दिल्ली ब्लास्ट से महीनों पहले फरीदाबाद के धौज और फतेहपुरा तगा में भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक जमा हुए। जम्मू-कश्मीर को लीड मिलने के बाद इनकी बरामदगी हुई। बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि लोकल इंटेलिजेंस कैसे फेल हो गई? इसके जवाब में फरीदाबाद पुलिस के डीसीपी हेडक्वार्टर अभिषेक जोरवाल का कहना है कि फर्टिलाइजर की खरीद करने के लिए कोई रोक-टोक नहीं है, तो पुलिस इसकी जांच कैसे कर पाती। दिल्ली ब्लास्ट के 10 दिन बाद फरीदाबाद पुलिस की एंट्री भी अब अल फलाह यूनिवर्सिटी के मामलों में हो चुकी है। फरीदाबाद पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। ACP क्राइम वरूण दहिया की अगुआई में SIT काम करेगी। इसमें DCP क्राइम मुकेश मल्होत्रा, तिगांव ACP अशोक वर्मा, DLF क्राइम ब्रांच प्रभारी रमेश और सेक्टर-30 क्राइम ब्रांच प्रभारी अनिल शामिल हैं। NIA और लोकल SIT गठित होने की अहम बातें… अल फलाह यूनिवर्सिटी की जांच में हेल्थ विभाग की एंट्री
दिल्ली ब्लास्ट के 10 दिन बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी में हेल्थ विभाग की एंट्री हो गई है। अभी तक केवल स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसी ही यहां पर पहुंच रही थी। शुक्रवार को फरीदाबाद हेल्थ विभाग की टीम अधिकारियों के साथ यूनिवर्सिटी के अस्पताल में जांच के लिए पहुंची। डिप्टी CMO डॉ सुशील अहलावत और डॉ रामभगत टीम के साथ अस्पताल में पहुंचे। टीम ने पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमेस्ट्री लैब की जांच की। अस्पताल की इन लैब में कौन से टेस्ट हो रहे हैं और उनका तरीका सही है या नहीं, इसकी जांच की गई। पीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउंड मशीन का रजिस्ट्रेशन हुआ है या नहीं, इसको लेकर भी जांच की। अस्पताल में रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या को लेकर जानकारी ली गई। हॉस्टल और कैंटीन में भी पहुंची टीम
अस्पताल में बनाए गए बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल में भी टीम पहुंची। जहां पर कमरों की साफ-सफाई और हॉस्टल व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। पानी के भी सैंपल लिए हैं। कैंटीन में फूड आइटम के सैंपल कलेक्ट किए। स्वास्थ्य विभाग इस रिपोर्ट को तैयार करने के बाद इसे जिला प्रशासन को सौंपेगा लोगों के गुस्से का शिकार बन रहे मीडियाकर्मी
आंतक के इस नेटवर्क में शामिल गांव धौज और फतेहपुर तगा के कई लोगों को जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया हुआ है। इन गांव में लगातार जांच एजेंसी पहुंच रही हैं। जिसके बाद अब स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूटने लगा है। इन गांव से यूनिवसिर्टी में काम करने वाले कई लोगों को हिरासत में रखा गया है। गांव धौज में जहां पर अमोनियम नाइट्रेट रिफाइन करने की मशीन को बरामद किया और एक टैक्सी ड्राइवर को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। वहीं गली में जब मीडिया कर्मचारी कवरेज कर रहे थे तो उनके साथ लोगों ने बदतमीजी की और कवरेज करने से भी रोका गया। यहां तक कि मीडिया कर्मचारी को धक्का दिया गया। एक मीडियाकर्मी के कैमरामैन का कैमरा भी तोड़ दिया गया। लोग बोले- डॉक्टरों ने गलत इस्तेमाल किया, पुलिस परेशान कर रही
लोगों का कहना है कि आंतक के इस नेटवर्क से उनके गांव के लोगों का कोई लेना-देना नहीं है। डॉक्टरों ने उनके लोगों का इस्तेमाल किया है। इन सबके आरोपी डॉ. मुजम्मिल और उसके साथी हैं। लेकिन अब पुलिस रात को भी उनके घरों के बाहर चक्कर लगा रही है। उनके गांव का नाम लगातार बदनाम किया जा रहा है। ————- ये खबर भी पढ़ें… कश्मीर में बनी दिल्ली ब्लास्ट की प्लानिंग, अल-फलाह यूनिवर्सिटी तैयारी और नूंह छिपने के लिए चुना दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले वाइट कॉलर फरीदाबाद मॉड्यूल की प्लानिंग बेहद खतरनाक थी। जांच एजेंसियों ने कश्मीर से लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी और नूंह के रास्ते दिल्ली में किए गए ब्लास्ट की पूरी साजिश क्रैक की है। फरीदाबाद मॉड्यूल के संपर्क में आए एक हजार से ज्यादा लोगों से पूछताछ के बाद नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को चौकाने वाली जानकारी मिली है। पूरी खबर पढ़ें…
दिल्ली ब्लास्ट से महीनों पहले फरीदाबाद के धौज और फतेहपुरा तगा में भारी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट जैसे विस्फोटक जमा हुए। जम्मू-कश्मीर को लीड मिलने के बाद इनकी बरामदगी हुई। बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि लोकल इंटेलिजेंस कैसे फेल हो गई? इसके जवाब में फरीदाबाद पुलिस के डीसीपी हेडक्वार्टर अभिषेक जोरवाल का कहना है कि फर्टिलाइजर की खरीद करने के लिए कोई रोक-टोक नहीं है, तो पुलिस इसकी जांच कैसे कर पाती। दिल्ली ब्लास्ट के 10 दिन बाद फरीदाबाद पुलिस की एंट्री भी अब अल फलाह यूनिवर्सिटी के मामलों में हो चुकी है। फरीदाबाद पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई गई है। ACP क्राइम वरूण दहिया की अगुआई में SIT काम करेगी। इसमें DCP क्राइम मुकेश मल्होत्रा, तिगांव ACP अशोक वर्मा, DLF क्राइम ब्रांच प्रभारी रमेश और सेक्टर-30 क्राइम ब्रांच प्रभारी अनिल शामिल हैं। NIA और लोकल SIT गठित होने की अहम बातें… अल फलाह यूनिवर्सिटी की जांच में हेल्थ विभाग की एंट्री
दिल्ली ब्लास्ट के 10 दिन बाद अल फलाह यूनिवर्सिटी में हेल्थ विभाग की एंट्री हो गई है। अभी तक केवल स्थानीय पुलिस और जांच एजेंसी ही यहां पर पहुंच रही थी। शुक्रवार को फरीदाबाद हेल्थ विभाग की टीम अधिकारियों के साथ यूनिवर्सिटी के अस्पताल में जांच के लिए पहुंची। डिप्टी CMO डॉ सुशील अहलावत और डॉ रामभगत टीम के साथ अस्पताल में पहुंचे। टीम ने पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमेस्ट्री लैब की जांच की। अस्पताल की इन लैब में कौन से टेस्ट हो रहे हैं और उनका तरीका सही है या नहीं, इसकी जांच की गई। पीएनडीटी एक्ट के तहत अल्ट्रासाउंड मशीन का रजिस्ट्रेशन हुआ है या नहीं, इसको लेकर भी जांच की। अस्पताल में रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या को लेकर जानकारी ली गई। हॉस्टल और कैंटीन में भी पहुंची टीम
अस्पताल में बनाए गए बॉयज और गर्ल्स हॉस्टल में भी टीम पहुंची। जहां पर कमरों की साफ-सफाई और हॉस्टल व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। पानी के भी सैंपल लिए हैं। कैंटीन में फूड आइटम के सैंपल कलेक्ट किए। स्वास्थ्य विभाग इस रिपोर्ट को तैयार करने के बाद इसे जिला प्रशासन को सौंपेगा लोगों के गुस्से का शिकार बन रहे मीडियाकर्मी
आंतक के इस नेटवर्क में शामिल गांव धौज और फतेहपुर तगा के कई लोगों को जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया हुआ है। इन गांव में लगातार जांच एजेंसी पहुंच रही हैं। जिसके बाद अब स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूटने लगा है। इन गांव से यूनिवसिर्टी में काम करने वाले कई लोगों को हिरासत में रखा गया है। गांव धौज में जहां पर अमोनियम नाइट्रेट रिफाइन करने की मशीन को बरामद किया और एक टैक्सी ड्राइवर को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। वहीं गली में जब मीडिया कर्मचारी कवरेज कर रहे थे तो उनके साथ लोगों ने बदतमीजी की और कवरेज करने से भी रोका गया। यहां तक कि मीडिया कर्मचारी को धक्का दिया गया। एक मीडियाकर्मी के कैमरामैन का कैमरा भी तोड़ दिया गया। लोग बोले- डॉक्टरों ने गलत इस्तेमाल किया, पुलिस परेशान कर रही
लोगों का कहना है कि आंतक के इस नेटवर्क से उनके गांव के लोगों का कोई लेना-देना नहीं है। डॉक्टरों ने उनके लोगों का इस्तेमाल किया है। इन सबके आरोपी डॉ. मुजम्मिल और उसके साथी हैं। लेकिन अब पुलिस रात को भी उनके घरों के बाहर चक्कर लगा रही है। उनके गांव का नाम लगातार बदनाम किया जा रहा है। ————- ये खबर भी पढ़ें… कश्मीर में बनी दिल्ली ब्लास्ट की प्लानिंग, अल-फलाह यूनिवर्सिटी तैयारी और नूंह छिपने के लिए चुना दिल्ली ब्लास्ट को अंजाम देने वाले वाइट कॉलर फरीदाबाद मॉड्यूल की प्लानिंग बेहद खतरनाक थी। जांच एजेंसियों ने कश्मीर से लेकर अल-फलाह यूनिवर्सिटी और नूंह के रास्ते दिल्ली में किए गए ब्लास्ट की पूरी साजिश क्रैक की है। फरीदाबाद मॉड्यूल के संपर्क में आए एक हजार से ज्यादा लोगों से पूछताछ के बाद नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) को चौकाने वाली जानकारी मिली है। पूरी खबर पढ़ें…