जैसलमेर के एक रिसोर्ट की टेंट सिटी में आग लग गई। हादसे के दौरान टूरिस्ट म्यूजिक प्रोग्राम देख रहे थे, इस कारण टेंट में कोई नहीं था। आग फैली तो 50 मीटर दूर हो रहे कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई। हादसा गुरुवार रात करीब 9 बजे सम सैंड ड्यून्स के जैन रिसोर्ट में ये हुआ। मिनटों में ही सिटी के 5 लग्जरी टेंट पूरी तरह जल गए। रिसोर्ट के स्टाफ व टूरिस्ट ने रेत डालकर आग को बुझाया। मौके पर न तो एंबुलेंस पहुंची और न जिला प्रशासन की सिविल डिफेंस टीम। 50 मीटर दूर बैठे थे सभी टूरिस्ट SHO बगडूराम ने बताया- रिसोर्ट परिसर में एक म्यूजिक और कल्चरल कार्यक्रम चल रहा था। उसी दौरान एक टेंट में अचानक आग की लपटें उठीं। तेज हवा के कारण आग ने देखते ही देखते आसपास के टेंट को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि कुछ ही मिनटों में 5 टेंट पूरी तरह जल गए। करीब 30 मिनट बाद आग पर काबू पाया जा सका। अब देखिए- हादसे से जुड़े PHOTOS… प्रशासन पर लापरवाही के आरोप आग को बुझाने के बाद आसपास के टेंट में रह रहे सैलानियों को अन्य टेंट में शिफ्ट किया गया। ये सभी लोग महाराष्ट्र से आए थे।हादसे के दौरान आग वाले एरिया में करीब 50 टूरिस्ट थे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगरपरिषद पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।SHO बगडूराम ने बताया- वैसे तो हमेशा फायर ब्रिगेड यहां रहती है मगर जिस समय आग लगी उस समय फायर ब्रिगेड मौके पर मौजूद नहीं थी। शाम के समय होता है राजस्थानी लोक संगीत का कार्यक्रम जैसलमेर के सम स्थित रिसोर्ट में गेस्ट शाम 4 बजे चेक इन कर सकते हैं। इसके बाद सभी गेस्ट को कैमल व जीप सफारी करवाई जाती है। सफारी से लौटने के बाद शाम को 7 बजे हर रिसोर्ट परिसर में टेंटों के बीच बने स्टेज पर सांस्कृतिक कार्यक्रम दिखाया जाता है। जिसमें राजस्थानी लोक कलाकार लोक गीत गाते हैं, साथ ही कालबेलिया डांसर भी अपना डांस दिखाती है। ये कार्यक्रम रात 10 बजे तक चलता है। हादसे के समय करीब 9 बज रहे थे, तब सभी सैलानी कार्यक्रम में ही थे। इसलिए बड़ा हादसा टल गया। पहले भी कई बार आग लगी जैसलमेर में पर्यटन सीजन की शुरुआत हो गई है। सम में हजारों की संख्या में टूरिस्ट पहुंचे हुए हैं, लेकिन सुरक्षा सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सम क्षेत्र पहले भी कई बार रिसोर्ट्स और टेंट में शॉर्ट सर्किट या असावधानी से आग लग चुकी है। हर बार प्रशासन सिर्फ आश्वासन देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल देता है। सर्दियों में तैयार होती है टेंट सिटी सम में सर्दियों के दौरान टेंट सिटी बनाई जाती है। कनोई गांव से लेकर सम गांव तक करीब 10 किमी एरिया में 150 से ज्यादा लग्जरी रिसॉर्ट बने हैं। किसी रिसॉर्ट में 20 टेंट है। कोई 100 टेंट के साथ रिसॉर्ट चला रहा है। दीपावली के आसपास यहां सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ती है। सैलानियों की भीड़ जनवरी तक, यानी जब तक ठंड है तब तक रहती है। ये टेंट काफी लग्जरी होते हैं। …. जैसलमेर में अग्निकांड…ये खबर भी पढ़िए जैसलमेर बस अग्निकांड में खुलासा:पटाखे नहीं थे हादसे की वजह, जानें- किस कारण गई 25 से ज्यादा जान जैसलमेर बस अग्निकांड की FSL रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अक्टूबर को बस में आग एसी की खराब वायरिंग में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। पूरी खबर पढ़िए…
जैसलमेर के एक रिसोर्ट की टेंट सिटी में आग लग गई। हादसे के दौरान टूरिस्ट म्यूजिक प्रोग्राम देख रहे थे, इस कारण टेंट में कोई नहीं था। आग फैली तो 50 मीटर दूर हो रहे कार्यक्रम में अफरा-तफरी मच गई। हादसा गुरुवार रात करीब 9 बजे सम सैंड ड्यून्स के जैन रिसोर्ट में ये हुआ। मिनटों में ही सिटी के 5 लग्जरी टेंट पूरी तरह जल गए। रिसोर्ट के स्टाफ व टूरिस्ट ने रेत डालकर आग को बुझाया। मौके पर न तो एंबुलेंस पहुंची और न जिला प्रशासन की सिविल डिफेंस टीम। 50 मीटर दूर बैठे थे सभी टूरिस्ट SHO बगडूराम ने बताया- रिसोर्ट परिसर में एक म्यूजिक और कल्चरल कार्यक्रम चल रहा था। उसी दौरान एक टेंट में अचानक आग की लपटें उठीं। तेज हवा के कारण आग ने देखते ही देखते आसपास के टेंट को भी अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि कुछ ही मिनटों में 5 टेंट पूरी तरह जल गए। करीब 30 मिनट बाद आग पर काबू पाया जा सका। अब देखिए- हादसे से जुड़े PHOTOS… प्रशासन पर लापरवाही के आरोप आग को बुझाने के बाद आसपास के टेंट में रह रहे सैलानियों को अन्य टेंट में शिफ्ट किया गया। ये सभी लोग महाराष्ट्र से आए थे।हादसे के दौरान आग वाले एरिया में करीब 50 टूरिस्ट थे। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और नगरपरिषद पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता था।SHO बगडूराम ने बताया- वैसे तो हमेशा फायर ब्रिगेड यहां रहती है मगर जिस समय आग लगी उस समय फायर ब्रिगेड मौके पर मौजूद नहीं थी। शाम के समय होता है राजस्थानी लोक संगीत का कार्यक्रम जैसलमेर के सम स्थित रिसोर्ट में गेस्ट शाम 4 बजे चेक इन कर सकते हैं। इसके बाद सभी गेस्ट को कैमल व जीप सफारी करवाई जाती है। सफारी से लौटने के बाद शाम को 7 बजे हर रिसोर्ट परिसर में टेंटों के बीच बने स्टेज पर सांस्कृतिक कार्यक्रम दिखाया जाता है। जिसमें राजस्थानी लोक कलाकार लोक गीत गाते हैं, साथ ही कालबेलिया डांसर भी अपना डांस दिखाती है। ये कार्यक्रम रात 10 बजे तक चलता है। हादसे के समय करीब 9 बज रहे थे, तब सभी सैलानी कार्यक्रम में ही थे। इसलिए बड़ा हादसा टल गया। पहले भी कई बार आग लगी जैसलमेर में पर्यटन सीजन की शुरुआत हो गई है। सम में हजारों की संख्या में टूरिस्ट पहुंचे हुए हैं, लेकिन सुरक्षा सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सम क्षेत्र पहले भी कई बार रिसोर्ट्स और टेंट में शॉर्ट सर्किट या असावधानी से आग लग चुकी है। हर बार प्रशासन सिर्फ आश्वासन देकर मामला ठंडे बस्ते में डाल देता है। सर्दियों में तैयार होती है टेंट सिटी सम में सर्दियों के दौरान टेंट सिटी बनाई जाती है। कनोई गांव से लेकर सम गांव तक करीब 10 किमी एरिया में 150 से ज्यादा लग्जरी रिसॉर्ट बने हैं। किसी रिसॉर्ट में 20 टेंट है। कोई 100 टेंट के साथ रिसॉर्ट चला रहा है। दीपावली के आसपास यहां सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ती है। सैलानियों की भीड़ जनवरी तक, यानी जब तक ठंड है तब तक रहती है। ये टेंट काफी लग्जरी होते हैं। …. जैसलमेर में अग्निकांड…ये खबर भी पढ़िए जैसलमेर बस अग्निकांड में खुलासा:पटाखे नहीं थे हादसे की वजह, जानें- किस कारण गई 25 से ज्यादा जान जैसलमेर बस अग्निकांड की FSL रिपोर्ट में कई अहम खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अक्टूबर को बस में आग एसी की खराब वायरिंग में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी। पूरी खबर पढ़िए…