रतलाम में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री डॉ. विजय शाह ने लाड़ली बहना योजना को लेकर मंच से ऐसा बयान दिया, जिसे खुले तौर पर दबाव और धमकी के तौर पर देखा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि सरकार अगर करोड़ों रुपए दे रही है, तो लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री का सम्मान करने आना चाहिए—और जो नहीं आएंगी, उनकी जांच पेंडिंग कर दी जाएगी। मंत्री ने पूछा- जिले में लाड़ली बहनें कितनी?
बैठक के दौरान मंत्री विजय शाह ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी से जिले में लाड़ली बहनों की संख्या पूछी। अधिकारी ने बताया कि जिले में करीब ढाई लाख लाड़ली बहनें हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री को दो साल हो गए हैं। ढाई लाख में से कम से कम 50 हजार तो सम्मान करने आना चाहिए।” ‘करोड़ों दे रहे हैं, तो धन्यवाद बनता है’
मंत्री ने मंच से कहा—“सरकार 1500 रुपए के हिसाब से करोड़ों रुपए दे रही है। तो दो साल में एक बार धन्यवाद तो बनता है। भोजन हम करा देंगे। जो नहीं आएंगी, फिर देखते हैं…”। इसके बाद मंत्री ने बेहद विवादास्पद बयान देते हुए कहा—“जिनके ढाई-ढाई सौ बढ़ रहे हैं, उनकी जांच करेंगे। किसी का आधार लिंक नहीं है तो जांच थोड़ी पेंडिंग कर देंगे। मतलब वो पेंडिंग हो ही जाएंगी। फिर सब आएंगी। मंत्री के बयान के बाद बैठक में मौजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि असहज नजर आए। पटवारी बोले- धमकी, कुंठित मानसिकता का प्रमाण
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- जिन लाड़ली बहनों का भाजपा को सम्मान करना चाहिए, वहां उन्हें भाजपा के लाड़ले मंत्री अपमानित कर रहे हैं। पहले देश की गौरव कर्नल सोफिया कुरैशी पर ओछी टिप्पणी और अब प्रदेश की माता बहनों को धमकी, यह भाजपा की कुंठित और महिला विरोधी मानसिकता का साफ प्रमाण है। प्रधानमंत्री जी, क्या आपकी पार्टी में महिला अपमान ही आगे बढ़ने का रास्ता बन चुका है। कांग्रेस ने की विजय शाह की बर्खास्तगी की मांग
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने शाह के बयान को लेकर कहा कि कर्नल सोफिया के बाद लाड़ली बहनों का अपमान किया गया। मंत्री शाह ने इसके पहले भी जब विवादित बयान दिया तो भाजपा ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। लाड़ली बहना का अभी हर महीने 1500 रुपए
मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना के तहत प्रदेश की करीब 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होती है। सरकार ने भाईदूज के मौके पर राशि में 250 रुपए की बढ़ोतरी की थी। इससे पहले लाभार्थी महिलाओं को 1250 रुपए प्रतिमाह मिलते थे। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सशक्तिकरण देना है। बैठक में दूसरा विवाद: अधिकारी की जगह मैकेनिक पहुंचा मंत्री बोले- “मजाक बना रखा है क्या? यहां से जाओ…
जिला सलाहकार समिति की बैठक में उस वक्त हंगामा हो गया, जब अक्षय ऊर्जा विभाग की ओर से प्रजेंटेशन देने के लिए एक मैकेनिक को भेज दिया गया। इस पर मंत्री विजय शाह नाराज हो गए। उन्होंने मैकेनिक से कहा— “मजाक बना रखा है क्या? मंत्री और विधायक बैठे हैं और मैकेनिक भेज दिया। यहां से जाओ, मेरे मुंह से अपशब्द निकल जाएंगे।” मंत्री ने इसे विभागीय अनुशासनहीनता बताते हुए अपने पीए को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखने के निर्देश दिए। वहीं, मैकेनिक संतोष तंवर ने सफाई दी कि वह विभागीय अधिकारी के निर्देश पर ही बैठक में आया था। बाद में मंत्री ने उसे धन्यवाद देकर बैठक से बाहर भेज दिया। मंत्री विजय शाह के पुराने विवादित बयान
मंत्री विजय शाह ने इंदौर के महू के रायकुंडा गांव आयोजित कार्यक्रम में भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक बयान दिया था। इसमें उन्होंने कहा- जिन लोगों ने हमारी बेटियों का सिंदूर उजाड़ा था, मोदी जी ने उन्हीं की बहन भेजकर उनकी ऐसी की तैसी करा दी। इसको लेकर उन्होंने माफी मांगी। सुप्रीम कोर्ट तक केस पहुंचा। 2013 विधानसभा चुनाव से पहले विजय शाह ने झाबुआ में एक कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह को लेकर अभद्र टिप्पणी कर दी थी। उस वक्त वे शिवराज सरकार में मंत्री थे। टिप्पणी पर विवाद बढ़ने के बाद उनसे पार्टी ने इस्तीफा ले लिया था। राहुल गांधी अविवाहित होने पर भी की थी टिप्पणी
सितंबर 2022 में विजय शाह ने राहुल गांधी के अविवाहित होने पर टिप्पणी की थी। उन्होंने खंडवा में एक सभा में कहा था 50-55 साल की उम्र होने पर भी शादी न हो तो लोग पूछने लगते हैं कि लड़के में कुछ कमी है क्या? विद्या बालन ने रात में मिलने से मना किया तो शूटिंग रुकवाई
नवंबर 2023 में बालाघाट में शूटिंग करने आई अभिनेत्री विद्या बालन से शाह ने रात में मिलने की इच्छा जाहिर की थी। इस पर विद्या बालन ने आपत्ति की थी। इसके बाद शाह ने वन विभाग के जरिए फिल्म की शूटिंग रुकवा दी। मामला राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा तो शाह और वन विभाग को बैकफुट पर आना पड़ा।
रतलाम में आयोजित जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में प्रभारी मंत्री डॉ. विजय शाह ने लाड़ली बहना योजना को लेकर मंच से ऐसा बयान दिया, जिसे खुले तौर पर दबाव और धमकी के तौर पर देखा जा रहा है। मंत्री ने कहा कि सरकार अगर करोड़ों रुपए दे रही है, तो लाड़ली बहनों को मुख्यमंत्री का सम्मान करने आना चाहिए—और जो नहीं आएंगी, उनकी जांच पेंडिंग कर दी जाएगी। मंत्री ने पूछा- जिले में लाड़ली बहनें कितनी?
बैठक के दौरान मंत्री विजय शाह ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी से जिले में लाड़ली बहनों की संख्या पूछी। अधिकारी ने बताया कि जिले में करीब ढाई लाख लाड़ली बहनें हैं। इस पर मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री को दो साल हो गए हैं। ढाई लाख में से कम से कम 50 हजार तो सम्मान करने आना चाहिए।” ‘करोड़ों दे रहे हैं, तो धन्यवाद बनता है’
मंत्री ने मंच से कहा—“सरकार 1500 रुपए के हिसाब से करोड़ों रुपए दे रही है। तो दो साल में एक बार धन्यवाद तो बनता है। भोजन हम करा देंगे। जो नहीं आएंगी, फिर देखते हैं…”। इसके बाद मंत्री ने बेहद विवादास्पद बयान देते हुए कहा—“जिनके ढाई-ढाई सौ बढ़ रहे हैं, उनकी जांच करेंगे। किसी का आधार लिंक नहीं है तो जांच थोड़ी पेंडिंग कर देंगे। मतलब वो पेंडिंग हो ही जाएंगी। फिर सब आएंगी। मंत्री के बयान के बाद बैठक में मौजूद अधिकारी और जनप्रतिनिधि असहज नजर आए। पटवारी बोले- धमकी, कुंठित मानसिकता का प्रमाण
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा- जिन लाड़ली बहनों का भाजपा को सम्मान करना चाहिए, वहां उन्हें भाजपा के लाड़ले मंत्री अपमानित कर रहे हैं। पहले देश की गौरव कर्नल सोफिया कुरैशी पर ओछी टिप्पणी और अब प्रदेश की माता बहनों को धमकी, यह भाजपा की कुंठित और महिला विरोधी मानसिकता का साफ प्रमाण है। प्रधानमंत्री जी, क्या आपकी पार्टी में महिला अपमान ही आगे बढ़ने का रास्ता बन चुका है। कांग्रेस ने की विजय शाह की बर्खास्तगी की मांग
कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने शाह के बयान को लेकर कहा कि कर्नल सोफिया के बाद लाड़ली बहनों का अपमान किया गया। मंत्री शाह ने इसके पहले भी जब विवादित बयान दिया तो भाजपा ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। लाड़ली बहना का अभी हर महीने 1500 रुपए
मध्यप्रदेश सरकार की लाड़ली बहना योजना के तहत प्रदेश की करीब 1.27 करोड़ लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। यह राशि डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर होती है। सरकार ने भाईदूज के मौके पर राशि में 250 रुपए की बढ़ोतरी की थी। इससे पहले लाभार्थी महिलाओं को 1250 रुपए प्रतिमाह मिलते थे। योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा और सशक्तिकरण देना है। बैठक में दूसरा विवाद: अधिकारी की जगह मैकेनिक पहुंचा मंत्री बोले- “मजाक बना रखा है क्या? यहां से जाओ…
जिला सलाहकार समिति की बैठक में उस वक्त हंगामा हो गया, जब अक्षय ऊर्जा विभाग की ओर से प्रजेंटेशन देने के लिए एक मैकेनिक को भेज दिया गया। इस पर मंत्री विजय शाह नाराज हो गए। उन्होंने मैकेनिक से कहा— “मजाक बना रखा है क्या? मंत्री और विधायक बैठे हैं और मैकेनिक भेज दिया। यहां से जाओ, मेरे मुंह से अपशब्द निकल जाएंगे।” मंत्री ने इसे विभागीय अनुशासनहीनता बताते हुए अपने पीए को मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को पत्र लिखने के निर्देश दिए। वहीं, मैकेनिक संतोष तंवर ने सफाई दी कि वह विभागीय अधिकारी के निर्देश पर ही बैठक में आया था। बाद में मंत्री ने उसे धन्यवाद देकर बैठक से बाहर भेज दिया। मंत्री विजय शाह के पुराने विवादित बयान
मंत्री विजय शाह ने इंदौर के महू के रायकुंडा गांव आयोजित कार्यक्रम में भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक बयान दिया था। इसमें उन्होंने कहा- जिन लोगों ने हमारी बेटियों का सिंदूर उजाड़ा था, मोदी जी ने उन्हीं की बहन भेजकर उनकी ऐसी की तैसी करा दी। इसको लेकर उन्होंने माफी मांगी। सुप्रीम कोर्ट तक केस पहुंचा। 2013 विधानसभा चुनाव से पहले विजय शाह ने झाबुआ में एक कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह को लेकर अभद्र टिप्पणी कर दी थी। उस वक्त वे शिवराज सरकार में मंत्री थे। टिप्पणी पर विवाद बढ़ने के बाद उनसे पार्टी ने इस्तीफा ले लिया था। राहुल गांधी अविवाहित होने पर भी की थी टिप्पणी
सितंबर 2022 में विजय शाह ने राहुल गांधी के अविवाहित होने पर टिप्पणी की थी। उन्होंने खंडवा में एक सभा में कहा था 50-55 साल की उम्र होने पर भी शादी न हो तो लोग पूछने लगते हैं कि लड़के में कुछ कमी है क्या? विद्या बालन ने रात में मिलने से मना किया तो शूटिंग रुकवाई
नवंबर 2023 में बालाघाट में शूटिंग करने आई अभिनेत्री विद्या बालन से शाह ने रात में मिलने की इच्छा जाहिर की थी। इस पर विद्या बालन ने आपत्ति की थी। इसके बाद शाह ने वन विभाग के जरिए फिल्म की शूटिंग रुकवा दी। मामला राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा तो शाह और वन विभाग को बैकफुट पर आना पड़ा।