देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन जीत के बाद आज पहली बार वाराणसी पहुंचे। उन्होंने कहा- मैं लगभग 25 साल पहले काशी महानगरी आया था। तब मैं मांसाहारी था। 2000 वर्ष में मैं मांस खाता था। यहां पर गंगा मइया में स्नान करने के बाद मैं शाकाहारी बन गया। उन्होंने कहा- धर्म को कुछ समय के लिए संकट हो सकता है, पर वह निरंतर नहीं है। इसका साक्षीभूत है ये इमारत। कितनी संकटों का सामना करना पड़ा आपको, फिर भी आज धर्म की जीत हुई है। इससे पहले उनका लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति सिगरा पहुंचे। जहां उन्होंने नाटकोटक्षेत्रम की नट्टुकोट्टई धर्मशाला का उद्घाटन किया। यहां से वह श्रीकाशी विश्वनाथ धाम जाएंगे। गर्भगृह में बाबा विश्वनाथ का अभिषेक करेंगे और षोडशोपचार विधि से पूजन करेंगे। बाबा विश्वनाथ का विधि-विधान से दर्शन-पूजन करने के बाद वापस बाबतपुर एयरपोर्ट से दिल्ली लौट जाएंगे। उप राष्ट्रपति काशी दौरे पर त्रिस्तरीय अभेद सुरक्षा है। सीआरपीएफ के कमांडो, जवान तैनात हैं। रूफटॉप सिक्योरिटी के अलावा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी हो रही है। उनकी सुरक्षा में सीआरपीएफ के 100 से अधिक जवान और कमांडो समेत 2000 पुलिसकर्मी तैनात हैं। 4 तस्वीरें देखिए…. सीएम योगी करीब 3 घंटे काशी में रहेंगे
उप राष्ट्रपति का काशी प्रवास के दौरान स्वागत करने के लिए मुख्यमंत्री नोएडा से शाम चार बजे के करीब काशी के एयरपोर्ट पहुंचे। वह तीन घंटे से अधिक काशी में रहेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री भी लखनऊ चले जाएंगे। बता दें कि काशी में हनुमान घाट, केदार घाट समेत अन्य जगहों पर करीब 50 हजार से ज्यादा दक्षिण भारतीय काशी में हजारों साल से निवास कर रहे हैं। शास्त्रों में वर्णन है कि भगवान विश्वेश्वर की आज्ञा से अगस्त्य मुनि दक्षिण गए। काशी व तमिल का अटूट संबंध 2300 वर्ष से भी पूर्व का मिलता है। तमिलों के 63 शैव संतों में एक श्रीअप्पर स्वामी कैलाश यात्रा पर काशी होते गए। उन्होंने काशी, विश्वनाथ व गंगा के बारे में लिखा भी है। धर्मशाला के उद्घाटन से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन जीत के बाद आज पहली बार वाराणसी पहुंचे। उन्होंने कहा- मैं लगभग 25 साल पहले काशी महानगरी आया था। तब मैं मांसाहारी था। 2000 वर्ष में मैं मांस खाता था। यहां पर गंगा मइया में स्नान करने के बाद मैं शाकाहारी बन गया। उन्होंने कहा- धर्म को कुछ समय के लिए संकट हो सकता है, पर वह निरंतर नहीं है। इसका साक्षीभूत है ये इमारत। कितनी संकटों का सामना करना पड़ा आपको, फिर भी आज धर्म की जीत हुई है। इससे पहले उनका लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उपराष्ट्रपति सिगरा पहुंचे। जहां उन्होंने नाटकोटक्षेत्रम की नट्टुकोट्टई धर्मशाला का उद्घाटन किया। यहां से वह श्रीकाशी विश्वनाथ धाम जाएंगे। गर्भगृह में बाबा विश्वनाथ का अभिषेक करेंगे और षोडशोपचार विधि से पूजन करेंगे। बाबा विश्वनाथ का विधि-विधान से दर्शन-पूजन करने के बाद वापस बाबतपुर एयरपोर्ट से दिल्ली लौट जाएंगे। उप राष्ट्रपति काशी दौरे पर त्रिस्तरीय अभेद सुरक्षा है। सीआरपीएफ के कमांडो, जवान तैनात हैं। रूफटॉप सिक्योरिटी के अलावा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से निगरानी हो रही है। उनकी सुरक्षा में सीआरपीएफ के 100 से अधिक जवान और कमांडो समेत 2000 पुलिसकर्मी तैनात हैं। 4 तस्वीरें देखिए…. सीएम योगी करीब 3 घंटे काशी में रहेंगे
उप राष्ट्रपति का काशी प्रवास के दौरान स्वागत करने के लिए मुख्यमंत्री नोएडा से शाम चार बजे के करीब काशी के एयरपोर्ट पहुंचे। वह तीन घंटे से अधिक काशी में रहेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री भी लखनऊ चले जाएंगे। बता दें कि काशी में हनुमान घाट, केदार घाट समेत अन्य जगहों पर करीब 50 हजार से ज्यादा दक्षिण भारतीय काशी में हजारों साल से निवास कर रहे हैं। शास्त्रों में वर्णन है कि भगवान विश्वेश्वर की आज्ञा से अगस्त्य मुनि दक्षिण गए। काशी व तमिल का अटूट संबंध 2300 वर्ष से भी पूर्व का मिलता है। तमिलों के 63 शैव संतों में एक श्रीअप्पर स्वामी कैलाश यात्रा पर काशी होते गए। उन्होंने काशी, विश्वनाथ व गंगा के बारे में लिखा भी है। धर्मशाला के उद्घाटन से जुड़ी पल-पल की अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…