महाराष्ट्र के नवी मुंबई के कलांबोली की एक महिला ने अपनी 6 साल की बच्ची की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक महिला एक बेटा चाहती थी और बच्ची के मराठी जगह हिंदी बोलने पर नाराज थी। आरोपी ने हत्या को छिपाने के लिए बच्ची की मौत को हार्ट अटैक बताया। पुलिस ने बताया कि महिला का साइकेट्रिस्ट के पास भी इलाज चल रहा था। अधिकारियों ने मुताबिक महिला ने 23 दिसंबर को अपनी बेटी को मार डाला। लड़की की दादी भी उसी दिन घर आई थीं, लेकिन बच्ची से मिल न पाने के कारण चली गईं। 6 घंटे पूछताछ चली कलांबोली पुलिस को मौत संदिग्ध लगी इसलिए स्पेशल पोस्टमॉर्टम जांच का अनुरोध किया गया। शुरुआती रिपोर्ट में सांस की नली में रुकावट के संकेत मिले, जिसके बाद माता-पिता से पूछताछ की गई। छह घंटे की पूछताछ के बाद, महिला ने आखिरकार अपनी बेटी का गला घोंटने की बात कबूल कर ली। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 2017 में हुई थी शादी महिला की शादी 2017 में हुई थी, पति IT इंजीनियर हैं। शादी के दो साल बाद उसने एक बेटी को जन्म दिया था। अधिकारियों ने बताया कि लड़की को बचपन से ही बोलने में दिक्कत थी और वह ज्यादातर हिंदी बोलती थी। आरोपी ने पति से बार-बार कहती थी कि मुझे ऐसा बच्चा नहीं चाहिए, वह ठीक से नहीं बोलती, जिस पर पति ने उसे समझाने की कोशिश की थी। एक महीने पहले मराठी भाषा विवाद पर 19 साल के स्टूडेंट ने किया था सुसाइड महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 20 नवंबर को 19 साल के कॉलेज छात्र के सुसाइड मामले में उसके पिता ने पुलिस से शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उनके बेटे अर्नव ने भाषा विवाद के कारण अपनी जान दी है। पिता जितेंद्र खैरे ने आरोप लगाया है कि ट्रेन में मराठी न बोलने की बात पर हुई मारपीट और मानसिक तनाव के कारण अर्नव ने यह कदम उठाया। पूरी खबर पढ़ें… ————— ये खबर भी पढ़ें… बेटे ने सरकारी नौकरी के लिए पिता का मर्डर किया:हत्या के बाद पुलिस वाले का अंगूठा भी काटा; बोला- बहन को संपत्ति दे देते इसलिए मार डाला भोजपुर में हजारीबाग में पोस्टेड हवलदार पशुपतिनाथ तिवारी की 20 दिसंबर को हत्या हुई थी। 5 दिनों बाद पुलिस ने मर्डर का खुलासा कर दिया है। पशुपतिनाथ तिवारी की हत्या उनके बेटे ने अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी। वो एक महीने बाद रिटायर होने वाले थे। बेटे ने अनुकंपा पर नौकरी और पैसों की लालच में इस वारदात को अंजाम दिया। पूरी खबर पढ़ें…
महाराष्ट्र के नवी मुंबई के कलांबोली की एक महिला ने अपनी 6 साल की बच्ची की हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक महिला एक बेटा चाहती थी और बच्ची के मराठी जगह हिंदी बोलने पर नाराज थी। आरोपी ने हत्या को छिपाने के लिए बच्ची की मौत को हार्ट अटैक बताया। पुलिस ने बताया कि महिला का साइकेट्रिस्ट के पास भी इलाज चल रहा था। अधिकारियों ने मुताबिक महिला ने 23 दिसंबर को अपनी बेटी को मार डाला। लड़की की दादी भी उसी दिन घर आई थीं, लेकिन बच्ची से मिल न पाने के कारण चली गईं। 6 घंटे पूछताछ चली कलांबोली पुलिस को मौत संदिग्ध लगी इसलिए स्पेशल पोस्टमॉर्टम जांच का अनुरोध किया गया। शुरुआती रिपोर्ट में सांस की नली में रुकावट के संकेत मिले, जिसके बाद माता-पिता से पूछताछ की गई। छह घंटे की पूछताछ के बाद, महिला ने आखिरकार अपनी बेटी का गला घोंटने की बात कबूल कर ली। जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 2017 में हुई थी शादी महिला की शादी 2017 में हुई थी, पति IT इंजीनियर हैं। शादी के दो साल बाद उसने एक बेटी को जन्म दिया था। अधिकारियों ने बताया कि लड़की को बचपन से ही बोलने में दिक्कत थी और वह ज्यादातर हिंदी बोलती थी। आरोपी ने पति से बार-बार कहती थी कि मुझे ऐसा बच्चा नहीं चाहिए, वह ठीक से नहीं बोलती, जिस पर पति ने उसे समझाने की कोशिश की थी। एक महीने पहले मराठी भाषा विवाद पर 19 साल के स्टूडेंट ने किया था सुसाइड महाराष्ट्र के ठाणे जिले में 20 नवंबर को 19 साल के कॉलेज छात्र के सुसाइड मामले में उसके पिता ने पुलिस से शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने कहा था कि उनके बेटे अर्नव ने भाषा विवाद के कारण अपनी जान दी है। पिता जितेंद्र खैरे ने आरोप लगाया है कि ट्रेन में मराठी न बोलने की बात पर हुई मारपीट और मानसिक तनाव के कारण अर्नव ने यह कदम उठाया। पूरी खबर पढ़ें… ————— ये खबर भी पढ़ें… बेटे ने सरकारी नौकरी के लिए पिता का मर्डर किया:हत्या के बाद पुलिस वाले का अंगूठा भी काटा; बोला- बहन को संपत्ति दे देते इसलिए मार डाला भोजपुर में हजारीबाग में पोस्टेड हवलदार पशुपतिनाथ तिवारी की 20 दिसंबर को हत्या हुई थी। 5 दिनों बाद पुलिस ने मर्डर का खुलासा कर दिया है। पशुपतिनाथ तिवारी की हत्या उनके बेटे ने अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी। वो एक महीने बाद रिटायर होने वाले थे। बेटे ने अनुकंपा पर नौकरी और पैसों की लालच में इस वारदात को अंजाम दिया। पूरी खबर पढ़ें…