उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा में डुबकी लगाते हुए एक विदेशी महिला का वीडियो सामने आया है। 30 सेकेंड के इस वीडियो में महिला बिकिनी पहने गंगा में हर-हर महादेव बोलते हुए डुबकी लगाती हुई नजर आ रही है। शिव भक्त महिला ने अपने गले में काफी मालाएं पहनी हुई हैं। साथ ही माथे पर तिलक भी लगाया हुआ है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है, कुछ यूजर्स महिला की इस हरकत को घिनौना और भारतीय संस्कृति के खिलाफ बता रहे हैं तो कुछ इसे महिलाओं की आजादी से जोड़ते हुए विदेशी महिला के सपोर्ट में उतर गए हैं। एक्स पर इस मामले पर पोस्ट करते हुए एक यूजर नागा साधुओं की फोटो लगाकर लिखती हैं- कुछ लोग नंग धड़ंग नहाते हैं तब इनकी भावनाएं कहां मर जाती हैं। बता दें कि वैसे तो महिलाएं भी नागा साधु होती हैं लेकिन जिस महिला का वीडियो सामने आया है वो नागा साधु नहीं, सिर्फ भगवान शिव की एक भक्त हैं। अब पढ़िए VIDEO में क्या दिख रहा…. आंखों में चश्मा, हाथ में टैटू, बिकिनी में करवाया शूट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो ऋषिकेश का बताया जा रहा है, 30 सेकेंड के इस वीडियो में एक विदेशी महिला दिख रही है जिसके गले में काफी मालाएं हैं, आंखों पर चश्मा है और हाथों में कई टैटू भी बने हुए हैं। इस महिला का वीडियो बना रही दूसरी महिला भी विदेशी ही है। सबसे पहले वीडियो बना रही महिला कहती है “ओम नम: शिवाय” जिसके बाद बिकिनी पहने महिला अपने दोनों हाथ फैलाते हुए कैमरे के सामने अपनी दोस्त की बात दोहराते हुए कहती है “ओम नम: शिवाय”। साथ ही फिर वह हाथ जोड़ते हुए कहती है “गंगा मां की जय” और उल्टे कदमों से ही गंगा की तरफ बढ़ने लगती है। पहले पोज दिया, फिर मालाएं उतारीं इसके बाद महिला गंगा के पानी में उतर जाती है। पानी महिला की कमर तक नजर आ रहा है। यहां पर महिला पहले पोज देती है और फिर एक एक कर अपने गले में पहनी हुई सभी मालाएं उतार देती है। इसके बाद महिला सभी मालाओं को गंगा के पानी में डुबाकर निकालती है और फिर “ओम नम: शिवाय” और “हर हर महादेवा” बोलते हुए मालाएं आगे की तरफ फेंक देती है। पीछे की तरफ डुबकी लगाई बोली- वेरी नाइस माला फेंकने के बाद महिला हाथ खड़े कर बैकवर्ड स्विमिंग करने लगती है। थोड़ी दूर जाने पर वह फिर नॉर्मल स्विमिंग करते हुए आगे की तरफ आने लगती है। इस दौरान आगे आते हुए पानी के अंदर से ही महिला कहती है वेरी नाइस। वीडियो में ना सिर्फ बिकिनी पहने महिला खुश नजर आ रही है बल्कि उसकी वीडियो बना रही महिला की काफी एक्साइड दिख रही है। कुछ यूजर्स विरोध में तो कुछ सपोर्ट में उतरे हालांकि ये महिला कौन है और किस देश की ये अभी ये पता नहीं चला है लेकिन महिला की इस हरकत ने शिव भक्तों को ही दो खेमों में बांट दिया है । कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने महिला के समर्थन में पोस्ट किया कि उनके इरादे सही थे और उन्होंने किसी का अपमान नहीं किया। एक यूजर ने लिखा, “महिला के इरादे गलत नहीं थे जब उन्होंने डुबकी लगाई। वहीं, कई लोग इसे भारतीय परंपराओं के खिलाफ बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह धार्मिक भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाता है। एक यूजर ने लिखा, “जो लोग सेकुलर दिखना चाहते हैं, वे अपने बेसिक कल्चर रूल्स का सम्मान नहीं करते।” अब महिला नागाओं के बारे में जानें… महिला नागा साधु बनने की प्रक्रिया बहुत कठिन होती है। उन्हें 6 से 12 साल तक ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है और कुंभ के दौरान पिंडदान करना होता है। बाल मुंडवाए जाते हैं, पवित्र नदी में स्नान कराया जाता है और साधना की शुरुआत होती है। पूरी प्रक्रिया 10-15 साल तक चलती है। दीक्षा के बाद बाकी साधु-साध्वी उन्हें ‘माता’ या ‘अवधूतानी’ कहकर बुलाते हैं और उन्हें नया नाम भी दिया जाता है। वे गेरुए रंग का साधारण कपड़ा पहनती हैं, जिसे गंती कहते हैं। ये कपड़ा बिना सिला हुआ होता है और इसे सन्यास लेने के बाद ही धारण किया जाता है। कुंभ संपन्न होने के बाद वे अपने आश्रम लौट जाती हैं। अब इन्फोग्राफिक्स में नागा साधुओं के बारे में जानिए..
उत्तराखंड के ऋषिकेश में गंगा में डुबकी लगाते हुए एक विदेशी महिला का वीडियो सामने आया है। 30 सेकेंड के इस वीडियो में महिला बिकिनी पहने गंगा में हर-हर महादेव बोलते हुए डुबकी लगाती हुई नजर आ रही है। शिव भक्त महिला ने अपने गले में काफी मालाएं पहनी हुई हैं। साथ ही माथे पर तिलक भी लगाया हुआ है। इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है, कुछ यूजर्स महिला की इस हरकत को घिनौना और भारतीय संस्कृति के खिलाफ बता रहे हैं तो कुछ इसे महिलाओं की आजादी से जोड़ते हुए विदेशी महिला के सपोर्ट में उतर गए हैं। एक्स पर इस मामले पर पोस्ट करते हुए एक यूजर नागा साधुओं की फोटो लगाकर लिखती हैं- कुछ लोग नंग धड़ंग नहाते हैं तब इनकी भावनाएं कहां मर जाती हैं। बता दें कि वैसे तो महिलाएं भी नागा साधु होती हैं लेकिन जिस महिला का वीडियो सामने आया है वो नागा साधु नहीं, सिर्फ भगवान शिव की एक भक्त हैं। अब पढ़िए VIDEO में क्या दिख रहा…. आंखों में चश्मा, हाथ में टैटू, बिकिनी में करवाया शूट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो ऋषिकेश का बताया जा रहा है, 30 सेकेंड के इस वीडियो में एक विदेशी महिला दिख रही है जिसके गले में काफी मालाएं हैं, आंखों पर चश्मा है और हाथों में कई टैटू भी बने हुए हैं। इस महिला का वीडियो बना रही दूसरी महिला भी विदेशी ही है। सबसे पहले वीडियो बना रही महिला कहती है “ओम नम: शिवाय” जिसके बाद बिकिनी पहने महिला अपने दोनों हाथ फैलाते हुए कैमरे के सामने अपनी दोस्त की बात दोहराते हुए कहती है “ओम नम: शिवाय”। साथ ही फिर वह हाथ जोड़ते हुए कहती है “गंगा मां की जय” और उल्टे कदमों से ही गंगा की तरफ बढ़ने लगती है। पहले पोज दिया, फिर मालाएं उतारीं इसके बाद महिला गंगा के पानी में उतर जाती है। पानी महिला की कमर तक नजर आ रहा है। यहां पर महिला पहले पोज देती है और फिर एक एक कर अपने गले में पहनी हुई सभी मालाएं उतार देती है। इसके बाद महिला सभी मालाओं को गंगा के पानी में डुबाकर निकालती है और फिर “ओम नम: शिवाय” और “हर हर महादेवा” बोलते हुए मालाएं आगे की तरफ फेंक देती है। पीछे की तरफ डुबकी लगाई बोली- वेरी नाइस माला फेंकने के बाद महिला हाथ खड़े कर बैकवर्ड स्विमिंग करने लगती है। थोड़ी दूर जाने पर वह फिर नॉर्मल स्विमिंग करते हुए आगे की तरफ आने लगती है। इस दौरान आगे आते हुए पानी के अंदर से ही महिला कहती है वेरी नाइस। वीडियो में ना सिर्फ बिकिनी पहने महिला खुश नजर आ रही है बल्कि उसकी वीडियो बना रही महिला की काफी एक्साइड दिख रही है। कुछ यूजर्स विरोध में तो कुछ सपोर्ट में उतरे हालांकि ये महिला कौन है और किस देश की ये अभी ये पता नहीं चला है लेकिन महिला की इस हरकत ने शिव भक्तों को ही दो खेमों में बांट दिया है । कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने महिला के समर्थन में पोस्ट किया कि उनके इरादे सही थे और उन्होंने किसी का अपमान नहीं किया। एक यूजर ने लिखा, “महिला के इरादे गलत नहीं थे जब उन्होंने डुबकी लगाई। वहीं, कई लोग इसे भारतीय परंपराओं के खिलाफ बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह धार्मिक भावनाओं के प्रति असंवेदनशीलता दर्शाता है। एक यूजर ने लिखा, “जो लोग सेकुलर दिखना चाहते हैं, वे अपने बेसिक कल्चर रूल्स का सम्मान नहीं करते।” अब महिला नागाओं के बारे में जानें… महिला नागा साधु बनने की प्रक्रिया बहुत कठिन होती है। उन्हें 6 से 12 साल तक ब्रह्मचर्य का पालन करना पड़ता है और कुंभ के दौरान पिंडदान करना होता है। बाल मुंडवाए जाते हैं, पवित्र नदी में स्नान कराया जाता है और साधना की शुरुआत होती है। पूरी प्रक्रिया 10-15 साल तक चलती है। दीक्षा के बाद बाकी साधु-साध्वी उन्हें ‘माता’ या ‘अवधूतानी’ कहकर बुलाते हैं और उन्हें नया नाम भी दिया जाता है। वे गेरुए रंग का साधारण कपड़ा पहनती हैं, जिसे गंती कहते हैं। ये कपड़ा बिना सिला हुआ होता है और इसे सन्यास लेने के बाद ही धारण किया जाता है। कुंभ संपन्न होने के बाद वे अपने आश्रम लौट जाती हैं। अब इन्फोग्राफिक्स में नागा साधुओं के बारे में जानिए..