरे पर पहुंचा। यहां पहुंचने के बाद उसने वह सीधा दोपहर 3 बजे शुरू होने वाली मजलिस में पहुंचा। इसके बाद शाम करीब 4 बजे से सवा घंटे तक ऑनलाइन संवाद किया। राम रहीम साध्वियों के यौन उत्पीड़न और पत्रकार की हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। इस बार वह 15वीं बार पैरोल या फरलो लेकर जेल से बाहर आया है। इससे पहले डेरा मुखी राम रहीम 15 अगस्त को अपना जन्मदिन मनाने के लिए जेल से बाहर आया था। उधर, चंडीगढ़ में राम रहीम की पैरोल पर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा- “थैंक्यू, मेरे ख्याल से ये सवाल नहीं रहा। ये कोर्ट का काम है।” डेरा प्रवक्ता बोले- सिरसा डेरे में रहेंगे गुरुजी
डेरा सच्चा सौदा के प्रवक्ता जितेंद्र खुराना ने कहा, “हर कैदी का पैरोल और फरलो का अधिकार होता है। इसके तहत कैदी को एक साल में 70 दिन की पैरोल और 21 दिन की फरलो मिलती है। ऐसा नहीं है कि इस पैरोल और फरलो का लाभ सिर्फ गुरुजी को मिलता है। लगभग 6 हजार ऐसे कैदी हैं, जिन्हें राज्य की कंपीटेंट अथॉरिटी द्वारा पैरोल और फरलो पर रिहा किया जाता है। कानूनी दायरे के अंदर ही गुरुजी हर बार पैरोल या फरलो पर बाहर आते हैं। अब उन्हें 40 दिन की पैरोल मिली है। वह इस दौरान सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में रहेंगे।” साल 2017 से जेल में है राम रहीम
25 अगस्त 2017 को 2 साध्वियों के यौन शोषण केस में राम रहीम को 20 साल कैद हुई। इसके बाद 17 जनवरी 2019 को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उम्र कैद हुई। वहीं, डेरा मैनेजर रणजीत सिंह के हत्या मामले में अक्टूबर 2021 में CBI कोर्ट ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई। सजा मिलने के 3 साल बाद राम रहीम को इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बरी कर दिया। अभी राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। इससे पहले दिल्ली विधानसभा चुनाव के वक्त मिली थी पैरोल
इससे पहले अप्रैल में 21 दिन की पैरोल पर बाहर आया था। जनवरी में, उसे दिल्ली विधानसभा चुनाव से एक हफ्ते पहले 30 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था। इस दौरान वह सिरसा में डेरा हेडक्वार्टर में रहा था। पहले भी, जब वह जेल से बाहर था, तो वह उत्तर प्रदेश के बागपत में डेरा के आश्रम में रहा था। यहां उसने अपने फॉलोअर्स को एक वीडियो मैसेज जारी किया था, जिसमें उनसे डेरा अधिकारियों द्वारा जारी किए जाने वाले निर्देशों का पालन करने की अपील की थी। उसे डेरे में अपने फॉलोअर्स को इकट्ठा करने की अनुमति नहीं है, लेकिन वह वर्चुअल कम्युनिकेशन के माध्यम से उनसे बात कर सकता है। क्या होती हैं पैरोल-फरलो, जिन पर राम रहीम बाहर आता है… —————- ये खबर भी पढ़ें…. सिरसा डेरा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ गवाही अटकी:अमेरिका से नहीं मिला सहयोग; कोर्ट बोली- CBI इंडियन एंबेसी से मदद ले डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ नपुंसक बनाने के मामले में एक अहम गवाह की गवाही पंचकूला की कोर्ट में नहीं हो सकी। यह गवाह अमेरिका में रहता है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बयान देने को तैयार था, लेकिन अमेरिकी न्याय विभाग से सहयोग न मिलने के कारण उसकी गवाही अटक गई। (पूरी खबर पढ़ें)