पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को राहत नहीं दी है। लालपुरा की तरफ से ही हाईकोर्ट में निचली अदालत द्वारा छेड़छाड़ केस में सुनाई गई चार साल की सजा में राहत देने की मांग की गई थी। मगर, हाईकोर्ट ने दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सजा पर रोक लगाने से फिलहाल इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि चूंकि अभी तक उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है, इसलिए इस स्तर पर तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं दिखती। मनजिंदर सिंह लालपुरा के वकील ने दलील दी थी कि अगर सजा पर स्टे नहीं मिला तो उनकी विधानसभा सदस्यता स्वयं रद्द हो सकती है और क्षेत्र में नए सिरे से चुनाव कराने की नौबत आ जाएगी। बता दें कि तरनतारन की जिला अदालत ने दो माह पहले मनजिंदर सिंह लालपुरा समेत 12 लोगों को मारपीट और छेड़छाड़ के मामले में दोषी करार दिया गया था। इसी के साथ पुलिस ने विधायक समेत 7 को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 12 सितंबर को सुनवाई करते हुए विधायक को चार साल की सजा सुनाई थी। यह पूरा मामला 2013 का है। उस समय विधायक लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। उन पर शादी में आई युवती के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। युवती ने टैक्सी ड्राइवरों पर छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया था। 3 पॉइंट में जानिए पीड़िता ने विधायक पर क्या आरोप लगाए थे… एक आरोपी की मौत, एक पहले ही जेल में बंद
इस मामले में SC/ST एक्ट की धारा 323, 324 व 354 का केस दर्ज हुआ था। कोर्ट ने विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा के अलावा 5 पुलिसकर्मियों दविंदर कुमार, सारज सिंह, अश्वनी कुमार, तरसेम सिंह और हरजिंदर सिंह को भी दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद विधायक समेत 7 लोगों को अरेस्ट कर लिया गया था। हालांकि, कोर्ट ने गगनदीप सिंह और पुलिसकर्मी नरिंदरजीत सिंह और गुरदीप राज को ज्यूडिशियल हिरासत में नहीं भेजा था। कुल 12 आरोपियों में से एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी पहले ही तिहाड़ जेल में बंद है। फैसले के खिलाफ विधायक ने किया था हाईकोर्ट का रुख
तरनतारन की जिला अदालत की ओर से 4 साल की सजा सुनाए जाने के बाद विधायक लालपुरा ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया था। इसमें मंगलवार 28 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने सुनवाई की। मनजिंदर सिंह लालपुरा के वकील ने दलील दी कि अगर सजा पर स्टे नहीं मिला तो उनकी विधानसभा सदस्यता स्वयं रद्द हो सकती है और क्षेत्र में नए सिरे से चुनाव कराने की नौबत आ जाएगी। कोर्ट न पूछा- जब सदस्यता रद्द नहीं हो रही तो जल्दी क्या
इस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब सदस्यता रद्द करने जैसे कदम तक नहीं उठाए गए तो इतनी जल्दी किस बात की। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले महीने तक स्थगित कर दी है। साथ ही राज्य को निर्देश दिया गया है कि अगली तारीख पर इस केस का पूरा रिकॉर्ड अदालत में प्रस्तुत किया जाए। ————————–
पंजाब के AAP विधायक को 4 साल कैद:लालपुरा ने टैक्सी ड्राइवर रहते युवती से छेड़छाड़ की थी; विधायकी जा सकती है पंजाब में खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह को तरनतारन की एडिशनल सेशन कोर्ट ने 4 साल की सजा सुनाई है। 10 सितंबर को अदालत ने 12 साल पहले युवती से मारपीट करने और छेड़छाड़ के आरोप में उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। (पूरी खबर पढ़ें)
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा को राहत नहीं दी है। लालपुरा की तरफ से ही हाईकोर्ट में निचली अदालत द्वारा छेड़छाड़ केस में सुनाई गई चार साल की सजा में राहत देने की मांग की गई थी। मगर, हाईकोर्ट ने दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सजा पर रोक लगाने से फिलहाल इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि चूंकि अभी तक उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने की कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई है, इसलिए इस स्तर पर तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं दिखती। मनजिंदर सिंह लालपुरा के वकील ने दलील दी थी कि अगर सजा पर स्टे नहीं मिला तो उनकी विधानसभा सदस्यता स्वयं रद्द हो सकती है और क्षेत्र में नए सिरे से चुनाव कराने की नौबत आ जाएगी। बता दें कि तरनतारन की जिला अदालत ने दो माह पहले मनजिंदर सिंह लालपुरा समेत 12 लोगों को मारपीट और छेड़छाड़ के मामले में दोषी करार दिया गया था। इसी के साथ पुलिस ने विधायक समेत 7 को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद 12 सितंबर को सुनवाई करते हुए विधायक को चार साल की सजा सुनाई थी। यह पूरा मामला 2013 का है। उस समय विधायक लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। उन पर शादी में आई युवती के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। युवती ने टैक्सी ड्राइवरों पर छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया था। 3 पॉइंट में जानिए पीड़िता ने विधायक पर क्या आरोप लगाए थे… एक आरोपी की मौत, एक पहले ही जेल में बंद
इस मामले में SC/ST एक्ट की धारा 323, 324 व 354 का केस दर्ज हुआ था। कोर्ट ने विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा के अलावा 5 पुलिसकर्मियों दविंदर कुमार, सारज सिंह, अश्वनी कुमार, तरसेम सिंह और हरजिंदर सिंह को भी दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद विधायक समेत 7 लोगों को अरेस्ट कर लिया गया था। हालांकि, कोर्ट ने गगनदीप सिंह और पुलिसकर्मी नरिंदरजीत सिंह और गुरदीप राज को ज्यूडिशियल हिरासत में नहीं भेजा था। कुल 12 आरोपियों में से एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी पहले ही तिहाड़ जेल में बंद है। फैसले के खिलाफ विधायक ने किया था हाईकोर्ट का रुख
तरनतारन की जिला अदालत की ओर से 4 साल की सजा सुनाए जाने के बाद विधायक लालपुरा ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया था। इसमें मंगलवार 28 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने सुनवाई की। मनजिंदर सिंह लालपुरा के वकील ने दलील दी कि अगर सजा पर स्टे नहीं मिला तो उनकी विधानसभा सदस्यता स्वयं रद्द हो सकती है और क्षेत्र में नए सिरे से चुनाव कराने की नौबत आ जाएगी। कोर्ट न पूछा- जब सदस्यता रद्द नहीं हो रही तो जल्दी क्या
इस पर अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए पूछा कि जब सदस्यता रद्द करने जैसे कदम तक नहीं उठाए गए तो इतनी जल्दी किस बात की। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले महीने तक स्थगित कर दी है। साथ ही राज्य को निर्देश दिया गया है कि अगली तारीख पर इस केस का पूरा रिकॉर्ड अदालत में प्रस्तुत किया जाए। ————————–
पंजाब के AAP विधायक को 4 साल कैद:लालपुरा ने टैक्सी ड्राइवर रहते युवती से छेड़छाड़ की थी; विधायकी जा सकती है पंजाब में खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह को तरनतारन की एडिशनल सेशन कोर्ट ने 4 साल की सजा सुनाई है। 10 सितंबर को अदालत ने 12 साल पहले युवती से मारपीट करने और छेड़छाड़ के आरोप में उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। (पूरी खबर पढ़ें)