यूपी के पूर्व IG अमिताभ ठाकुर को ट्रेन से उठा लिया गया। वह दिल्ली जा रहे थे। शाहजहांपुर में सादे कपड़ों में आधी रात कुछ लोग ट्रेन में घुसे और उन्हें अपने साथ ले गए। पहले खबर आई कि अमिताभ ठाकुर को किडनैप किया गया है। हालांकि, बाद में पत्नी नूतन ठाकुर को लखनऊ पुलिस ने कॉल किया। तब बताया गया- हमने उन्हें गिरफ्तार किया है। अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी का X अकाउंट भी सस्पेंड है। दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने दोनों का अकाउंट सस्पेंड करवाया है। पुलिस ने अमिताभ ठाकुर से 2 घंटे तक एक गुप्त जगह पर पूछताछ की। फिर उन्हें देवरिया में मेडिकल कराने ले जाया गया। यहां पत्रकारों से अमिताभ ठाकुर ने कहा- मेरी हत्या हो सकती है। मेरे खिलाफ अन्याय हो रहा। सरकार के इशारे पर सब हो रहा। मेडिकल के बाद पुलिस ने उन्हें बात नहीं करने दी और धकेलते हुए CJM कोर्ट ले गई। जहां से उन्हें 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया। अगली सुनवाई 23 दिसंबर को है। जिस मामले में पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार किया, वह 26 साल पुराना है। उस समय अमिताभ देवरिया के SP थे। आरोप है कि फर्जी डॉक्यूमेंट्स से उनकी पत्नी ने देवरिया के औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट लिया। बाद में उसे बेचकर मुनाफा कमाया। इस मामले में 3 महीने पहले लखनऊ में अमिताभ के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। जांच के लिए लखनऊ पुलिस ने SIT बनाई। पुलिस के मुताबिक, SIT ने देवरिया और बिहार में रिकॉर्ड की जांच की। गवाहों से पूछताछ और दस्तावेजों की पुष्टि की। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार किया गया। 2 तस्वीरें देखिए- पत्नी बोलीं- दिल्ली जा रहे थे, शाहजहांपुर में उठाया
पत्नी नूतन ठाकुर ने दैनिक भास्कर को बताया- अमिताभ दिल्ली जा रहे थे। ट्रेन शाहजहांपुर पहुंची थी। तभी कुछ लोग ट्रेन में आए और उन्हें उठा ले गए। मंगलवार रात 1.50 बजे की घटना थी। मैंने कॉल करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। उनका मोबाइल ऑन था। ऐसा लग रहा था, जैसे उनको कोई खींच रहा हो। फिर गाड़ी की आवाज आई। इसके बाद फोन बंद हो गया। मैंने रेलवे और RPF में शिकायत की। शाहजहांपुर SP को कॉल किया, लेकिन फोन नहीं उठा। बाद में PRO ने कहा- मैं पता करके बताता हूं। बुधवार सुबह 9.40 बजे लखनऊ तालकटोरा थाने से SHO ने कॉल की। उन्होंने बताया कि मेरे पति को देवरिया ले जाया जा रहा। ‘FIR जबरन दर्ज कराई, जल्द ही सबूत दूंगी’
नूतन ठाकुर ने कहा- 26 साल पुराना मामला सामान्य सिविल विवाद को अब जबरदस्ती आपराधिक केस में बदला जा रहा। यह FIR जबरन दर्ज कराई गई। मैं जल्द ही सबूत पेश कर खुद को निर्दोष साबित करूंगी। आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा लेकर राय दें- वो मामला पढ़िए, जिसमें पूर्व IG की गिरफ्तारी हुई कौन हैं अमिताभ ठाकुर? अमिताभ ठाकुर 1992 बैच के आईपीएस अफसर रहे हैं। बतौर ASP उनकी पहली पोस्टिंग गोरखपुर में हुई थी। उसके बाद उन्होंने बतौर SP पहली पोस्टिंग पिथौरागढ़ में मिली। फिर वे यूपी के कई जिलों में तैनात रहे। अमिताभ की पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर सोशल एक्टिविस्ट हैं। 23 मार्च, 2021 को गृह मंत्रालय ने अमिताभ ठाकुर को जबरन रिटायर कर दिया था। मुलायम सिंह के खिलाफ दर्ज कराया था केस
बात 10 जुलाई, 2015 की है। अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया था कि उन्हें मुलायम सिंह यादव ने फोन कर धमकाया और सुधर जाने की नसीहत दी। अमिताभ ने पूरी धमकी को रिकॉर्ड कर लिया था और बाद में वायरल कर दिया था। वायरल ऑडियो में मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि पिछली बार से ज्यादा बुरी गत बनाऊंगा। सुधर जाओ। इस संबंध में अमिताभ ने 24 सितंबर, 2015 को हजरतगंज कोतवाली में मुलायम के खिलाफ केस दर्ज कराया था। बाद में मुलायम सिंह ने स्वीकार किया था कि उन्होंने ही अमिताभ को फोन किया था, लेकिन धमकाने की मंशा नहीं थी। इसी वाकये के बाद अमिताभ पर रेप का आरोप लगा और उन्हें सस्पेंड भी होना पड़ा था। कांग्रेस बोली- आधी रात ट्रेन से उठवाना भाजपा की बौखलाहट
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की आधी रात चलती ट्रेन से गिरफ्तारी पर योगी सरकार पर तीखा प्रहार किया। राय ने इसे भाजपा की बौखलाहट और सत्ता के दुरुपयोग की मिसाल बताया। उन्होंने कहा, कफ सिरप माफिया पर उंगली उठाते ही भाजपा नेताओं के इशारे पर पुलिस ने यह कार्रवाई की, जो साबित करता है कि यूपी में कानून नहीं, भाजपा का जंगलराज चल रहा है। अजय राय ने सवाल उठाया- क्या अब भ्रष्टाचार, माफियाओं और मुख्यमंत्री के खास लोगों की पोल खोलने की सजा यही है? उठवा लो, धमका दो, आवाज दबा दो? उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार पुलिस को लोकतंत्र की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि भाजपा के भ्रष्टाचार और अपराध को ढकने के लिए ढाल की तरह इस्तेमाल कर रही है। राय ने कहा, यूपी डरा हुआ है, व्यवस्था खत्म हो चुकी है और सत्ता खुद अपराधियों का संरक्षण कर रही है।” कांग्रेस इस तानाशाही प्रवृत्ति के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को हाल ही में कफ सिरप माफिया मामले में सवाल उठाने के बाद गिरफ्तार किया गया, जिसे विपक्ष सत्ता की बदले की कार्रवाई बता रहा है। ———————– ये खबर भी पढ़ें- सुहागरात पर दूल्हा बोला- मैं कुछ कर नहीं सकता, दुल्हन ने तलाक के नोटिस में लिखा- धोखा दिया गोरखपुर में दुल्हन शादी के सिर्फ 3 दिन बाद मायके लौट गई। 4 दिन बाद पंचायत हुई और उसने तलाक का नोटिस भेज दिया। इसमें लिखा- मैं ऐसे व्यक्ति के साथ अपना जीवन नहीं जी सकती, जो शारीरिक रूप से अक्षम है। यह बात मुझे सुहागरात पर पता चली। पति ने मुझे खुद ही इस बारे में बताया है। पढ़ें पूरी खबर
यूपी के पूर्व IG अमिताभ ठाकुर को ट्रेन से उठा लिया गया। वह दिल्ली जा रहे थे। शाहजहांपुर में सादे कपड़ों में आधी रात कुछ लोग ट्रेन में घुसे और उन्हें अपने साथ ले गए। पहले खबर आई कि अमिताभ ठाकुर को किडनैप किया गया है। हालांकि, बाद में पत्नी नूतन ठाकुर को लखनऊ पुलिस ने कॉल किया। तब बताया गया- हमने उन्हें गिरफ्तार किया है। अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी का X अकाउंट भी सस्पेंड है। दावा किया जा रहा है कि पुलिस ने दोनों का अकाउंट सस्पेंड करवाया है। पुलिस ने अमिताभ ठाकुर से 2 घंटे तक एक गुप्त जगह पर पूछताछ की। फिर उन्हें देवरिया में मेडिकल कराने ले जाया गया। यहां पत्रकारों से अमिताभ ठाकुर ने कहा- मेरी हत्या हो सकती है। मेरे खिलाफ अन्याय हो रहा। सरकार के इशारे पर सब हो रहा। मेडिकल के बाद पुलिस ने उन्हें बात नहीं करने दी और धकेलते हुए CJM कोर्ट ले गई। जहां से उन्हें 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया। अगली सुनवाई 23 दिसंबर को है। जिस मामले में पुलिस ने अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार किया, वह 26 साल पुराना है। उस समय अमिताभ देवरिया के SP थे। आरोप है कि फर्जी डॉक्यूमेंट्स से उनकी पत्नी ने देवरिया के औद्योगिक क्षेत्र में प्लॉट लिया। बाद में उसे बेचकर मुनाफा कमाया। इस मामले में 3 महीने पहले लखनऊ में अमिताभ के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। जांच के लिए लखनऊ पुलिस ने SIT बनाई। पुलिस के मुताबिक, SIT ने देवरिया और बिहार में रिकॉर्ड की जांच की। गवाहों से पूछताछ और दस्तावेजों की पुष्टि की। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद अमिताभ ठाकुर को गिरफ्तार किया गया। 2 तस्वीरें देखिए- पत्नी बोलीं- दिल्ली जा रहे थे, शाहजहांपुर में उठाया
पत्नी नूतन ठाकुर ने दैनिक भास्कर को बताया- अमिताभ दिल्ली जा रहे थे। ट्रेन शाहजहांपुर पहुंची थी। तभी कुछ लोग ट्रेन में आए और उन्हें उठा ले गए। मंगलवार रात 1.50 बजे की घटना थी। मैंने कॉल करने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं हो पाई। उनका मोबाइल ऑन था। ऐसा लग रहा था, जैसे उनको कोई खींच रहा हो। फिर गाड़ी की आवाज आई। इसके बाद फोन बंद हो गया। मैंने रेलवे और RPF में शिकायत की। शाहजहांपुर SP को कॉल किया, लेकिन फोन नहीं उठा। बाद में PRO ने कहा- मैं पता करके बताता हूं। बुधवार सुबह 9.40 बजे लखनऊ तालकटोरा थाने से SHO ने कॉल की। उन्होंने बताया कि मेरे पति को देवरिया ले जाया जा रहा। ‘FIR जबरन दर्ज कराई, जल्द ही सबूत दूंगी’
नूतन ठाकुर ने कहा- 26 साल पुराना मामला सामान्य सिविल विवाद को अब जबरदस्ती आपराधिक केस में बदला जा रहा। यह FIR जबरन दर्ज कराई गई। मैं जल्द ही सबूत पेश कर खुद को निर्दोष साबित करूंगी। आगे बढ़ने से पहले पोल में हिस्सा लेकर राय दें- वो मामला पढ़िए, जिसमें पूर्व IG की गिरफ्तारी हुई कौन हैं अमिताभ ठाकुर? अमिताभ ठाकुर 1992 बैच के आईपीएस अफसर रहे हैं। बतौर ASP उनकी पहली पोस्टिंग गोरखपुर में हुई थी। उसके बाद उन्होंने बतौर SP पहली पोस्टिंग पिथौरागढ़ में मिली। फिर वे यूपी के कई जिलों में तैनात रहे। अमिताभ की पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर सोशल एक्टिविस्ट हैं। 23 मार्च, 2021 को गृह मंत्रालय ने अमिताभ ठाकुर को जबरन रिटायर कर दिया था। मुलायम सिंह के खिलाफ दर्ज कराया था केस
बात 10 जुलाई, 2015 की है। अमिताभ ठाकुर ने आरोप लगाया था कि उन्हें मुलायम सिंह यादव ने फोन कर धमकाया और सुधर जाने की नसीहत दी। अमिताभ ने पूरी धमकी को रिकॉर्ड कर लिया था और बाद में वायरल कर दिया था। वायरल ऑडियो में मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि पिछली बार से ज्यादा बुरी गत बनाऊंगा। सुधर जाओ। इस संबंध में अमिताभ ने 24 सितंबर, 2015 को हजरतगंज कोतवाली में मुलायम के खिलाफ केस दर्ज कराया था। बाद में मुलायम सिंह ने स्वीकार किया था कि उन्होंने ही अमिताभ को फोन किया था, लेकिन धमकाने की मंशा नहीं थी। इसी वाकये के बाद अमिताभ पर रेप का आरोप लगा और उन्हें सस्पेंड भी होना पड़ा था। कांग्रेस बोली- आधी रात ट्रेन से उठवाना भाजपा की बौखलाहट
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने पूर्व आईजी अमिताभ ठाकुर की आधी रात चलती ट्रेन से गिरफ्तारी पर योगी सरकार पर तीखा प्रहार किया। राय ने इसे भाजपा की बौखलाहट और सत्ता के दुरुपयोग की मिसाल बताया। उन्होंने कहा, कफ सिरप माफिया पर उंगली उठाते ही भाजपा नेताओं के इशारे पर पुलिस ने यह कार्रवाई की, जो साबित करता है कि यूपी में कानून नहीं, भाजपा का जंगलराज चल रहा है। अजय राय ने सवाल उठाया- क्या अब भ्रष्टाचार, माफियाओं और मुख्यमंत्री के खास लोगों की पोल खोलने की सजा यही है? उठवा लो, धमका दो, आवाज दबा दो? उन्होंने आरोप लगाया कि योगी सरकार पुलिस को लोकतंत्र की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि भाजपा के भ्रष्टाचार और अपराध को ढकने के लिए ढाल की तरह इस्तेमाल कर रही है। राय ने कहा, यूपी डरा हुआ है, व्यवस्था खत्म हो चुकी है और सत्ता खुद अपराधियों का संरक्षण कर रही है।” कांग्रेस इस तानाशाही प्रवृत्ति के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर को हाल ही में कफ सिरप माफिया मामले में सवाल उठाने के बाद गिरफ्तार किया गया, जिसे विपक्ष सत्ता की बदले की कार्रवाई बता रहा है। ———————– ये खबर भी पढ़ें- सुहागरात पर दूल्हा बोला- मैं कुछ कर नहीं सकता, दुल्हन ने तलाक के नोटिस में लिखा- धोखा दिया गोरखपुर में दुल्हन शादी के सिर्फ 3 दिन बाद मायके लौट गई। 4 दिन बाद पंचायत हुई और उसने तलाक का नोटिस भेज दिया। इसमें लिखा- मैं ऐसे व्यक्ति के साथ अपना जीवन नहीं जी सकती, जो शारीरिक रूप से अक्षम है। यह बात मुझे सुहागरात पर पता चली। पति ने मुझे खुद ही इस बारे में बताया है। पढ़ें पूरी खबर