कर्नाटक के CM सिद्धरमैया ने शनिवार को मनरेगा स्कीम की जगह लाए गए विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट (VB-G RAM G) की आलोचना की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी को पहली बार गोडसे ने मारा था। लेकिन मनरेगा को खत्म करके केंद्र सरकार ने दूसरी बार महात्मा गांधी को मारा है। बेंगलुरु के एक कार्यक्रम में सिद्धरमैया ने कहा कि मनरेगा का मकसद गरीब और छोटे किसानों को फायदा पहुंचाना था, लेकिन मोदी सरकार ने राज्यों से सलाह किए बिना यह फैसला लिया, जो तानाशाही रवैया दिखाता है। सिद्धारमैया ने BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर महिलाओं, दलितों का विरोध करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा- मनरेगा को खत्म करके वे कॉर्पोरेट हितों की मदद कर रहे हैं और ग्रामीण आजीविका को नष्ट कर रहे हैं। VB Ram G बिल खत्म कर मनरेगा स्कीम को फिर से शुरू करने की जरूरत है। वहीं कांग्रेस ने मनरेगा को फिर से लाने के लिए 10 जनवरी से 25 फरवरी तक ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ चलाने की घोषणा की है। इस आंदोलन के तहत देशभर में जिला, पंचायत, वार्ड और राज्य स्तर पर कार्यक्रम होंगे। दरअसल, संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा से VB-G RAM G बिल पास कराया था। इसके बाद 21 दिसंबर को राष्ट्रपति से बिल को मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन गया था। सीएम बोले- मनरेगा से इकोनॉमी मजबूत हुई देश भर में इस स्कीम के तहत लगभग 12.17 करोड़ मजदूर एनरोल हैं, जिनमें 6.21 करोड़ महिलाएं शामिल हैं, जो वर्कफोर्स का लगभग 53.61% हैं। मनरेगा अनुसूचित जाति के लगभग 17% और अनुसूचित जनजाति के 11% मजदूरों हैं। अकेले कर्नाटक में 71.18 लाख एक्टिव मनरेगा मजदूर हैं, जिनमें से 36.75 लाख महिलाएं हैं, जो वर्कफोर्स का 51 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा हैं। इस स्कीम ने आम लोगों को इज्जत से जीने दिया और खेती के काम को रोजगार गारंटी प्रोग्राम के साथ जोड़कर गांव की इकोनॉमी को मजबूत किया। सिद्धरमैया की स्पीच की 3 बड़ी बातें… खड़गे बोले- मनरेगा कानूनी गारंटी है कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि मनरेगा पर हमला करोड़ों मजदूरों और उनके संवैधानिक काम के अधिकार पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि VB GRAM G Act मनरेगा को खत्म करने और काम के अधिकार को कमजोर करने के लिए लाया गया है, जिसका कांग्रेस शांतिपूर्ण लेकिन मजबूती से विरोध करेगी। खड़गे ने कहा कि मनरेगा कोई सरकारी दया नहीं, बल्कि कानूनी गारंटी है, जिससे ग्रामीण गरीबों को गांव में काम मिला, भूख और पलायन कम हुआ और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। उनका आरोप है कि नए कानून में काम की गारंटी खत्म हो जाएगी, बजट सीमित होगा और पंचायतों की भूमिका कमजोर कर दी जाएगी। ————————————— ये खबर भी पढ़ें… लोकसभा में ‘VB-जी राम जी’ बिल पर चर्चा:कृषि मंत्री शिवराज बोले- बिल में रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 किए लोकसभा में बुधवार को ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी (VB-जी राम जी) बिल, 2025’ पर शाम 5.40 बजे से चर्चा शुरू हुई। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विपक्ष से आग्रह है वह चर्चा के बाद उनका जवाब जरूर सुने। उन्होंने कहा कि इस बिल में गांवों में हर साल रोजगार 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन पूरी खबर पढ़ें…
कर्नाटक के CM सिद्धरमैया ने शनिवार को मनरेगा स्कीम की जगह लाए गए विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट (VB-G RAM G) की आलोचना की। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी को पहली बार गोडसे ने मारा था। लेकिन मनरेगा को खत्म करके केंद्र सरकार ने दूसरी बार महात्मा गांधी को मारा है। बेंगलुरु के एक कार्यक्रम में सिद्धरमैया ने कहा कि मनरेगा का मकसद गरीब और छोटे किसानों को फायदा पहुंचाना था, लेकिन मोदी सरकार ने राज्यों से सलाह किए बिना यह फैसला लिया, जो तानाशाही रवैया दिखाता है। सिद्धारमैया ने BJP और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर महिलाओं, दलितों का विरोध करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा- मनरेगा को खत्म करके वे कॉर्पोरेट हितों की मदद कर रहे हैं और ग्रामीण आजीविका को नष्ट कर रहे हैं। VB Ram G बिल खत्म कर मनरेगा स्कीम को फिर से शुरू करने की जरूरत है। वहीं कांग्रेस ने मनरेगा को फिर से लाने के लिए 10 जनवरी से 25 फरवरी तक ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ चलाने की घोषणा की है। इस आंदोलन के तहत देशभर में जिला, पंचायत, वार्ड और राज्य स्तर पर कार्यक्रम होंगे। दरअसल, संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा से VB-G RAM G बिल पास कराया था। इसके बाद 21 दिसंबर को राष्ट्रपति से बिल को मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बन गया था। सीएम बोले- मनरेगा से इकोनॉमी मजबूत हुई देश भर में इस स्कीम के तहत लगभग 12.17 करोड़ मजदूर एनरोल हैं, जिनमें 6.21 करोड़ महिलाएं शामिल हैं, जो वर्कफोर्स का लगभग 53.61% हैं। मनरेगा अनुसूचित जाति के लगभग 17% और अनुसूचित जनजाति के 11% मजदूरों हैं। अकेले कर्नाटक में 71.18 लाख एक्टिव मनरेगा मजदूर हैं, जिनमें से 36.75 लाख महिलाएं हैं, जो वर्कफोर्स का 51 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा हैं। इस स्कीम ने आम लोगों को इज्जत से जीने दिया और खेती के काम को रोजगार गारंटी प्रोग्राम के साथ जोड़कर गांव की इकोनॉमी को मजबूत किया। सिद्धरमैया की स्पीच की 3 बड़ी बातें… खड़गे बोले- मनरेगा कानूनी गारंटी है कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि मनरेगा पर हमला करोड़ों मजदूरों और उनके संवैधानिक काम के अधिकार पर हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि VB GRAM G Act मनरेगा को खत्म करने और काम के अधिकार को कमजोर करने के लिए लाया गया है, जिसका कांग्रेस शांतिपूर्ण लेकिन मजबूती से विरोध करेगी। खड़गे ने कहा कि मनरेगा कोई सरकारी दया नहीं, बल्कि कानूनी गारंटी है, जिससे ग्रामीण गरीबों को गांव में काम मिला, भूख और पलायन कम हुआ और महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। उनका आरोप है कि नए कानून में काम की गारंटी खत्म हो जाएगी, बजट सीमित होगा और पंचायतों की भूमिका कमजोर कर दी जाएगी। ————————————— ये खबर भी पढ़ें… लोकसभा में ‘VB-जी राम जी’ बिल पर चर्चा:कृषि मंत्री शिवराज बोले- बिल में रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 किए लोकसभा में बुधवार को ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी (VB-जी राम जी) बिल, 2025’ पर शाम 5.40 बजे से चर्चा शुरू हुई। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विपक्ष से आग्रह है वह चर्चा के बाद उनका जवाब जरूर सुने। उन्होंने कहा कि इस बिल में गांवों में हर साल रोजगार 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन पूरी खबर पढ़ें…