नए साल के पहले दिन राजस्थान के मंदिरों में भारी भीड़ रही। जयपुर के गोविंददेवजी, मोतीडूंगरी गणेशजी मंदिर के बाहर सुबह 4 बजे से ही लंबी लाइनें लग गई थी। दोपहर तक लोग दर्शनों को पहुंचे। दौसा के मेहंदीपुर बालाजी और सीताराम मंदिर में सजावट की गई। महंत नरेशपुरी महाराज ने महाआरती कर 551 किलो चूरमा और 551 किलो छप्पन भोग समेत 1102 किलो प्रसादी का भोग लगाया। परकोटे (जयपुर) की बड़ी चौपड़, चांदी की टकसाल रोड पर सुबह 4 बजे जाम लग गया था। इसमें अधिकतर श्रद्धालु गोविंददेवजी के दर्शन करने आए थे। सीकर के खाटूश्यामजी में भी तीन दिन से भगवान के पट खुले हुए हैं। यहां 2 जनवरी सुबह 10 बजे तक रींगस से खाटू तक का 17 किलोमीटर लंबा पैदल मार्ग पूरी तरह नो व्हीकल जोन घोषित किया है। ऐसे में रींगस से खाटू बाबा के आने वाले भक्तों को 27 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। इसमें 17 किमी का रास्ता और तोरण द्वार के पास से करीब 10 किलोमीटर का पैदल रूट। मंदिर में 14 लाइनें फुल है और पैर रखने की भी जगह नहीं है। ऐसे ही चित्तौड़गढ़ जिले में श्री सांवलिया जी में 2 जनवरी तक दर्शन के लिए भक्तों को एंट्री मीरा-सर्किल स्थित गेट से ही होगी। नए साल की शुरुआत देव दर्शन से… नए साल के जश्न में डूबा राजस्थान, अतिशबाजी-डीजे की धूम:जयपुर के क्लबों में झूमे लोग, जैसलमेर के रेगिस्तान में भी पार्टी, नाथद्वारा में भजनों पर डांस पल-पल के अपडेट के लिए ब्लाॅग देखिए…
नए साल के पहले दिन राजस्थान के मंदिरों में भारी भीड़ रही। जयपुर के गोविंददेवजी, मोतीडूंगरी गणेशजी मंदिर के बाहर सुबह 4 बजे से ही लंबी लाइनें लग गई थी। दोपहर तक लोग दर्शनों को पहुंचे। दौसा के मेहंदीपुर बालाजी और सीताराम मंदिर में सजावट की गई। महंत नरेशपुरी महाराज ने महाआरती कर 551 किलो चूरमा और 551 किलो छप्पन भोग समेत 1102 किलो प्रसादी का भोग लगाया। परकोटे (जयपुर) की बड़ी चौपड़, चांदी की टकसाल रोड पर सुबह 4 बजे जाम लग गया था। इसमें अधिकतर श्रद्धालु गोविंददेवजी के दर्शन करने आए थे। सीकर के खाटूश्यामजी में भी तीन दिन से भगवान के पट खुले हुए हैं। यहां 2 जनवरी सुबह 10 बजे तक रींगस से खाटू तक का 17 किलोमीटर लंबा पैदल मार्ग पूरी तरह नो व्हीकल जोन घोषित किया है। ऐसे में रींगस से खाटू बाबा के आने वाले भक्तों को 27 किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है। इसमें 17 किमी का रास्ता और तोरण द्वार के पास से करीब 10 किलोमीटर का पैदल रूट। मंदिर में 14 लाइनें फुल है और पैर रखने की भी जगह नहीं है। ऐसे ही चित्तौड़गढ़ जिले में श्री सांवलिया जी में 2 जनवरी तक दर्शन के लिए भक्तों को एंट्री मीरा-सर्किल स्थित गेट से ही होगी। नए साल की शुरुआत देव दर्शन से… नए साल के जश्न में डूबा राजस्थान, अतिशबाजी-डीजे की धूम:जयपुर के क्लबों में झूमे लोग, जैसलमेर के रेगिस्तान में भी पार्टी, नाथद्वारा में भजनों पर डांस पल-पल के अपडेट के लिए ब्लाॅग देखिए…