उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में आज यानी 22 अक्टूबर से बारिश और बर्फबारी के आसार जताए हैं। पिथौरागढ़ में आज सुबह बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में बारिश की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आने और ठंड बढ़ने के आसार हैं। विभाग ने यात्रियों और चारधाम क्षेत्र में जाने वाले श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के ऊपरी हिस्सों में बर्फबारी के चलते रास्तों पर फिसलन और विजिबिलिटी कम हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव दो दिन तक बना रह सकता है। इसके बाद मौसम सामान्य होने की संभावना है। मौसम से जुड़ी PHOTOS देखें… देहरादून में छाए बादल मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 22 अक्टूबर को देहरादून समेत उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। जबकि 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की बर्फबारी की संभावना है। आने वाले दिनों की बात करें तो 23 से 27 अक्तूबर तक प्रदेशभर में मौसम साफ रहेगा। मंगलवार को देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों में दोपहर के बाद अचानक मौसम बदल गया और बादल मंडराने लगे। इस दौरान धूप और बादलों की आंख-मिचोली चलती रही। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बुधवार को भी बादल छाए रह सकते हैं और हल्की भारी बारिश और बराबरी के आसार हैं। सुबह और शाम के समय ठंड देहरादून में पिछले कई दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है और तेज धूप खिलने की वजह से जहां दिन का तापमान सामान्य से एक या दो डिग्री सेल्सियस बढ़ा हुआ है तो वहीं न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि दिन और रात के तापमान में काफी अंतर होने की वजह से सुबह और शाम की ठंड शुरू हो गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में तो सुबह के समय ठिठुरन बढ़ने लगी है, जबकि मैदानी इलाकों में पाला पड़ रहा है।अब प्रदेश में ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से कहीं-कहीं मौसम का मिजाज बदला है। जिसके चलते आज पर्वतीय क्षेत्रों में गरज के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है तो वही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है।
उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में आज यानी 22 अक्टूबर से बारिश और बर्फबारी के आसार जताए हैं। पिथौरागढ़ में आज सुबह बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो सकती है, जबकि निचले इलाकों में बारिश की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आने और ठंड बढ़ने के आसार हैं। विभाग ने यात्रियों और चारधाम क्षेत्र में जाने वाले श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के ऊपरी हिस्सों में बर्फबारी के चलते रास्तों पर फिसलन और विजिबिलिटी कम हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव दो दिन तक बना रह सकता है। इसके बाद मौसम सामान्य होने की संभावना है। मौसम से जुड़ी PHOTOS देखें… देहरादून में छाए बादल मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार, 22 अक्टूबर को देहरादून समेत उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग जिले के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। जबकि 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर हल्की बर्फबारी की संभावना है। आने वाले दिनों की बात करें तो 23 से 27 अक्तूबर तक प्रदेशभर में मौसम साफ रहेगा। मंगलवार को देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों में दोपहर के बाद अचानक मौसम बदल गया और बादल मंडराने लगे। इस दौरान धूप और बादलों की आंख-मिचोली चलती रही। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बुधवार को भी बादल छाए रह सकते हैं और हल्की भारी बारिश और बराबरी के आसार हैं। सुबह और शाम के समय ठंड देहरादून में पिछले कई दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है और तेज धूप खिलने की वजह से जहां दिन का तापमान सामान्य से एक या दो डिग्री सेल्सियस बढ़ा हुआ है तो वहीं न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि दिन और रात के तापमान में काफी अंतर होने की वजह से सुबह और शाम की ठंड शुरू हो गई है। पर्वतीय क्षेत्रों में तो सुबह के समय ठिठुरन बढ़ने लगी है, जबकि मैदानी इलाकों में पाला पड़ रहा है।अब प्रदेश में ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से कहीं-कहीं मौसम का मिजाज बदला है। जिसके चलते आज पर्वतीय क्षेत्रों में गरज के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है तो वही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी भी हो सकती है।