कांग्रेस हाईकमान ने उत्तराखंड में बड़े संगठनात्मक बदलाव करते हुए गणेश गोदियाल को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही पार्टी ने 27 नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की और दो नई समितियां बनाई हैं। प्रदेश संगठन ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को कांग्रेस प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इन दोनों नेताओं को आने वाले चुनावों में पार्टी की रणनीति और प्रचार अभियान को दिशा देने की जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि यह बदलाव संगठन सृजन अभियान का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने हर जिले में कार्यकर्ताओं से राय ली और वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद ये नियुक्तियां की गईं। इसका उद्देश्य कांग्रेस को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना और आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना है। दो बड़े नेताओं के जिम्मे आई दो नई समितियां… कांग्रेस ने संगठनात्मक बदलाव के तहत दो नई समितियां बनाई हैं। प्रीतम सिंह को कांग्रेस प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इस समिति की जिम्मेदारी पार्टी के प्रचार अभियान की रणनीति तय करना और संदेश को प्रभावी ढंग से आम जनता तक पहुंचाना होगा। वहीं, हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस समिति का काम विधानसभा चुनाव और अन्य चुनावों की तैयारियों का समन्वय करना और पार्टी संगठन को हर स्तर पर चुस्त बनाना होगा। अब गोदियाल का राजनीतिक सफर जानिए गणेश गोदियाल उत्तराखंड के प्रमुख कांग्रेस नेता हैं। उन्होंने 2002 में पहली बार थलीसैंण विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनने के बाद 2012 में श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने। 2017 में विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद वे पार्टी में सक्रिय रहे। 2019 में गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी भी रहे। 2021-22 में वे उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। गणेश गोदियाल का राजनीतिक सफर हमेशा बीजेपी के बड़े नेताओं के खिलाफ रहा है। उन्होंने 2002 में पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक और 2012 में शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत को हराया था। 587 वोटों से हारे, पार्टी ने इस्तीफा लिया 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान गोदियाल प्रदेश अध्यक्ष थे, उस दौरान कांग्रेस भले ही बहुमत तक नहीं पहुंच पाई लेकिन पार्टी ने 2017 में हुए चुनाव के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया था। पार्टी 11 सीटों से 19 सीटों पर पहुंची। गोदियाल खुद मात्र 587 वोटों के अंतर से हारे।
हालांकि प्रदेश में मिली हार के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। उस समय पार्टी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की थी कि सोनिया गांधी ने उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों से इस्तीफा देने को कहा है। जिसके बाद गोदियाल ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। लोकसभा में मौका मिला, हारे लेकिन वोट प्रतिशत बढ़ा 2024 में कांग्रेस ने गोदियाल को गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव में भी उतारा। हालांकि इस बार भी उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने वोट प्रतिशत में 8.92 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। भाजपा के अनिल बलूनी 58.60 प्रतिशत वोट लेकर विजयी रहे, जबकि गोदियाल ने 36.43 प्रतिशत वोट प्राप्त किए। इससे यह संकेत मिलता है कि गोदियाल का समर्थन बढ़ रहा है और पार्टी उनकी पकड़ पर भरोसा कर रही है। दोबारा अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता बने कांग्रेस हाईकमान ने गणेश गोदियाल को दूसरी बार उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब कांग्रेस ने उत्तराखंड में किसी नेता को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है। गणेश गोदियाल ही वही नेता हैं जो पिछली बार 22 जुलाई 2021 से 10 अप्रैल 2022 तक मात्र 262 दिन (लगभग 8 महीने और 18 दिन) प्रदेश अध्यक्ष रहे और सबसे कम समय तक इस पद पर रहे। इस रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें फिर से जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कांग्रेस हाईकमान ने उत्तराखंड में बड़े संगठनात्मक बदलाव करते हुए गणेश गोदियाल को प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। इसके साथ ही पार्टी ने 27 नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की और दो नई समितियां बनाई हैं। प्रदेश संगठन ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह को कांग्रेस प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इन दोनों नेताओं को आने वाले चुनावों में पार्टी की रणनीति और प्रचार अभियान को दिशा देने की जिम्मेदारी दी गई है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि यह बदलाव संगठन सृजन अभियान का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने हर जिले में कार्यकर्ताओं से राय ली और वरिष्ठ नेताओं के साथ विचार-विमर्श के बाद ये नियुक्तियां की गईं। इसका उद्देश्य कांग्रेस को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना और आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना है। दो बड़े नेताओं के जिम्मे आई दो नई समितियां… कांग्रेस ने संगठनात्मक बदलाव के तहत दो नई समितियां बनाई हैं। प्रीतम सिंह को कांग्रेस प्रचार अभियान समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इस समिति की जिम्मेदारी पार्टी के प्रचार अभियान की रणनीति तय करना और संदेश को प्रभावी ढंग से आम जनता तक पहुंचाना होगा। वहीं, हरक सिंह रावत को चुनाव प्रबंधन समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस समिति का काम विधानसभा चुनाव और अन्य चुनावों की तैयारियों का समन्वय करना और पार्टी संगठन को हर स्तर पर चुस्त बनाना होगा। अब गोदियाल का राजनीतिक सफर जानिए गणेश गोदियाल उत्तराखंड के प्रमुख कांग्रेस नेता हैं। उन्होंने 2002 में पहली बार थलीसैंण विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनने के बाद 2012 में श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने। 2017 में विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद वे पार्टी में सक्रिय रहे। 2019 में गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस प्रत्याशी भी रहे। 2021-22 में वे उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रहे। गणेश गोदियाल का राजनीतिक सफर हमेशा बीजेपी के बड़े नेताओं के खिलाफ रहा है। उन्होंने 2002 में पूर्व सीएम रमेश पोखरियाल निशंक और 2012 में शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत को हराया था। 587 वोटों से हारे, पार्टी ने इस्तीफा लिया 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान गोदियाल प्रदेश अध्यक्ष थे, उस दौरान कांग्रेस भले ही बहुमत तक नहीं पहुंच पाई लेकिन पार्टी ने 2017 में हुए चुनाव के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया था। पार्टी 11 सीटों से 19 सीटों पर पहुंची। गोदियाल खुद मात्र 587 वोटों के अंतर से हारे।
हालांकि प्रदेश में मिली हार के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। उस समय पार्टी महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा की थी कि सोनिया गांधी ने उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों से इस्तीफा देने को कहा है। जिसके बाद गोदियाल ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। लोकसभा में मौका मिला, हारे लेकिन वोट प्रतिशत बढ़ा 2024 में कांग्रेस ने गोदियाल को गढ़वाल संसदीय क्षेत्र से लोकसभा चुनाव में भी उतारा। हालांकि इस बार भी उन्हें जीत नहीं मिली, लेकिन उन्होंने वोट प्रतिशत में 8.92 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की। भाजपा के अनिल बलूनी 58.60 प्रतिशत वोट लेकर विजयी रहे, जबकि गोदियाल ने 36.43 प्रतिशत वोट प्राप्त किए। इससे यह संकेत मिलता है कि गोदियाल का समर्थन बढ़ रहा है और पार्टी उनकी पकड़ पर भरोसा कर रही है। दोबारा अध्यक्ष बनने वाले पहले नेता बने कांग्रेस हाईकमान ने गणेश गोदियाल को दूसरी बार उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब कांग्रेस ने उत्तराखंड में किसी नेता को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है। गणेश गोदियाल ही वही नेता हैं जो पिछली बार 22 जुलाई 2021 से 10 अप्रैल 2022 तक मात्र 262 दिन (लगभग 8 महीने और 18 दिन) प्रदेश अध्यक्ष रहे और सबसे कम समय तक इस पद पर रहे। इस रिकॉर्ड के बावजूद उन्हें फिर से जिम्मेदारी सौंपी गई है।