तमिलनाडु के नगर प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग (MAWS) में करीब 888 करोड़ के कैश फॉर जॉब का मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दावा किया है कि सरकारी नौकरियों के लिए उम्मीदवारों से 25 से 35 लाख रुपए तक की रिश्वत ली गई। ED के मुताबिक, राज्य सरकार ने इस डिपार्टमेंट में इंजीनियर से लेकर अधिकारी तक 2538 कैंडिडेट्स की भर्ती की थी। जांच में पता चला कि इन नियुक्तियों में बड़े स्तर पर रिश्वतखोरी हुई और राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों ने मिलकर नौकरी के बदले कैश लिया है। एजेंसी ने मामले में राज्य पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। एजेंसी ने पुलिस को एक लेटर लिखकर अपने पास मौजूद सबूत जैसे डॉक्यूमेंट्स, फोटो और वॉट्सएप चैट्स सौंपे हैं। ये भर्तियां अगस्त 2025 में की गई थीं और नियुक्ति पत्र खुद सीएम एमके स्टालिन ने 6 अगस्त को सौंपे थे। दरअसल, ED बैंक धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रही थी। यह जांच सबसे पहले सीबीआई ने अप्रैल में शुरू की थी। उसी दौरान ईडी को भ्रष्टाचार और सिलेक्शन प्रोसेस में गड़बड़ी से जुड़े सबूत मिले। कैश में ली गई रिश्वत ED ने लगभग 150 उम्मीदवारों की लिस्ट पुलिस के साथ शेयर की है, जिन्होंने कथित तौर पर नौकरी पाने के लिए रिश्वत दी थी। यह पैसा कैश में लिया गया और बाद में हवाला नेटवर्क के जरिए लोगों के अकाउंट्स में भेजा गया। रिपोर्ट में उम्मीदवारों की फर्जी मेरिट की जानकारी भी दी गई है। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा अन्ना यूनिवर्सिटी ने कराई थी। कुछ प्रभावशाली राजनीतिक लोगों और उनके करीबियों ने इसमें हस्तक्षेप कर कम से कम 150 उम्मीदवारों को फर्जी तरीके से पास करवाया। ED ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66 के तहत यह जानकारी पुलिस को दी है। इस धारा के तहत एजेंसी किसी प्राथमिक जांच एजेंसी (जैसे पुलिस) को सबूत सौंप सकती है ताकि पुलिस FIR दर्ज करे और फिर ED मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर सके। CM स्टालिन ने सौंपे थे नियुक्ति पत्र भर्ती प्रक्रिया जनवरी 2024 में शुरू हुई थी। इसमें करीब 1.12 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। पदों में असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर, टाउन प्लानिंग ऑफिसर और सेनेटरी इंस्पेक्टर के पद शामिल थे। इस भर्ती के नियुक्ति पत्र सीएम एमके स्टालिन ने अगस्त 2025 में सौंपे थे। BJP ने CBI जांच की मांग की MAWS मिनिस्टर केएन नेहरू ने ED के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ED के इस केस को उठाने के पीछे राजनीतिक मकसद है। उन्होंने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया ट्रांसपेरेंट और फेयर थी। कैंडिडेट्स ने कोई आपत्ति नहीं जताई है। नेहरू ने कहा- एक पुराने बैंक केस को सुलझाने में नाकाम रहने के बाद, यह ED की द्रविड़ मॉडल सरकार को बदनाम करने की नई कोशिश है। MAWS डिपार्टमेंट मामले में सभी कानूनी ऑप्शन का इस्तेमाल करेगा। भाजपा नेता अन्नामलाई ने बुधवार को कहा कि डीएमके सरकार अब भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में एक के बाद एक घोटालों की बाढ़ आ रही है। MAWS की भर्ती में रिश्वत लेकर नौकरी दी गई। हजारों मेहनती युवाओं के सपने कुचल दिए गए। उन्होंने कहा कि इस मामले की ज्यूडिशियरी की निगरानी में CBI जांच कराई जाए। सरकारी नौकरियों की नीलामी और पब्लिक रिसोर्स को लूटने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए। —————————- ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में फर्जी इरिडियम की डीलिंग में 27 लोग गिरफ्तार, करोड़ों का लेन देन कर रहे थे तमिलनाडु पुलिस की क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CBCID) ने एक बड़े वित्तीय घोटाले का भंडाफोड़ करते हुए शनिवार को 27 लोगों को गिरफ्तार किया। ये सभी लोग कई करोड़ के इरिडियम स्कैम में शामिल थे, जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नाम लेकर आम लोगों से ठगी की जा रही थी। पूरी खबर पढ़ें…
तमिलनाडु के नगर प्रशासन और जल आपूर्ति विभाग (MAWS) में करीब 888 करोड़ के कैश फॉर जॉब का मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दावा किया है कि सरकारी नौकरियों के लिए उम्मीदवारों से 25 से 35 लाख रुपए तक की रिश्वत ली गई। ED के मुताबिक, राज्य सरकार ने इस डिपार्टमेंट में इंजीनियर से लेकर अधिकारी तक 2538 कैंडिडेट्स की भर्ती की थी। जांच में पता चला कि इन नियुक्तियों में बड़े स्तर पर रिश्वतखोरी हुई और राजनेताओं और सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों ने मिलकर नौकरी के बदले कैश लिया है। एजेंसी ने मामले में राज्य पुलिस से एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। एजेंसी ने पुलिस को एक लेटर लिखकर अपने पास मौजूद सबूत जैसे डॉक्यूमेंट्स, फोटो और वॉट्सएप चैट्स सौंपे हैं। ये भर्तियां अगस्त 2025 में की गई थीं और नियुक्ति पत्र खुद सीएम एमके स्टालिन ने 6 अगस्त को सौंपे थे। दरअसल, ED बैंक धोखाधड़ी के मामले की जांच कर रही थी। यह जांच सबसे पहले सीबीआई ने अप्रैल में शुरू की थी। उसी दौरान ईडी को भ्रष्टाचार और सिलेक्शन प्रोसेस में गड़बड़ी से जुड़े सबूत मिले। कैश में ली गई रिश्वत ED ने लगभग 150 उम्मीदवारों की लिस्ट पुलिस के साथ शेयर की है, जिन्होंने कथित तौर पर नौकरी पाने के लिए रिश्वत दी थी। यह पैसा कैश में लिया गया और बाद में हवाला नेटवर्क के जरिए लोगों के अकाउंट्स में भेजा गया। रिपोर्ट में उम्मीदवारों की फर्जी मेरिट की जानकारी भी दी गई है। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा अन्ना यूनिवर्सिटी ने कराई थी। कुछ प्रभावशाली राजनीतिक लोगों और उनके करीबियों ने इसमें हस्तक्षेप कर कम से कम 150 उम्मीदवारों को फर्जी तरीके से पास करवाया। ED ने धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 66 के तहत यह जानकारी पुलिस को दी है। इस धारा के तहत एजेंसी किसी प्राथमिक जांच एजेंसी (जैसे पुलिस) को सबूत सौंप सकती है ताकि पुलिस FIR दर्ज करे और फिर ED मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर सके। CM स्टालिन ने सौंपे थे नियुक्ति पत्र भर्ती प्रक्रिया जनवरी 2024 में शुरू हुई थी। इसमें करीब 1.12 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। पदों में असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर, टाउन प्लानिंग ऑफिसर और सेनेटरी इंस्पेक्टर के पद शामिल थे। इस भर्ती के नियुक्ति पत्र सीएम एमके स्टालिन ने अगस्त 2025 में सौंपे थे। BJP ने CBI जांच की मांग की MAWS मिनिस्टर केएन नेहरू ने ED के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ED के इस केस को उठाने के पीछे राजनीतिक मकसद है। उन्होंने दावा किया कि भर्ती प्रक्रिया ट्रांसपेरेंट और फेयर थी। कैंडिडेट्स ने कोई आपत्ति नहीं जताई है। नेहरू ने कहा- एक पुराने बैंक केस को सुलझाने में नाकाम रहने के बाद, यह ED की द्रविड़ मॉडल सरकार को बदनाम करने की नई कोशिश है। MAWS डिपार्टमेंट मामले में सभी कानूनी ऑप्शन का इस्तेमाल करेगा। भाजपा नेता अन्नामलाई ने बुधवार को कहा कि डीएमके सरकार अब भ्रष्टाचार का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में एक के बाद एक घोटालों की बाढ़ आ रही है। MAWS की भर्ती में रिश्वत लेकर नौकरी दी गई। हजारों मेहनती युवाओं के सपने कुचल दिए गए। उन्होंने कहा कि इस मामले की ज्यूडिशियरी की निगरानी में CBI जांच कराई जाए। सरकारी नौकरियों की नीलामी और पब्लिक रिसोर्स को लूटने के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया जाए। —————————- ये खबर भी पढ़ें… तमिलनाडु में फर्जी इरिडियम की डीलिंग में 27 लोग गिरफ्तार, करोड़ों का लेन देन कर रहे थे तमिलनाडु पुलिस की क्राइम ब्रांच-क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CBCID) ने एक बड़े वित्तीय घोटाले का भंडाफोड़ करते हुए शनिवार को 27 लोगों को गिरफ्तार किया। ये सभी लोग कई करोड़ के इरिडियम स्कैम में शामिल थे, जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का नाम लेकर आम लोगों से ठगी की जा रही थी। पूरी खबर पढ़ें…