प्रयागराज में दिवाली मार्केट में जगुआर कार से 6 को कुचलने वाला शख्स रचित मध्यान नामी कारोबारी का बेटा और जानेमाने डॉक्टर का दामाद निकला। चौंकाने वाली बात यह है कि धूमनगंज थाना पुलिस ने देर रात मृतक प्रदीप पटेल के भाई दिलीप की तहरीर पर कार नंबर UP70 DQ 0070 के अज्ञात चालक के खिलाफ FIR दर्ज की। जबकि, पुलिस ने ही रचित को ड्राइविंग सीट से उठाकर एम्बुलेंस से हॉस्पिटल भेजा था। पुलिस का कहना है कि FIR में चालक का नाम इसलिए नहीं दिया गया, क्योंकि घटना के समय भारी भीड़ थी। कोई भी चालक को पहचान नहीं सका। दरअसल, रविवार शाम तेज रफ्तार जगुआर कार ने 6 लोगों को कुचल दिया था। जगुआर ने 2 कार, 2 बाइक और 1 स्कूटी को टक्कर मारी थी। हादसे में एक इलेक्ट्रीशियन की मौत हो गई थी। जबकि, एक बच्चे समेत 5 लोगों घायल हुए हैं। जगुआर ड्राइव कर रहा युवक रचित मध्यान कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। वह शहर के नामी कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखता है। रचित का परिवार प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के लूकरगंज इलाके में रहता है। उसके पिता वासुदेव मध्यान और चाचा इंदर मध्यान शहर के चर्चित कामधेनु स्वीट्स प्रतिष्ठान के मालिक हैं। प्रयागराज में दशकों से इसका नाम है। परिवार का नाम शहर के समृद्ध व्यापारिक घरानों में शुमार है। 2 तस्वीरें देखिए- नामी डॉक्टर का दामाद है रचित
रचित मध्यान का कनेक्शन एक प्रतिष्ठित मेडिकल फैमिली से भी है। वह प्रयागराज के नामी अस्पताल संचालक डॉ. एमके मदनानी का दामाद है। रचित की पत्नी अमृता मदनानी डर्मेटोलॉजिस्ट हैं और शहर में अपना क्लिनिक चलाती हैं। इसके अलावा रचित मध्यान केएसएन फूड्स एलएलपी यानी कामधेनु स्वीट्स एंड नमकीन फूड्स लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप का डायरेक्टर है। इस कंपनी में कुल चार डायरेक्टर हैं, जिनमें उसके पिता वासुदेव मध्यान, चाचा इंदर मध्यान और तीसरे डायरेक्टर प्रकाश बिहारीलाल दालवानी भी शामिल हैं। कंपनी का टर्नओवर करोड़ों में है। कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस 122 लूकरगंज, प्रयागराज है। रचित इसके अलावा मध्यान इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड का भी डायरेक्टर है। इस कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस पुणे में है। इसमें उसकी पत्नी अमृता भी डायरेक्टर हैं। खबर में आगे पढ़ने से पहले इस पोल पर अपनी राय दीजिए… रचित केएसएन फूड्स एलएलपी यानी कामधेनु स्वीट्स एंड नमकीन फूड्स लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप का डायरेक्टर है। इस कंपनी में कुल चार डायरेक्टर हैं, जिनमें उसके पिता वासुदेव मध्यान, चाचा इंदर मध्यान और तीसरे डायरेक्टर प्रकाश बिहारीलाल दालवानी भी शामिल हैं। कंपनी का टर्नओवर करोड़ों में है। इस कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस 122 लूकरगंज प्रयागराज है। रचित इसके अलावा मध्यान इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड का भी डायरेक्टर है। इस कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस पुणे में है। इसमें उसकी पत्नी अमृता भी डायरेक्टर हैं। LLB की पढ़ाई कर चुका, क्रिकेट टीम का कप्तान
रचित ने LLB की पढ़ाई की है। वह खुद को वकील बताता है। लेकिन, कानून की पढ़ाई के साथ-साथ उसकी दिलचस्पी क्रिकेट में भी है। वह एल्गिन क्लब इलाहाबाद क्रिकेट टीम का कप्तान है। रविवार को भी जब यह हादसा हुआ, तब रचित क्रिकेट खेलकर लौट रहा था। दोपहर 3.25 बजे पर खत्म हुआ था मैच
सूत्रों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे एल्गिन क्लब इलाहाबाद और चंद्रकला यूनिवर्सल प्राइवेट लिमिटेड के बीच मुकाबला हुआ था। मैच दोपहर 3.25 बजे समाप्त हुआ और इसके लगभग 20 मिनट बाद रचित अपनी जगुआर कार लेकर वहां से घर लौटने लगा। इसी दौरान राजरूपपुर इलाके में गाड़ी बेकाबू हुई और यह भीषण हादसा हो गया, इसमें 1 की मौत हो गई। मैच हारने से तनाव में था?
सूत्रों का कहना है कि जिस मैच से लौटते वक्त यह हादसा हुआ, उसमें रचित की टीम को 56 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। कप्तान होने के बावजूद रचित को बैटिंग का मौका नहीं मिला। इससे वह बेहद निराश था। इससे पहले सुबह खेले गए मैच में उसने केवल 10 रन बनाए थे। हालांकि, वह मैच उसकी टीम जीत गई थी। आशंका जताई जा रही है कि शायद वह इस हार के चलते तनाव में था। हादसे के बाद पुलिस ने रचित को ड्राइविंग सीट से हॉस्पिटल भेजा
चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के बाद रचित मौके से भागा नहीं, बल्कि खुद को कार के अंदर बंद कर लिया। लोग जब तक उसके पास पहुंचे, तब तक पुलिस भी मौके पर आ गई। पुलिस ने उसे कार से बाहर निकालकर एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा। देर रात उसे पहले कॉल्विन और फिर SRN अस्पताल भेजा गया, जहां से उसे लखनऊ रेफर किया गया। रचित का ब्लड सैंपल पुलिस ने जांच को भेजा
फिलहाल पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया है। आगे की विवेचना जारी है। पुलिस यह जांच कर रही है कि हादसे के समय रचित नशे में था या नहीं। इसके लिए उसका ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने अज्ञात में FIR दर्ज की
डीसीपी मनीष शांडिल्य ने बताया- गाड़ी के नंबर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। कार को कब्जे में लेकर CCTV फुटेज और वाहन स्वामी के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है। चश्मदीद ने क्या बताया, जानिए रामानंद बोले- 100 की स्पीड में थी जगुआर
एक प्रत्यक्षदर्शी रामानंद अग्रहरि ने बताया- जगुआर कार ड्राइवर बहुत ज्यादा नशे में था। करीब 100 की स्पीड से कार दौड़ा रहा था। गाड़ियों को टक्कर मारते हुए उसने लोगों को रौंद दिया। कार ने पहले चौराहे पर कटलेट के ठेले में टक्कर मारी। इस दौरान दुकानदार और उसका 10 साल का बेटा घायल हो गया। एक आदमी अपने घर से सामान लेने निकाला था। उसे भी कार ने रौंद दिया। सोमिल बोले- सबकुछ एक पल में खत्म हो गया
मूर्ति की दुकान चलाने वाले सोमिल ने बताया- हादसे के वक्त मैं अपनी दुकान पर बैठा था। अचानक जोरदार धमाका हुआ। मैंने देखा कि एक जगुआर कार तेज रफ्तार में आकर मेरी दुकान से टकरा गई। दीपावली पर बिक्री के लिए रखी गई गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां टूट गईं। स्कूटी भी पूरी तरह डैमेज हो गई। कार की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि वह 2-3 सेकेंड में कई लोगों को रौंदते हुए सीधे दुकान में जा घुसी। सब कुछ एक पल में खत्म हो गया। अनिल ने कहा- चाचा और भाई सड़क पर तड़प रहे थे
घायल उमेश के भतीजे अनिल ने बताया- मैं फूलमाला की दुकान लगाता हूं। हादसे के वक्त मैं दुकान की तैयारी कर रहा था। अचानक जोरदार टक्कर का धमाका हुआ। मैं पीछे मुड़ा तो देखा कि एक कार बहुत तेज रफ्तार में दूसरी कार से भिड़ गई। फिर वह कार बेकाबू होकर दो बाइक और एक स्कूटी को कुचलती हुई मूर्ति की दुकान में जा घुसी। मैं दौड़कर पहुंचा तो मेरे चाचा उमेश और भाई आयुष सड़क पर लहूलुहान हालत में पड़े थे। मृतक प्रदीप का पोस्टमॉर्टम आज होगा
मृतक प्रदीप पटेल का पोस्टमॉर्टम सोमवार को कराया जाएगा। बेटे अंकित ने बताया कि पिता शादी आदि में इलेक्ट्रिक लाइट की डेकोरेशन करते थे। रविवार शाम वह घर से यह कहकर निकले कि एक टेंट हाउस मालिक से मिलने जा रहे हैं और फिर नहीं लौटे। कुछ देर बाद उनकी मौत की खबर आई। —————————– ये खबर भी पढ़िए- झांसी में छोटी दिवाली पर इकलौता बेटा जिंदा जला: पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाई, सिर्फ राख और हडि्डयां ही बचीं; पनीर लेने गई थी मां झांसी में छोटी दीपावली पर इकलौते बेटे ने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। देखते ही देखते वह आग का गोला बन गया। जब किसी तरह आग पर काबू पाया गया तो सिर्फ हड्डियां और राख ही बची थी। मृतक चंदन सिंचाई विभाग में कार्यरत था। रविवार रात को शराब पीकर घर आया और मां से झगड़ा करने लगा। गुस्से में उसने खाना फेंक दिया। बेटा भूखा न रहे, इसलिए मां मटर पनीर पैक कराने चली गई। पढ़ें पूरी खबर…
प्रयागराज में दिवाली मार्केट में जगुआर कार से 6 को कुचलने वाला शख्स रचित मध्यान नामी कारोबारी का बेटा और जानेमाने डॉक्टर का दामाद निकला। चौंकाने वाली बात यह है कि धूमनगंज थाना पुलिस ने देर रात मृतक प्रदीप पटेल के भाई दिलीप की तहरीर पर कार नंबर UP70 DQ 0070 के अज्ञात चालक के खिलाफ FIR दर्ज की। जबकि, पुलिस ने ही रचित को ड्राइविंग सीट से उठाकर एम्बुलेंस से हॉस्पिटल भेजा था। पुलिस का कहना है कि FIR में चालक का नाम इसलिए नहीं दिया गया, क्योंकि घटना के समय भारी भीड़ थी। कोई भी चालक को पहचान नहीं सका। दरअसल, रविवार शाम तेज रफ्तार जगुआर कार ने 6 लोगों को कुचल दिया था। जगुआर ने 2 कार, 2 बाइक और 1 स्कूटी को टक्कर मारी थी। हादसे में एक इलेक्ट्रीशियन की मौत हो गई थी। जबकि, एक बच्चे समेत 5 लोगों घायल हुए हैं। जगुआर ड्राइव कर रहा युवक रचित मध्यान कोई साधारण व्यक्ति नहीं है। वह शहर के नामी कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखता है। रचित का परिवार प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र के लूकरगंज इलाके में रहता है। उसके पिता वासुदेव मध्यान और चाचा इंदर मध्यान शहर के चर्चित कामधेनु स्वीट्स प्रतिष्ठान के मालिक हैं। प्रयागराज में दशकों से इसका नाम है। परिवार का नाम शहर के समृद्ध व्यापारिक घरानों में शुमार है। 2 तस्वीरें देखिए- नामी डॉक्टर का दामाद है रचित
रचित मध्यान का कनेक्शन एक प्रतिष्ठित मेडिकल फैमिली से भी है। वह प्रयागराज के नामी अस्पताल संचालक डॉ. एमके मदनानी का दामाद है। रचित की पत्नी अमृता मदनानी डर्मेटोलॉजिस्ट हैं और शहर में अपना क्लिनिक चलाती हैं। इसके अलावा रचित मध्यान केएसएन फूड्स एलएलपी यानी कामधेनु स्वीट्स एंड नमकीन फूड्स लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप का डायरेक्टर है। इस कंपनी में कुल चार डायरेक्टर हैं, जिनमें उसके पिता वासुदेव मध्यान, चाचा इंदर मध्यान और तीसरे डायरेक्टर प्रकाश बिहारीलाल दालवानी भी शामिल हैं। कंपनी का टर्नओवर करोड़ों में है। कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस 122 लूकरगंज, प्रयागराज है। रचित इसके अलावा मध्यान इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड का भी डायरेक्टर है। इस कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस पुणे में है। इसमें उसकी पत्नी अमृता भी डायरेक्टर हैं। खबर में आगे पढ़ने से पहले इस पोल पर अपनी राय दीजिए… रचित केएसएन फूड्स एलएलपी यानी कामधेनु स्वीट्स एंड नमकीन फूड्स लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप का डायरेक्टर है। इस कंपनी में कुल चार डायरेक्टर हैं, जिनमें उसके पिता वासुदेव मध्यान, चाचा इंदर मध्यान और तीसरे डायरेक्टर प्रकाश बिहारीलाल दालवानी भी शामिल हैं। कंपनी का टर्नओवर करोड़ों में है। इस कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस 122 लूकरगंज प्रयागराज है। रचित इसके अलावा मध्यान इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड का भी डायरेक्टर है। इस कंपनी का रजिस्टर्ड ऑफिस पुणे में है। इसमें उसकी पत्नी अमृता भी डायरेक्टर हैं। LLB की पढ़ाई कर चुका, क्रिकेट टीम का कप्तान
रचित ने LLB की पढ़ाई की है। वह खुद को वकील बताता है। लेकिन, कानून की पढ़ाई के साथ-साथ उसकी दिलचस्पी क्रिकेट में भी है। वह एल्गिन क्लब इलाहाबाद क्रिकेट टीम का कप्तान है। रविवार को भी जब यह हादसा हुआ, तब रचित क्रिकेट खेलकर लौट रहा था। दोपहर 3.25 बजे पर खत्म हुआ था मैच
सूत्रों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब 12 बजे एल्गिन क्लब इलाहाबाद और चंद्रकला यूनिवर्सल प्राइवेट लिमिटेड के बीच मुकाबला हुआ था। मैच दोपहर 3.25 बजे समाप्त हुआ और इसके लगभग 20 मिनट बाद रचित अपनी जगुआर कार लेकर वहां से घर लौटने लगा। इसी दौरान राजरूपपुर इलाके में गाड़ी बेकाबू हुई और यह भीषण हादसा हो गया, इसमें 1 की मौत हो गई। मैच हारने से तनाव में था?
सूत्रों का कहना है कि जिस मैच से लौटते वक्त यह हादसा हुआ, उसमें रचित की टीम को 56 रनों से हार का सामना करना पड़ा था। कप्तान होने के बावजूद रचित को बैटिंग का मौका नहीं मिला। इससे वह बेहद निराश था। इससे पहले सुबह खेले गए मैच में उसने केवल 10 रन बनाए थे। हालांकि, वह मैच उसकी टीम जीत गई थी। आशंका जताई जा रही है कि शायद वह इस हार के चलते तनाव में था। हादसे के बाद पुलिस ने रचित को ड्राइविंग सीट से हॉस्पिटल भेजा
चश्मदीदों के अनुसार, हादसे के बाद रचित मौके से भागा नहीं, बल्कि खुद को कार के अंदर बंद कर लिया। लोग जब तक उसके पास पहुंचे, तब तक पुलिस भी मौके पर आ गई। पुलिस ने उसे कार से बाहर निकालकर एम्बुलेंस से अस्पताल भेजा। देर रात उसे पहले कॉल्विन और फिर SRN अस्पताल भेजा गया, जहां से उसे लखनऊ रेफर किया गया। रचित का ब्लड सैंपल पुलिस ने जांच को भेजा
फिलहाल पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया है। आगे की विवेचना जारी है। पुलिस यह जांच कर रही है कि हादसे के समय रचित नशे में था या नहीं। इसके लिए उसका ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। पुलिस ने अज्ञात में FIR दर्ज की
डीसीपी मनीष शांडिल्य ने बताया- गाड़ी के नंबर के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। कार को कब्जे में लेकर CCTV फुटेज और वाहन स्वामी के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है। चश्मदीद ने क्या बताया, जानिए रामानंद बोले- 100 की स्पीड में थी जगुआर
एक प्रत्यक्षदर्शी रामानंद अग्रहरि ने बताया- जगुआर कार ड्राइवर बहुत ज्यादा नशे में था। करीब 100 की स्पीड से कार दौड़ा रहा था। गाड़ियों को टक्कर मारते हुए उसने लोगों को रौंद दिया। कार ने पहले चौराहे पर कटलेट के ठेले में टक्कर मारी। इस दौरान दुकानदार और उसका 10 साल का बेटा घायल हो गया। एक आदमी अपने घर से सामान लेने निकाला था। उसे भी कार ने रौंद दिया। सोमिल बोले- सबकुछ एक पल में खत्म हो गया
मूर्ति की दुकान चलाने वाले सोमिल ने बताया- हादसे के वक्त मैं अपनी दुकान पर बैठा था। अचानक जोरदार धमाका हुआ। मैंने देखा कि एक जगुआर कार तेज रफ्तार में आकर मेरी दुकान से टकरा गई। दीपावली पर बिक्री के लिए रखी गई गणेश-लक्ष्मी की मूर्तियां टूट गईं। स्कूटी भी पूरी तरह डैमेज हो गई। कार की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि वह 2-3 सेकेंड में कई लोगों को रौंदते हुए सीधे दुकान में जा घुसी। सब कुछ एक पल में खत्म हो गया। अनिल ने कहा- चाचा और भाई सड़क पर तड़प रहे थे
घायल उमेश के भतीजे अनिल ने बताया- मैं फूलमाला की दुकान लगाता हूं। हादसे के वक्त मैं दुकान की तैयारी कर रहा था। अचानक जोरदार टक्कर का धमाका हुआ। मैं पीछे मुड़ा तो देखा कि एक कार बहुत तेज रफ्तार में दूसरी कार से भिड़ गई। फिर वह कार बेकाबू होकर दो बाइक और एक स्कूटी को कुचलती हुई मूर्ति की दुकान में जा घुसी। मैं दौड़कर पहुंचा तो मेरे चाचा उमेश और भाई आयुष सड़क पर लहूलुहान हालत में पड़े थे। मृतक प्रदीप का पोस्टमॉर्टम आज होगा
मृतक प्रदीप पटेल का पोस्टमॉर्टम सोमवार को कराया जाएगा। बेटे अंकित ने बताया कि पिता शादी आदि में इलेक्ट्रिक लाइट की डेकोरेशन करते थे। रविवार शाम वह घर से यह कहकर निकले कि एक टेंट हाउस मालिक से मिलने जा रहे हैं और फिर नहीं लौटे। कुछ देर बाद उनकी मौत की खबर आई। —————————– ये खबर भी पढ़िए- झांसी में छोटी दिवाली पर इकलौता बेटा जिंदा जला: पेट्रोल डालकर खुद को आग लगाई, सिर्फ राख और हडि्डयां ही बचीं; पनीर लेने गई थी मां झांसी में छोटी दीपावली पर इकलौते बेटे ने पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली। देखते ही देखते वह आग का गोला बन गया। जब किसी तरह आग पर काबू पाया गया तो सिर्फ हड्डियां और राख ही बची थी। मृतक चंदन सिंचाई विभाग में कार्यरत था। रविवार रात को शराब पीकर घर आया और मां से झगड़ा करने लगा। गुस्से में उसने खाना फेंक दिया। बेटा भूखा न रहे, इसलिए मां मटर पनीर पैक कराने चली गई। पढ़ें पूरी खबर…