पीएम मोदी ने भगवान बुद्ध से जुड़े अवशेषों की भारत वापसी पर कहा कि इन अवशेषों को अपने बीच पाकर हम धन्य है। 125 साल के इंतजार के बाद भारत की विरासत लौटी है। अवशेषों का भारत से बाहर जाना फिर वापस आना एक बड़ा सबक है। गुलामी के काल में इन्हें भारत से छीना गया था। जो लोग इसे लेकर गए थे उनके ये केवल एंटीक थे इसलिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में नीलाम करने की भी कोशिश की। भारत ने तय किया कि हम इनकी नीलामी नहीं होने देंगे। हम गोदरेज समूह का आभार व्यक्त करते हैं
उनके सहयोग से ये मुमकिन हो सका कि ये अवशेष बुद्ध की भूमि पर वापस आए। दरअसल साल 1898 में उत्तर प्रदेश के पिपरहवा (कपिलवस्तु क्षेत्र) में खुदाई के दौरान भगवान बुद्ध के अवशेष मिले थे। यह खुदाई ब्रिटिश काल में हुई थी। खुदाई कराने वाले व्यक्ति डब्ल्यू. सी. पेपे, उस समय ब्रिटिश शासन में एक इंजीनियर थे। उस वक्त इन अवशेषों को भारत से बाहर भेज दिया गया था। इन्हें अब वापस लाया गया है। अवशेषों को दिल्ली के राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की एग्जीबिशन में रखा गया है। पीएम मोदी ने इस एग्जीबिशन का इनॉगरेशन किया। कार्यक्रम की 3 तस्वीरें… मोदी की स्पीच, 3 बड़ी बातें… एग्जीबिशन से जुड़ी 4 फोटो… पिपरहवा अवशेष के बारे में जानें… पिपरहवा अवशेष भगवान बुद्ध से जुड़ी हुई पवित्र और पुरातात्विक चीजें हैं। ये अवशेष उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में स्थित पिपरहवा नामक स्थान पर खुदाई के दौरान मिले थे। मान्यता है कि इनमें भगवान बुद्ध की अस्थियां (धातु अवशेष) और उनसे जुड़ी प्राचीन वस्तुएं शामिल हैं, जिन्हें उनके महापरिनिर्वाण के बाद अलग-अलग स्थानों पर रखा गया था। —————————- ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- 2025 में भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हुआ, सुधारों से विकास की रफ्तार तेज हुई पीएम नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर को कहा था कि साल 2025 को ऐसे साल के रूप में याद किया जाएगा जब भारत ने बीते 11 सालों में किए गए सुधारों को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि देश में किए गए नए और आधुनिक सुधारों से विकास की रफ्तार तेज हुई है और इससे भारत की आगे बढ़ने की ताकत और मजबूत हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
पीएम मोदी ने भगवान बुद्ध से जुड़े अवशेषों की भारत वापसी पर कहा कि इन अवशेषों को अपने बीच पाकर हम धन्य है। 125 साल के इंतजार के बाद भारत की विरासत लौटी है। अवशेषों का भारत से बाहर जाना फिर वापस आना एक बड़ा सबक है। गुलामी के काल में इन्हें भारत से छीना गया था। जो लोग इसे लेकर गए थे उनके ये केवल एंटीक थे इसलिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय बाजार में नीलाम करने की भी कोशिश की। भारत ने तय किया कि हम इनकी नीलामी नहीं होने देंगे। हम गोदरेज समूह का आभार व्यक्त करते हैं
उनके सहयोग से ये मुमकिन हो सका कि ये अवशेष बुद्ध की भूमि पर वापस आए। दरअसल साल 1898 में उत्तर प्रदेश के पिपरहवा (कपिलवस्तु क्षेत्र) में खुदाई के दौरान भगवान बुद्ध के अवशेष मिले थे। यह खुदाई ब्रिटिश काल में हुई थी। खुदाई कराने वाले व्यक्ति डब्ल्यू. सी. पेपे, उस समय ब्रिटिश शासन में एक इंजीनियर थे। उस वक्त इन अवशेषों को भारत से बाहर भेज दिया गया था। इन्हें अब वापस लाया गया है। अवशेषों को दिल्ली के राय पिथौरा सांस्कृतिक परिसर में भगवान बुद्ध से जुड़े पवित्र पिपरहवा अवशेषों की एग्जीबिशन में रखा गया है। पीएम मोदी ने इस एग्जीबिशन का इनॉगरेशन किया। कार्यक्रम की 3 तस्वीरें… मोदी की स्पीच, 3 बड़ी बातें… एग्जीबिशन से जुड़ी 4 फोटो… पिपरहवा अवशेष के बारे में जानें… पिपरहवा अवशेष भगवान बुद्ध से जुड़ी हुई पवित्र और पुरातात्विक चीजें हैं। ये अवशेष उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में स्थित पिपरहवा नामक स्थान पर खुदाई के दौरान मिले थे। मान्यता है कि इनमें भगवान बुद्ध की अस्थियां (धातु अवशेष) और उनसे जुड़ी प्राचीन वस्तुएं शामिल हैं, जिन्हें उनके महापरिनिर्वाण के बाद अलग-अलग स्थानों पर रखा गया था। —————————- ये खबर भी पढ़ें… मोदी बोले- 2025 में भारत रिफॉर्म एक्सप्रेस पर सवार हुआ, सुधारों से विकास की रफ्तार तेज हुई पीएम नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर को कहा था कि साल 2025 को ऐसे साल के रूप में याद किया जाएगा जब भारत ने बीते 11 सालों में किए गए सुधारों को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि देश में किए गए नए और आधुनिक सुधारों से विकास की रफ्तार तेज हुई है और इससे भारत की आगे बढ़ने की ताकत और मजबूत हुई है। पूरी खबर पढ़ें…