देहरादून में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के छात्र ऐंजल चकमा की मौत के बाद। पुलिस ने छठे और मुख्य आरोपी की तलाश के लिए स्पेशल टीम का गठन कर दिया है साथ ही उसपर 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी यज्ञ अवस्थी नेपाल का रहने वाला है। वारदात वाली रात यज्ञ ने ही ऐंजल पर चकमा पर चाकू से हमला किया था। इसके साथ ही उसी रात को वो नेपाल भाग गया था। मृतक के मामा ने दावा किया थी, ऐंजल ने आरोपियों से कहा था कि हम भी इंडियन हैं हमें चाइनीज और चिंकी क्यों कह रहे हो लेकिन उन्होंने एक बात नहीं सुनी। आरोपी ऐंजल को तब तक पीटते रहे जब तक उसी गर्दन फट नहीं गई। उन्होंने कहा कि पिटाई में इतना खून बहा था कि अगले दिन जब पुलिस मौके पर पहुंची तो तब तक खून वहीं पर जमा था। उन्होंने जल्द ही यज्ञ को गिरफ्तार करने की मांग की है। बीते कल इस मामले में जल्द कार्रवाई को लेकर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फोन किया था। इसके बाद आज मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रदेश में कतई स्वीकार्य नहीं हैं। पुलिस को उन्होंने निर्देश दिए कि फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तार किया जाए। 2 नाबालिग सहित पांच आरोपी पकड़े जा चुके देहरादून के थाना सेलाकुई में 9 दिसंबर की रात ये पूरी घटना हुई थी। हालांकि चकमा की मौत 17 दिनों बाद देहरादून के ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में हुई थी। 14 दिसंबर को ही पुलिस ने 5 आरोपियों को पकड़ लिया था। पांच में से दो आरोपी नाबालिग हैं जिन्हें बाल न्यायालय में पेश करने के बाद सुधार गृह भेज दिया गया है जबकि अन्य तीन आरोपी फिलहाल जेल में हैं जो अपनी जमानत याचिका भी कोर्ट में दाखिल कर चुके हैं। हालांकि तीनों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। हत्या में शामिल आरोपी की गिरफ्तारी के लिए नेपाल जाएगी पुलिस सूत्र बताते हैं कि जिस छठे आरोपी यज्ञ अवस्थी की तलाश पुलिस की है वो नेपाल के कंचनपुर जिले के झलारी का रहने वाला था। हालांकि वह इन दिनों सेलाकुई इलाके में ही रहता था। 9 दिसंबर की रात वो समझ गया था कि चकमा की जिंदगी नहीं बचेगी, जिसके कारण वो डर के मारे उसी दिन नेपाल भाग गया। गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है जिसमें SOG और अन्य एजेंसी की भी मदद ली जा रही है। अब पढ़िए कैसे 6 लोगों ने चकमा को घेरकर पीटा…. मार्केट गए तो गंदे कमेंट सुनने को मिले मृतक ऐंजल चकमा के छोटे भाई माइकल चकमा ने जो जानकारी पुलिस को दी है, उसके मुताबिक- शाम करीब 6 से 7 बजे वह अपने भाई ऐंजल चकमा के साथ कुछ सामान लेने घर से निकले थे। दोनों भाई सेलाकुई में ही रहते थे। ऐंजल देहरादून की जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में एमबीए फाइनल ईयर में था। जबकि माइकल उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा था। दोनों मार्केट में पहुंचे है कि बाइक और स्कूटी पर आए कुछ युवक उनके पास पहुंचे। इन सभी लड़कों ने दोनों भाइयों पर कमेंट करना शुरू कर दिया। माइकल कहते हैं- हमें वो लोग लगातार हमें चाइनीज, चिंकी और मोमोज कहकर चिढ़ा रहे थे। ‘मैंने विरोध किया तो पीटने लगे, फिर भाई बीच में आया’ माइकल कहते हैं- वो लगातार हमें ये शब्द बोलते गए, पहले हमने इग्नोर किया लेकिन वो माने नहीं। जब मैंने उनका पूछा की क्या दिक्कत है क्यों ये सब बोल रहे हो तो उन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया। एक लड़के ने मुझे कड़े से मारा। मारपीट होती देख तुरंत ऐंजल बीच बचाव करने पहुंचे, फिर उन्होंने मुझे छोड़ ऐंजल को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। मैंने काफी कोशिश की उन्हें रोकने की लेकिन हम दोनों ही घिर चुके थे वो लगातार हम दोनों को ही मार रहे थे। पेट में चाकू मारा, गर्दन पर कड़े मारे ऐंजल चकमा के मामा कहते हैं- जब शुरुआत में लड़के कमेंट कर रहे थे तो माइकल ने बाइक से उतर उनसे कहा था की हम भी इंडियन हैं हमें चाइनीज क्यों बोल रहे हो। लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। उस रात उन लड़कों ने दोनों को सिर्फ कड़ों से ही नहीं मारा बल्कि चाकू से भी ऐंजल के पेट में वार किया गया। वो लोग ऐंजल की गर्दन पर कडे से तब तक मारते रहे जब तक उसकी पूरी गर्दन फट नहीं गई। खून भी निकलता रहा लेकिन वो उसे बस पीटते ही रहे। गर्दन पर किए गए घातक वार के कारण ही जमा के सिर में खून जमा हो गया था। पहले लगा ठीक हो जाएगा लेकिन अचानक बंद हुई आवाज हमले के बाद ऐंजल और माइकल दोनों गंभीर हालत में ग्राफिक एरा अस्पताल पहुंचे। माइकल के सिर में हल्की चोट थी लेकिन ऐंजल को आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। कई हफ्तों तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। ऐंजल के मामा बताते हैं कि की बीच में हमें लगा की वो ठीक हो जाएगा। लेकिन 24 दिसंबर की उसकी आवाज एकदम बंद हो गई। पहले वो बात करता था। दर्द में मारे रोता था लेकिन 24 को उसकी आवाज तक निकलनी बंद हो गई और 26 सुबह करीब 4 बजे उसने दम तोड़ दिया। ———- ये खबर भी पढ़ें… देहरादून में त्रिपुरा के छात्र को चाकुओं से गोदा, मौत:भाई बोला- चाइनीज-चिंकी कह रहे थे, विरोध किया तो पीटा, आरोपियों में मणिपुर का छात्र शामिल उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शराब के नशे में धुत युवकों ने बीच सड़क त्रिपुरा के एक छात्र को चाकुओं से गोद दिया। 17 दिन तक आईसीयू में चले इलाज के बाद शुक्रवार को एंजेल चकमा की मौत हो गई है। (पढ़ें पूरी खबर)
देहरादून में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के छात्र ऐंजल चकमा की मौत के बाद। पुलिस ने छठे और मुख्य आरोपी की तलाश के लिए स्पेशल टीम का गठन कर दिया है साथ ही उसपर 25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्य आरोपी यज्ञ अवस्थी नेपाल का रहने वाला है। वारदात वाली रात यज्ञ ने ही ऐंजल पर चकमा पर चाकू से हमला किया था। इसके साथ ही उसी रात को वो नेपाल भाग गया था। मृतक के मामा ने दावा किया थी, ऐंजल ने आरोपियों से कहा था कि हम भी इंडियन हैं हमें चाइनीज और चिंकी क्यों कह रहे हो लेकिन उन्होंने एक बात नहीं सुनी। आरोपी ऐंजल को तब तक पीटते रहे जब तक उसी गर्दन फट नहीं गई। उन्होंने कहा कि पिटाई में इतना खून बहा था कि अगले दिन जब पुलिस मौके पर पहुंची तो तब तक खून वहीं पर जमा था। उन्होंने जल्द ही यज्ञ को गिरफ्तार करने की मांग की है। बीते कल इस मामले में जल्द कार्रवाई को लेकर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को फोन किया था। इसके बाद आज मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इस तरह की घटनाएं प्रदेश में कतई स्वीकार्य नहीं हैं। पुलिस को उन्होंने निर्देश दिए कि फरार आरोपी की जल्द गिरफ्तार किया जाए। 2 नाबालिग सहित पांच आरोपी पकड़े जा चुके देहरादून के थाना सेलाकुई में 9 दिसंबर की रात ये पूरी घटना हुई थी। हालांकि चकमा की मौत 17 दिनों बाद देहरादून के ग्राफिक एरा हॉस्पिटल में हुई थी। 14 दिसंबर को ही पुलिस ने 5 आरोपियों को पकड़ लिया था। पांच में से दो आरोपी नाबालिग हैं जिन्हें बाल न्यायालय में पेश करने के बाद सुधार गृह भेज दिया गया है जबकि अन्य तीन आरोपी फिलहाल जेल में हैं जो अपनी जमानत याचिका भी कोर्ट में दाखिल कर चुके हैं। हालांकि तीनों की जमानत याचिका खारिज कर दी गई है। हत्या में शामिल आरोपी की गिरफ्तारी के लिए नेपाल जाएगी पुलिस सूत्र बताते हैं कि जिस छठे आरोपी यज्ञ अवस्थी की तलाश पुलिस की है वो नेपाल के कंचनपुर जिले के झलारी का रहने वाला था। हालांकि वह इन दिनों सेलाकुई इलाके में ही रहता था। 9 दिसंबर की रात वो समझ गया था कि चकमा की जिंदगी नहीं बचेगी, जिसके कारण वो डर के मारे उसी दिन नेपाल भाग गया। गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है जिसमें SOG और अन्य एजेंसी की भी मदद ली जा रही है। अब पढ़िए कैसे 6 लोगों ने चकमा को घेरकर पीटा…. मार्केट गए तो गंदे कमेंट सुनने को मिले मृतक ऐंजल चकमा के छोटे भाई माइकल चकमा ने जो जानकारी पुलिस को दी है, उसके मुताबिक- शाम करीब 6 से 7 बजे वह अपने भाई ऐंजल चकमा के साथ कुछ सामान लेने घर से निकले थे। दोनों भाई सेलाकुई में ही रहते थे। ऐंजल देहरादून की जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में एमबीए फाइनल ईयर में था। जबकि माइकल उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा था। दोनों मार्केट में पहुंचे है कि बाइक और स्कूटी पर आए कुछ युवक उनके पास पहुंचे। इन सभी लड़कों ने दोनों भाइयों पर कमेंट करना शुरू कर दिया। माइकल कहते हैं- हमें वो लोग लगातार हमें चाइनीज, चिंकी और मोमोज कहकर चिढ़ा रहे थे। ‘मैंने विरोध किया तो पीटने लगे, फिर भाई बीच में आया’ माइकल कहते हैं- वो लगातार हमें ये शब्द बोलते गए, पहले हमने इग्नोर किया लेकिन वो माने नहीं। जब मैंने उनका पूछा की क्या दिक्कत है क्यों ये सब बोल रहे हो तो उन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया। एक लड़के ने मुझे कड़े से मारा। मारपीट होती देख तुरंत ऐंजल बीच बचाव करने पहुंचे, फिर उन्होंने मुझे छोड़ ऐंजल को बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। मैंने काफी कोशिश की उन्हें रोकने की लेकिन हम दोनों ही घिर चुके थे वो लगातार हम दोनों को ही मार रहे थे। पेट में चाकू मारा, गर्दन पर कड़े मारे ऐंजल चकमा के मामा कहते हैं- जब शुरुआत में लड़के कमेंट कर रहे थे तो माइकल ने बाइक से उतर उनसे कहा था की हम भी इंडियन हैं हमें चाइनीज क्यों बोल रहे हो। लेकिन उन्होंने एक नहीं सुनी। उस रात उन लड़कों ने दोनों को सिर्फ कड़ों से ही नहीं मारा बल्कि चाकू से भी ऐंजल के पेट में वार किया गया। वो लोग ऐंजल की गर्दन पर कडे से तब तक मारते रहे जब तक उसकी पूरी गर्दन फट नहीं गई। खून भी निकलता रहा लेकिन वो उसे बस पीटते ही रहे। गर्दन पर किए गए घातक वार के कारण ही जमा के सिर में खून जमा हो गया था। पहले लगा ठीक हो जाएगा लेकिन अचानक बंद हुई आवाज हमले के बाद ऐंजल और माइकल दोनों गंभीर हालत में ग्राफिक एरा अस्पताल पहुंचे। माइकल के सिर में हल्की चोट थी लेकिन ऐंजल को आईसीयू में भर्ती कर दिया गया। कई हफ्तों तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। ऐंजल के मामा बताते हैं कि की बीच में हमें लगा की वो ठीक हो जाएगा। लेकिन 24 दिसंबर की उसकी आवाज एकदम बंद हो गई। पहले वो बात करता था। दर्द में मारे रोता था लेकिन 24 को उसकी आवाज तक निकलनी बंद हो गई और 26 सुबह करीब 4 बजे उसने दम तोड़ दिया। ———- ये खबर भी पढ़ें… देहरादून में त्रिपुरा के छात्र को चाकुओं से गोदा, मौत:भाई बोला- चाइनीज-चिंकी कह रहे थे, विरोध किया तो पीटा, आरोपियों में मणिपुर का छात्र शामिल उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शराब के नशे में धुत युवकों ने बीच सड़क त्रिपुरा के एक छात्र को चाकुओं से गोद दिया। 17 दिन तक आईसीयू में चले इलाज के बाद शुक्रवार को एंजेल चकमा की मौत हो गई है। (पढ़ें पूरी खबर)