हिमाचल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आज (शनिवार को) दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में शामिल हुए। इंदिरा भवन में हुई CWC मीटिंग में कांग्रेसी नेताओं ने ‘जी राम जी बिल’ पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई। हिमाचल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी CWC में शामिल हुई। मनरेगा का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ करने के विरोध में कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरेगी। 5 जनवरी से देशभर में अभियान चलाया जाएगा।CWC के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- मोदी को गांधी सरनेम से दिक्कत है, इसलिए मनरेगा का नाम बदला गया। राहुल गांधी ने कहा- मनरेगा का नाम बदलने का फैसला कैबिनेट और राज्यों से बिना पूछे ही ये फैसला लिया गया है। मोदी वन मैन शो चल रहे है, मोदी जी जो करना चाहते हैं करते हैं। इसका पूरा फायदा 2-3 अरबतियों को मिल रहा है। इसका नुकसान ग्रामीण इलाकों को हो रहा है। राहुल ने कहा- मनरेगा सिर्फ योजना नहीं थी। मनरेगा राइट बेस्ड कॉन्सेप्ट था। यानी इससे देश के करोड़ों लोगों को मिनिमम वेज (न्यूनतम आय) मिलती थी। मनरेगा बंद करना डायरेक्ट राइट बेस्ड के कॉन्सेप्ट पर आक्रमण है। कानून का विरोध क्यों हो रहा UPA-काल के मनरेगा की जगह लेने वाला विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक शीतकालीन सत्र में पारित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इसे अपनी मंजूरी दे दी है। नया कानून ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। इस योजना की फंडिंग 60:40 प्रतिशत के अनुपात में होगी। मनरेगा में 90 प्रतिशत शेयर केंद्र सरकार देती थी। CWC के बाद हाईकमान से मुलाकात की सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू CWC के बाद हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इस दौरान जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर चर्चा की गई। सूत्र बताते हैं कि सीएम सुक्खू ने अपने खेमे के नेताओं को जिला अध्यक्ष लगाने की पैरवी की है।हालांकि, हाईकमान ने पहले ही ऑब्जर्वर से जिला अध्यक्ष के लिए रिपोर्ट दे रखी है। सूत्रों का कहना है कि हाईकमान इस बार जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में परफॉर्मेंस, सामाजिक समीकरण और गुटबाजी से दूरी जैसे पैमानों को प्राथमिकता दे सकता है।
हिमाचल सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू आज (शनिवार को) दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में शामिल हुए। इंदिरा भवन में हुई CWC मीटिंग में कांग्रेसी नेताओं ने ‘जी राम जी बिल’ पर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई। हिमाचल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और पूर्व अध्यक्ष प्रतिभा सिंह भी CWC में शामिल हुई। मनरेगा का नाम बदलकर ‘जी राम जी’ करने के विरोध में कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरेगी। 5 जनवरी से देशभर में अभियान चलाया जाएगा।CWC के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- मोदी को गांधी सरनेम से दिक्कत है, इसलिए मनरेगा का नाम बदला गया। राहुल गांधी ने कहा- मनरेगा का नाम बदलने का फैसला कैबिनेट और राज्यों से बिना पूछे ही ये फैसला लिया गया है। मोदी वन मैन शो चल रहे है, मोदी जी जो करना चाहते हैं करते हैं। इसका पूरा फायदा 2-3 अरबतियों को मिल रहा है। इसका नुकसान ग्रामीण इलाकों को हो रहा है। राहुल ने कहा- मनरेगा सिर्फ योजना नहीं थी। मनरेगा राइट बेस्ड कॉन्सेप्ट था। यानी इससे देश के करोड़ों लोगों को मिनिमम वेज (न्यूनतम आय) मिलती थी। मनरेगा बंद करना डायरेक्ट राइट बेस्ड के कॉन्सेप्ट पर आक्रमण है। कानून का विरोध क्यों हो रहा UPA-काल के मनरेगा की जगह लेने वाला विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक शीतकालीन सत्र में पारित किया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इसे अपनी मंजूरी दे दी है। नया कानून ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। इस योजना की फंडिंग 60:40 प्रतिशत के अनुपात में होगी। मनरेगा में 90 प्रतिशत शेयर केंद्र सरकार देती थी। CWC के बाद हाईकमान से मुलाकात की सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू CWC के बाद हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल और केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। इस दौरान जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर चर्चा की गई। सूत्र बताते हैं कि सीएम सुक्खू ने अपने खेमे के नेताओं को जिला अध्यक्ष लगाने की पैरवी की है।हालांकि, हाईकमान ने पहले ही ऑब्जर्वर से जिला अध्यक्ष के लिए रिपोर्ट दे रखी है। सूत्रों का कहना है कि हाईकमान इस बार जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में परफॉर्मेंस, सामाजिक समीकरण और गुटबाजी से दूरी जैसे पैमानों को प्राथमिकता दे सकता है।