
बसोहली क्षेत्र में ट्रैफिक विभाग की कथित मिलीभगत से ओवरलोडिंग खुलेआम जारी है। तय क्षमता से कहीं अधिक सवारियां ढो रहे वाहन न सिर्फ मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन कर रहे हैं, बल्कि हर रोज़ यात्रियों की जान को गंभीर खतरे में डाल रहे हैं। संकरे और पहाड़ी रास्तों पर ऐसे वाहन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न के बराबर होती है, जिससे ट्रैफिक विभाग की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। नियमों की अनदेखी से दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ रहा है—आख़िर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
वहीं, इस मामले पर ट्रैफिक डीटीआई ने कहा कि ओवरलोडिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। अब देखना यह है कि बयान ज़मीन पर कार्रवाई में कब और कैसे तब्दील होता है।