पंजाब के फरीदकोट में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट शेरिल सोही की कोर्ट ने कोटकपूरा के एक कपड़ा कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस को बरी कर दिया है। जबकि, इसी केस में उसका करीबी साथी गोल्डी बराड़ अब भी भगौड़ा घोषित है। इन दोनों के खिलाफ 19 जुलाई 2021 में कोटकपूरा के कपड़ा कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने कोटकपूरा थाना सिटी में पुलिस को बताया था कि गोल्डी बराड़ ने वॉट्सऐप कॉल कर उससे 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी है। यह रंगदारी गैंगस्टर लॉरेंस के नाम पर मांगी गई। साथ ही मांग पूरी न करने पर कारोबारी को उसके परिवार सहित खत्म करने की धमकी दी गई थी। हालांकि, कोर्ट को इस केस में गैंगस्टर लॉरेंस की संलिप्तता के सबूत नहीं मिले, इसलिए उसे मामले में क्लीनचिट दे दी गई है। 2021 में दर्ज हुआ मामला
कोटकपूरा सिटी थाने में 19 जुलाई 2021 को दी गई शिकायत के अनुसार, 18 जुलाई 2021 को शास्त्री मार्केट में महिलाओं के कपड़े की दुकान चलाने वाले कारोबारी सुमित कुमार को फोन आया। यह कॉल वॉट्सऐप पर +12048185156 नंबर से आई थी। कॉलर ने अपना नाम गोल्डी बराड़ बताया था। कॉलर ने कपड़ा कारोबारी को बताया था कि उसके काला जठेड़ी, लॉरेंस और दूसरे गैंगस्टरों से अच्छे संबंध हैं। इसके बाद उसने कारोबारी से 50 लाख रुपए की डिमांड की। उसने कारोबारी को धमकाया कि अगर उसने पैसे ने नहीं दिए तो उसके पूरे परिवार को मार दिया जाएगा। कारोबारी ने बताया था कि यह कॉल उसे शाम को आई थी। इसके बाद उसे कई बार कॉल की गई और मैसेज भी भेजे। वह कह रहा था कि उसके भारत में काफी कनेक्शन हैं। पैसे लेने के लिए वह खुद नहीं आएगा। जब पैसे तैयार हो जाएं तो अपने आदमी को भेजेगा। 2022 को हुई लॉरेंस की गिरफ्तारी
केस दर्ज होने के बाद 10 अगस्त 2022 में गैंगस्टर लॉरेंस को इस केस में गिरफ्तार किया गया। वह एक केस के सिलसिले में उस समय पंजाब लाया गया था। तब फरीदकोट पुलिस ने लॉरेंस को इस मामले में गिरफ्तार कर फरीदकोट कोर्ट में पेश किया था। हालांकि, बाद में उसकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी होती रही, लेकिन कोर्ट को इस केस में लॉरेंस की संलिप्तता के सबूत नहीं मिले। इस संबंध में गैंगस्टर लॉरेंस के वकील अमित मित्तल ने बताया है कि इस केस में अदालत ने हमारी दलीलों से सहमत होते हुए गैंगस्टर लॉरेंस को बरी करने का आदेश दिया है। कौन है गैंगस्टर लॉरेंस
पंजाब में फाजिल्का जिले के गांव दतरावली में 12 फरवरी 1993 को लॉरेंस का जन्म हुआ था। उसके पिता पुलिस कॉन्स्टेबल थे। पुलिस रिकॉर्ड में लॉरेंस का नाम सतविंदर सिंह है। लॉरेंस बचपन से ही एक्टिव और स्पोर्टी था। वह कुश्ती लड़ता था, लेकिन उसके पिता का सपना था कि बेटा IAS ऑफिसर बने। अबोहर से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद लॉरेंस चंडीगढ़ चला गया। यहां उसने DAV कॉलेज में दाखिला लिया। धीरे-धीरे उसने छात्र राजनीति में दिलचस्पी लेनी शुरू की और यहीं उसकी दोस्ती गोल्डी बराड़ से हुई। इसके बाद लॉरेंस ने अवैध गतिविधियों में शामिल होना शुरू कर दिया। अब उस पर कई केस दर्ज हैं। इस समय वह गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी ली
गैंगस्टर ने NCP अजित गुट के नेता बाबा सिद्दीकी की मुंबई में हुई हत्या की भी जिम्मेदारी ली है। उसकी गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट कर लिखा है, ‘सलमान खान और दाऊद की मदद करने वालों को छोड़ेंगे नहीं।’ इस पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप और अनमोल बिश्नोई को हैशटैग किया गया था।
पंजाब के फरीदकोट में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट शेरिल सोही की कोर्ट ने कोटकपूरा के एक कपड़ा कारोबारी से 50 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में गैंगस्टर लॉरेंस को बरी कर दिया है। जबकि, इसी केस में उसका करीबी साथी गोल्डी बराड़ अब भी भगौड़ा घोषित है। इन दोनों के खिलाफ 19 जुलाई 2021 में कोटकपूरा के कपड़ा कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने कोटकपूरा थाना सिटी में पुलिस को बताया था कि गोल्डी बराड़ ने वॉट्सऐप कॉल कर उससे 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी है। यह रंगदारी गैंगस्टर लॉरेंस के नाम पर मांगी गई। साथ ही मांग पूरी न करने पर कारोबारी को उसके परिवार सहित खत्म करने की धमकी दी गई थी। हालांकि, कोर्ट को इस केस में गैंगस्टर लॉरेंस की संलिप्तता के सबूत नहीं मिले, इसलिए उसे मामले में क्लीनचिट दे दी गई है। 2021 में दर्ज हुआ मामला
कोटकपूरा सिटी थाने में 19 जुलाई 2021 को दी गई शिकायत के अनुसार, 18 जुलाई 2021 को शास्त्री मार्केट में महिलाओं के कपड़े की दुकान चलाने वाले कारोबारी सुमित कुमार को फोन आया। यह कॉल वॉट्सऐप पर +12048185156 नंबर से आई थी। कॉलर ने अपना नाम गोल्डी बराड़ बताया था। कॉलर ने कपड़ा कारोबारी को बताया था कि उसके काला जठेड़ी, लॉरेंस और दूसरे गैंगस्टरों से अच्छे संबंध हैं। इसके बाद उसने कारोबारी से 50 लाख रुपए की डिमांड की। उसने कारोबारी को धमकाया कि अगर उसने पैसे ने नहीं दिए तो उसके पूरे परिवार को मार दिया जाएगा। कारोबारी ने बताया था कि यह कॉल उसे शाम को आई थी। इसके बाद उसे कई बार कॉल की गई और मैसेज भी भेजे। वह कह रहा था कि उसके भारत में काफी कनेक्शन हैं। पैसे लेने के लिए वह खुद नहीं आएगा। जब पैसे तैयार हो जाएं तो अपने आदमी को भेजेगा। 2022 को हुई लॉरेंस की गिरफ्तारी
केस दर्ज होने के बाद 10 अगस्त 2022 में गैंगस्टर लॉरेंस को इस केस में गिरफ्तार किया गया। वह एक केस के सिलसिले में उस समय पंजाब लाया गया था। तब फरीदकोट पुलिस ने लॉरेंस को इस मामले में गिरफ्तार कर फरीदकोट कोर्ट में पेश किया था। हालांकि, बाद में उसकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेशी होती रही, लेकिन कोर्ट को इस केस में लॉरेंस की संलिप्तता के सबूत नहीं मिले। इस संबंध में गैंगस्टर लॉरेंस के वकील अमित मित्तल ने बताया है कि इस केस में अदालत ने हमारी दलीलों से सहमत होते हुए गैंगस्टर लॉरेंस को बरी करने का आदेश दिया है। कौन है गैंगस्टर लॉरेंस
पंजाब में फाजिल्का जिले के गांव दतरावली में 12 फरवरी 1993 को लॉरेंस का जन्म हुआ था। उसके पिता पुलिस कॉन्स्टेबल थे। पुलिस रिकॉर्ड में लॉरेंस का नाम सतविंदर सिंह है। लॉरेंस बचपन से ही एक्टिव और स्पोर्टी था। वह कुश्ती लड़ता था, लेकिन उसके पिता का सपना था कि बेटा IAS ऑफिसर बने। अबोहर से 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद लॉरेंस चंडीगढ़ चला गया। यहां उसने DAV कॉलेज में दाखिला लिया। धीरे-धीरे उसने छात्र राजनीति में दिलचस्पी लेनी शुरू की और यहीं उसकी दोस्ती गोल्डी बराड़ से हुई। इसके बाद लॉरेंस ने अवैध गतिविधियों में शामिल होना शुरू कर दिया। अब उस पर कई केस दर्ज हैं। इस समय वह गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। NCP नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी ली
गैंगस्टर ने NCP अजित गुट के नेता बाबा सिद्दीकी की मुंबई में हुई हत्या की भी जिम्मेदारी ली है। उसकी गैंग ने सोशल मीडिया पोस्ट कर लिखा है, ‘सलमान खान और दाऊद की मदद करने वालों को छोड़ेंगे नहीं।’ इस पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप और अनमोल बिश्नोई को हैशटैग किया गया था।