सिवनी का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक व्यक्ति को बाघ का सिर सहलाते और शराब ऑफर करते दिखाया गया है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पेंच टाइगर रिजर्व से सटे एक गांव के राजू पटेल (52) ने नशे की हालत में बाघ को बिल्ली समझ लिया। वीडियो में दिख रहा है कि राजू ने न सिर्फ बाघ का सिर सहलाया, बल्कि उसे देशी शराब भी ऑफर की। इस वीडियो से सोशल मीडिया पर तरह-तरह गे कमेंट आने लगे। लोग राजू की ‘निडरता या नशे में बहादुरी’ पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे थे। हालांकि, पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने इस वीडियो को फर्जी बताया है। बोतल आगे बढ़ाई, बाघ ने सूंघकर अनदेखा किया
बताया जा रहा है कि राजू पटेल देर रात दोस्तों के साथ ताश खेलकर नशे में घर लौट रहा था। इसी दौरान उसने सड़क किनारे कुछ हिलता हुआ देखा। वीडियो में दिख रहा है कि वह लगभग 5-10 मिनट तक बाघ के पास खड़ा रहा। बोतल आगे बढ़ाई, जिसे बाघ ने सूंघा, लेकिन अनदेखा कर दिया। वन विभाग ने ऐसी हरकतों को खतरनाक बताया
वन विभाग ने ग्रामीण इलाकों में इस तरह की नजदीकी हरकतों को बेहद खतरनाक बताया है। खासकर पेंच क्षेत्र में जहां हाल ही में मानव-बाघ टकराव के कई मामले सामने आए हैं। डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो में कोई सच्चाई नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए।
सिवनी का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में एक व्यक्ति को बाघ का सिर सहलाते और शराब ऑफर करते दिखाया गया है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि पेंच टाइगर रिजर्व से सटे एक गांव के राजू पटेल (52) ने नशे की हालत में बाघ को बिल्ली समझ लिया। वीडियो में दिख रहा है कि राजू ने न सिर्फ बाघ का सिर सहलाया, बल्कि उसे देशी शराब भी ऑफर की। इस वीडियो से सोशल मीडिया पर तरह-तरह गे कमेंट आने लगे। लोग राजू की ‘निडरता या नशे में बहादुरी’ पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे थे। हालांकि, पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने इस वीडियो को फर्जी बताया है। बोतल आगे बढ़ाई, बाघ ने सूंघकर अनदेखा किया
बताया जा रहा है कि राजू पटेल देर रात दोस्तों के साथ ताश खेलकर नशे में घर लौट रहा था। इसी दौरान उसने सड़क किनारे कुछ हिलता हुआ देखा। वीडियो में दिख रहा है कि वह लगभग 5-10 मिनट तक बाघ के पास खड़ा रहा। बोतल आगे बढ़ाई, जिसे बाघ ने सूंघा, लेकिन अनदेखा कर दिया। वन विभाग ने ऐसी हरकतों को खतरनाक बताया
वन विभाग ने ग्रामीण इलाकों में इस तरह की नजदीकी हरकतों को बेहद खतरनाक बताया है। खासकर पेंच क्षेत्र में जहां हाल ही में मानव-बाघ टकराव के कई मामले सामने आए हैं। डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि वायरल वीडियो में कोई सच्चाई नहीं है। इसकी जांच होनी चाहिए।