हरियाणा के रोहतक में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) में 4 महिला कर्मचारियों से पीरियड्स का सबूत मांगा गया। इतना ही नहीं, उनके कपड़े उतरवाकर सैनिटरी पैड की फोटो भी खिंचवाकर देखी गई। हंगामा होने के बाद आरोपी सुपरवाइजर को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना 26 अक्टूबर की है। मामला तब सामने आया, जब महिलाओं ने घटना के फोटो-वीडियो हरियाणा महिला आयोग को भेजे। आयोग ने बुधवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन से सुपरवाइजर को बर्खास्त करने को कहा है। 26 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी में इस तरह घटना घटी… मामले में अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई… सफाई कर्मचारी आयोग को महिलाओं ने आपबीती बताई
सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन कृष्ण कुमार और रोहतक मेयर राम अवतार वाल्मीकि ने पीड़ित महिलाओं से बातचीत की है। इस दौरान महिलाओं ने उन्हें आपबीती सुनाई। आयोग के सामने पीड़ित महिलाओं ने बताया कि सुपरवाइजर ने एक अन्य महिला कर्मचारी की मदद से उनके अंतर्वस्त्र और सैनिटरी पैड की जांच करवाई थी कि खून के धब्बे लगे हैं या नहीं। पुष्टि के लिए पैड की फोटो भी खींची गई। महिला आयोग ने एसपी व MDU कुलपति से 5 दिन में मांगा जवाब
इस मामले में हरियाणा राज्य महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने रोहतक के एसपी और एमडीयू कुलपति को लेटर लिखकर 5 दिन में जवाब मांगा है। लेटर में लिखा- यह अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग अधिनियम 2012 के नियम 10(1) के तहत निर्देश देता है कि तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट आयोग को 5 दिन के अंदर भेजी जाए।
हरियाणा के रोहतक में महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी (MDU) में 4 महिला कर्मचारियों से पीरियड्स का सबूत मांगा गया। इतना ही नहीं, उनके कपड़े उतरवाकर सैनिटरी पैड की फोटो भी खिंचवाकर देखी गई। हंगामा होने के बाद आरोपी सुपरवाइजर को सस्पेंड कर दिया गया है। घटना 26 अक्टूबर की है। मामला तब सामने आया, जब महिलाओं ने घटना के फोटो-वीडियो हरियाणा महिला आयोग को भेजे। आयोग ने बुधवार को यूनिवर्सिटी प्रशासन से सुपरवाइजर को बर्खास्त करने को कहा है। 26 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी में इस तरह घटना घटी… मामले में अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई… सफाई कर्मचारी आयोग को महिलाओं ने आपबीती बताई
सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन कृष्ण कुमार और रोहतक मेयर राम अवतार वाल्मीकि ने पीड़ित महिलाओं से बातचीत की है। इस दौरान महिलाओं ने उन्हें आपबीती सुनाई। आयोग के सामने पीड़ित महिलाओं ने बताया कि सुपरवाइजर ने एक अन्य महिला कर्मचारी की मदद से उनके अंतर्वस्त्र और सैनिटरी पैड की जांच करवाई थी कि खून के धब्बे लगे हैं या नहीं। पुष्टि के लिए पैड की फोटो भी खींची गई। महिला आयोग ने एसपी व MDU कुलपति से 5 दिन में मांगा जवाब
इस मामले में हरियाणा राज्य महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने रोहतक के एसपी और एमडीयू कुलपति को लेटर लिखकर 5 दिन में जवाब मांगा है। लेटर में लिखा- यह अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग अधिनियम 2012 के नियम 10(1) के तहत निर्देश देता है कि तुरंत कार्रवाई करते हुए मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट आयोग को 5 दिन के अंदर भेजी जाए।