पंजाब विधानसभा में मंगलवार को केंद्र सरकार के मनरेगा का नाम बदलकर VB-जी राम जी करने के खिलाफ बहस हुई। मंत्री तरुणप्रीत सोंद ने इसका प्रस्ताव पेश किया था। इस पर CM भगवंत मान के बोलते ही सदन में हंगामा हो गया। कांग्रेस MLA सुखपाल खैहरा कुछ कहने लगे तो सीएम मान भड़क गए। उन्होंने कहा कि जानबूझकर सीएम का भाषण डिस्टर्ब कर रहे हैं। इन्हें बाहर निकालो। स्पीकर ने खैहरा को सदन से बाहर निकालने के लिए कह दिया। इसके बाद सीएम की कांग्रेस विधायकों के साथ तीखी बहस हो गई। जिसके बाद कांग्रेस विधायक वेल में आ गए। स्पीकर ने विरोधी विधायकों को समझाकर शांत कराया। इससे पहले BJP के विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आपत्तिजनक बात कही गई है। उन्होंने विधायक मनविंदर ग्यासपुरा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने मनरेगा का नाम बदलने की बहस में बोलते हुए ‘मोदी दी धौण ते गोड्डा रख देयांगे’ (PM नरेंद्र मोदी की गर्दन पर घुटना रख देंगे) कहा है। हालांकि स्पीकर ने कहा कि गरीब मार कहा, जो आपत्तिजनक शब्द नहीं है। आपने सही ढंग से नहीं सुना। मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को धौण ते गोड्डा रखना कहना कोई आपत्तिजनक बात नहीं है। पंजाबी आम तौर पर ऐसे शब्द बोल देते हैं। कृषि मंत्री शिवराज बोले- पंजाब में मनरेगा में 10,653 करोड़ का घोटाला हुआ
इससे पहले ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने पंजाब की AAP सरकार पर बड़े आरोप लगाए हैं। शिवराज ने कहा कि पंजाब में मनरेगा में 10,653 करोड़ के घोटाले हुए। सड़कों और नहरों की सफाई के नाम पर मनरेगा से पैसे खर्चे गए। ओवर एस्टीमेट बनाए गए है। पंजाब विधानसभा में जो बात की जा रही है संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। जो वित्तीय घपले सामने आए है। उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। केंद्रीय टीम ने जांच कर वसूली की सिफारिश की, लेकिन उस पर कुछ नहीं हुआ। जिन्होंने घोटाले किए, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके जवाब में वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि मैं बताना चाहता हूं कि घपला मध्य प्रदेश और गुजरात में हुआ है। लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुई। AAP विधायक अमोलक ने कहा कि अगर 2007 से मनरेगा की ऑडिट करानी है तो मध्यप्रदेश और गुजरात से कराओ। विधानसभा सेशन से जुड़े बड़े अपडेट्स… कार्यवाही के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पंजाब विधानसभा में मंगलवार को केंद्र सरकार के मनरेगा का नाम बदलकर VB-जी राम जी करने के खिलाफ बहस हुई। मंत्री तरुणप्रीत सोंद ने इसका प्रस्ताव पेश किया था। इस पर CM भगवंत मान के बोलते ही सदन में हंगामा हो गया। कांग्रेस MLA सुखपाल खैहरा कुछ कहने लगे तो सीएम मान भड़क गए। उन्होंने कहा कि जानबूझकर सीएम का भाषण डिस्टर्ब कर रहे हैं। इन्हें बाहर निकालो। स्पीकर ने खैहरा को सदन से बाहर निकालने के लिए कह दिया। इसके बाद सीएम की कांग्रेस विधायकों के साथ तीखी बहस हो गई। जिसके बाद कांग्रेस विधायक वेल में आ गए। स्पीकर ने विरोधी विधायकों को समझाकर शांत कराया। इससे पहले BJP के विधायक अश्वनी शर्मा ने कहा कि सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आपत्तिजनक बात कही गई है। उन्होंने विधायक मनविंदर ग्यासपुरा की तरफ इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने मनरेगा का नाम बदलने की बहस में बोलते हुए ‘मोदी दी धौण ते गोड्डा रख देयांगे’ (PM नरेंद्र मोदी की गर्दन पर घुटना रख देंगे) कहा है। हालांकि स्पीकर ने कहा कि गरीब मार कहा, जो आपत्तिजनक शब्द नहीं है। आपने सही ढंग से नहीं सुना। मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री को धौण ते गोड्डा रखना कहना कोई आपत्तिजनक बात नहीं है। पंजाबी आम तौर पर ऐसे शब्द बोल देते हैं। कृषि मंत्री शिवराज बोले- पंजाब में मनरेगा में 10,653 करोड़ का घोटाला हुआ
इससे पहले ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने पंजाब की AAP सरकार पर बड़े आरोप लगाए हैं। शिवराज ने कहा कि पंजाब में मनरेगा में 10,653 करोड़ के घोटाले हुए। सड़कों और नहरों की सफाई के नाम पर मनरेगा से पैसे खर्चे गए। ओवर एस्टीमेट बनाए गए है। पंजाब विधानसभा में जो बात की जा रही है संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। जो वित्तीय घपले सामने आए है। उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। केंद्रीय टीम ने जांच कर वसूली की सिफारिश की, लेकिन उस पर कुछ नहीं हुआ। जिन्होंने घोटाले किए, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके जवाब में वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि मैं बताना चाहता हूं कि घपला मध्य प्रदेश और गुजरात में हुआ है। लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुई। AAP विधायक अमोलक ने कहा कि अगर 2007 से मनरेगा की ऑडिट करानी है तो मध्यप्रदेश और गुजरात से कराओ। विधानसभा सेशन से जुड़े बड़े अपडेट्स… कार्यवाही के पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…