बिहार के जमुई में सीमेंट लदी एक मालगाड़ी अचानक डिरेल हो गई। आसनसोल की ओर से झाझा जा रही अपलाइन मालगाड़ी के कुल 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। इनमें से 10 डिब्बे रेलवे ब्रिज पर ही पलट गए, जबकि 5 डिब्बे नीचे बरुआ नदी में जा गिरी। हादसा पूर्व रेलवे के आसनसोल रेल मंडल अंतर्गत जसीडीह–झाझा रेलखंड पर शनिवार बरुआ नदी पर बने रेलवे ब्रिज संख्या 676 के पास रात करीब 11:40 बजे हुआ। हादसे के बाद पटना से हावड़ा जाने वाली रेल रूट करीब 10 घंटे से प्रभावित है। मुजफ्फरपुर से हावड़ा जाने वाली बाघ एक्सप्रेस को 16 स्टेशनों पर कैंसिल कर दिया गया है। 9 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है जबकि पटना-देवघर(63210) पैसेंजर को कैंसिल कर दिया गया है। 30 मिनट पहले इसी ट्रैक से पूर्वांचल एक्सप्रेस गुजरी थी। ये ट्रेन गोरखपुर से कोलकाता जाता है। आसपास के लोगों का कहना है, ‘अप लाइन से आ रही मालगाड़ी जैसे ही पुल के पास पहुंची, अचानक पटरी उखड़ गई। हादसे के बाद 3 डिब्बे सीधे बरुआ नदी में गिर गए, जबकि दो डिब्बे पुल पर लटकते रहे। करीब 6 से अधिक डिब्बे पटरी से उतर गए और एक-दूसरे पर चढ़ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अप लाइन की पटरी उखड़कर डाउन लाइन में जा सिमटी। हालांकि, रेलवे ने अभी कारणों का जिक्र नहीं किया है। बोगियों को पटरी से हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। हादसे की कुछ तस्वीरें देखिए…. बाघ एक्सप्रेस को 16 स्टेशनों पर कैंसिल कर दिया गया मालगाड़ी के डीरेल होते ही जसीडीह–किउल रेलखंड पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। अप और डाउन दोनों लाइनें पिछले 10 घंटे से ज्यादा देर तक प्रभावित हैं। इस रूट पर चलने वाली कई यात्री और मालगाड़ियां जसीडीह, सिमुलतला और आसपास के स्टेशनों पर रोक दी गईं। इस ट्रेन हादसे के बाद हावड़ा पटना और हावड़ा मुजफ्फरपुर रेल लाइन पर भी परिचालन प्रभावित हो गया है। रेलवे ट्रेनों को दूसरे रूट पर डायवर्ट कर रही है। इससे मुजफ्फरपुर से हावड़ा के लिए खुली 13020 बाघ एक्सप्रेस गाड़ी को बरौनी से ही रेलवे ने डायवर्ट कर दिया। इस बीच 16 स्टेशनों पर इस ट्रेन को रद्द कर दिया गया। जबकि, मुजफ्फरपुर आने वाली 13019 बाघ एक्सप्रेस अंडाल से किऊल के बीच रद्द किया गया। जिससे चित्तरंजन, मधुपुर, जसीडीह में सवार होने वाले यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई। वे पूरी रात इन स्टेशन पर ही अपना समय बिताए। खासकर जसीडीह में उत्तर बिहार के बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए है। यात्री ट्रेन होती तो भारी नुकसान हो सकता था आसनसोल मंडल की PRO विपुला बौरी ने बताया, ‘मालगाड़ी के डीरेल होने की सूचना मिलते ही कंट्रोल से राहत और बहाली काम के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। सभी रेलवे कर्मचारी बहाली कार्य में जुटे हुए हैं।’ PRO ने बताया कि हादसे के कारण फिलहाल अप और डाउन दोनों रूट प्रभावित हुए हैं। दुर्घटनाग्रस्त डिब्बों को हटाने के बाद ट्रैक की मरम्मत कर रेल परिचालन को जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। बता दे कि जिस तरीके से 15 डब्बे डिरेल हुआ हैं। रेलवे के कर्मचारियों को उसे हटाने में 8 से 10 घंटे जरूर लगेंगे। जिस कारण इसका असर रेल परिचालन पर पड़ेगा। सितंबर में भी बेपटरी हुई थी मालगाड़ी किऊल-जसीडीह रेलखंड पर सितंबर 2025 में भी मालगाड़ी बेपटरी हो गई थी। लखीसराय-किऊल के पास सीमेंट लदी मालगाड़ी के 3 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिससे डाउन लाइन प्रभावित हुई थी। दिसंबर 2024 में झाझा के पास एक मालगाड़ी के दो वेगन पटरी से उतर गए थे।
बिहार के जमुई में सीमेंट लदी एक मालगाड़ी अचानक डिरेल हो गई। आसनसोल की ओर से झाझा जा रही अपलाइन मालगाड़ी के कुल 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। इनमें से 10 डिब्बे रेलवे ब्रिज पर ही पलट गए, जबकि 5 डिब्बे नीचे बरुआ नदी में जा गिरी। हादसा पूर्व रेलवे के आसनसोल रेल मंडल अंतर्गत जसीडीह–झाझा रेलखंड पर शनिवार बरुआ नदी पर बने रेलवे ब्रिज संख्या 676 के पास रात करीब 11:40 बजे हुआ। हादसे के बाद पटना से हावड़ा जाने वाली रेल रूट करीब 10 घंटे से प्रभावित है। मुजफ्फरपुर से हावड़ा जाने वाली बाघ एक्सप्रेस को 16 स्टेशनों पर कैंसिल कर दिया गया है। 9 ट्रेनों को डायवर्ट किया गया है जबकि पटना-देवघर(63210) पैसेंजर को कैंसिल कर दिया गया है। 30 मिनट पहले इसी ट्रैक से पूर्वांचल एक्सप्रेस गुजरी थी। ये ट्रेन गोरखपुर से कोलकाता जाता है। आसपास के लोगों का कहना है, ‘अप लाइन से आ रही मालगाड़ी जैसे ही पुल के पास पहुंची, अचानक पटरी उखड़ गई। हादसे के बाद 3 डिब्बे सीधे बरुआ नदी में गिर गए, जबकि दो डिब्बे पुल पर लटकते रहे। करीब 6 से अधिक डिब्बे पटरी से उतर गए और एक-दूसरे पर चढ़ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अप लाइन की पटरी उखड़कर डाउन लाइन में जा सिमटी। हालांकि, रेलवे ने अभी कारणों का जिक्र नहीं किया है। बोगियों को पटरी से हटाने का काम तेजी से किया जा रहा है। हादसे की कुछ तस्वीरें देखिए…. बाघ एक्सप्रेस को 16 स्टेशनों पर कैंसिल कर दिया गया मालगाड़ी के डीरेल होते ही जसीडीह–किउल रेलखंड पर रेल परिचालन पूरी तरह ठप हो गया। अप और डाउन दोनों लाइनें पिछले 10 घंटे से ज्यादा देर तक प्रभावित हैं। इस रूट पर चलने वाली कई यात्री और मालगाड़ियां जसीडीह, सिमुलतला और आसपास के स्टेशनों पर रोक दी गईं। इस ट्रेन हादसे के बाद हावड़ा पटना और हावड़ा मुजफ्फरपुर रेल लाइन पर भी परिचालन प्रभावित हो गया है। रेलवे ट्रेनों को दूसरे रूट पर डायवर्ट कर रही है। इससे मुजफ्फरपुर से हावड़ा के लिए खुली 13020 बाघ एक्सप्रेस गाड़ी को बरौनी से ही रेलवे ने डायवर्ट कर दिया। इस बीच 16 स्टेशनों पर इस ट्रेन को रद्द कर दिया गया। जबकि, मुजफ्फरपुर आने वाली 13019 बाघ एक्सप्रेस अंडाल से किऊल के बीच रद्द किया गया। जिससे चित्तरंजन, मधुपुर, जसीडीह में सवार होने वाले यात्रियों की परेशानियां बढ़ गई। वे पूरी रात इन स्टेशन पर ही अपना समय बिताए। खासकर जसीडीह में उत्तर बिहार के बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए है। यात्री ट्रेन होती तो भारी नुकसान हो सकता था आसनसोल मंडल की PRO विपुला बौरी ने बताया, ‘मालगाड़ी के डीरेल होने की सूचना मिलते ही कंट्रोल से राहत और बहाली काम के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। सभी रेलवे कर्मचारी बहाली कार्य में जुटे हुए हैं।’ PRO ने बताया कि हादसे के कारण फिलहाल अप और डाउन दोनों रूट प्रभावित हुए हैं। दुर्घटनाग्रस्त डिब्बों को हटाने के बाद ट्रैक की मरम्मत कर रेल परिचालन को जल्द सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। बता दे कि जिस तरीके से 15 डब्बे डिरेल हुआ हैं। रेलवे के कर्मचारियों को उसे हटाने में 8 से 10 घंटे जरूर लगेंगे। जिस कारण इसका असर रेल परिचालन पर पड़ेगा। सितंबर में भी बेपटरी हुई थी मालगाड़ी किऊल-जसीडीह रेलखंड पर सितंबर 2025 में भी मालगाड़ी बेपटरी हो गई थी। लखीसराय-किऊल के पास सीमेंट लदी मालगाड़ी के 3 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिससे डाउन लाइन प्रभावित हुई थी। दिसंबर 2024 में झाझा के पास एक मालगाड़ी के दो वेगन पटरी से उतर गए थे।