बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से 2 AK-47 राइफलें और मैगजीन बरामद की हैं। इसके अलावा एक पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। यह सब एक पैकेट में पैक करके छुपाए गए थे। शुरुआती जांच में पता चला कि यह खेप पाकिस्तान से भेजी गई थी। इसके जरिए दिवाली के त्योहारी सीजन में पंजाब में आतंकी साजिश को अंजाम दिया जाना था। बरामद हुए हथियारों को अमृतसर के स्टेट ऑपरेशन सेल को सौंप दिया गया है। BSF से मिली जानकारी के मुताबिक टेक्निकल और फिजिकल मॉनिटरिंग से उन्हें जानकारी मिली कि सीमा पार से हथियारों का जखीरा भारत में भेजने की कोशिश की जा रही है। इनके जरिए पंजाब में आतंकी साजिश को अंजाम दिया जाना है। इसके बाद BSF की टीम ने मेहंदीपुर गांव के पास बॉर्डर फेंस से आगे तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान BSF जवानों को एक संदिग्ध पैकेट मिला, जिसकी तलाशी लेने पर उसमें से हथियार बरामद हुए। इंटरनेशनल बॉर्डर से हथियार बरामदगी से जुड़े PHOTOS… BSF ने ये हथियार SSOC को सौंपे
मेहंदीपुर गांव के पास बॉर्डर फेंस से बरामद हथियारों को BSF ने SSOC को सौंप दिए है। इनकी शुरुआती जांच में पता चला कि यह खेप पाकिस्तान स्थित आतंकियों ने भेजी थी। इसके जरिए किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम दिया जाना था। बीएसएफ ने कहा कि सीमा पर हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी आतंकी या हथियार तस्करी की कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। तस्करों की पहचान करने, उनके संबंधों का पता लगाने और पूरे तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच की जा रही है। अमृतसर SSOC के AIG सुखमिंदर सिंह मान ने कहा कि इस मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25, 25(1)(A), 25(6), 25(7), भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस) की धारा 111 व 61(2) और पासपोर्ट एक्ट की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। DGP ने कहा- पाकिस्तान से आए हथियार
इस बारे में DGP गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि ये हथियार पाकिस्तान से आए थे। उन्होंने कहा कि तस्करों की पहचान करने और इस तस्करी नेटवर्क के पीछे के लोगों व संबंधों का खुलासा करने के लिए आगे की जांच जारी है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। डीजीपी पंजाब की ओर से सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी पहले भी खुल चुकी पाकिस्तान से हथियार तस्करी की पोल… दो दिन पहले अमृतसर में इंटरनेशनल हथियार तस्कर गिरफ्तार हुए थे
पंजाब पुलिस के अमृतसर काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने दो दिन पहले पाकिस्तान से जुड़े हथियार तस्करी गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेश उर्फ आशू मसीह, अंग्रेज सिंह और अर्शदीप सिंह के तौर पर हुई थी। ये तीनों जिला तरनतारन के रहने वाले थे, जो सरहद पार से हथियार मंगवाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल आठ पिस्तौल बरामद की थी, जिनमें 3 पिस्तौल 9mm बोर की और 5 पिस्तौले .30 बोर की शामिल थी। साथ ही सभी के मैगजीन भी जब्त किए गए थे। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ था कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान स्थित एक हथियार तस्कर के संपर्क में था। आरोपियों की मांग पर पाक तस्कर हथियारों की खेप भेजता था। यह खेप तरनतारन जिले के सीमावर्ती गांव मारी कंबो के इलाके से भारत में लाई जाती थी। महेश उर्फ आशू मसीह और अंग्रेज सिंह पहले से ही थाना एसएसओसी अमृतसर में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामलों में वांछित थे। दो महीने पहले पाकिस्तान से पंजाब पहुंचे थे इम्पोर्टेड हथियार
दो महीने पहले पुलिस ने गुरु की वडाली छेहर्टा निवासी अमित सिंह को गिरफ्तार किया थे। उसके पास से 5 ग्लॉक पिस्टल, 4 मैगजीन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई थी। ये सभी हथियार अवैध रूप से पंजाब में पहुंचाए गए थे। प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। आरोपी अमित सिंह अपने साथी गुरप्रीत सिंह उर्फ गिन्नी के साथ मिलकर पाकिस्तान स्थित हथियार तस्करों के संपर्क में था। यह गिरोह सीमा पार से पंजाब तक हथियारों की खेप भेज रहा था।
बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से 2 AK-47 राइफलें और मैगजीन बरामद की हैं। इसके अलावा एक पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए। यह सब एक पैकेट में पैक करके छुपाए गए थे। शुरुआती जांच में पता चला कि यह खेप पाकिस्तान से भेजी गई थी। इसके जरिए दिवाली के त्योहारी सीजन में पंजाब में आतंकी साजिश को अंजाम दिया जाना था। बरामद हुए हथियारों को अमृतसर के स्टेट ऑपरेशन सेल को सौंप दिया गया है। BSF से मिली जानकारी के मुताबिक टेक्निकल और फिजिकल मॉनिटरिंग से उन्हें जानकारी मिली कि सीमा पार से हथियारों का जखीरा भारत में भेजने की कोशिश की जा रही है। इनके जरिए पंजाब में आतंकी साजिश को अंजाम दिया जाना है। इसके बाद BSF की टीम ने मेहंदीपुर गांव के पास बॉर्डर फेंस से आगे तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान BSF जवानों को एक संदिग्ध पैकेट मिला, जिसकी तलाशी लेने पर उसमें से हथियार बरामद हुए। इंटरनेशनल बॉर्डर से हथियार बरामदगी से जुड़े PHOTOS… BSF ने ये हथियार SSOC को सौंपे
मेहंदीपुर गांव के पास बॉर्डर फेंस से बरामद हथियारों को BSF ने SSOC को सौंप दिए है। इनकी शुरुआती जांच में पता चला कि यह खेप पाकिस्तान स्थित आतंकियों ने भेजी थी। इसके जरिए किसी बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम दिया जाना था। बीएसएफ ने कहा कि सीमा पर हर संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है और किसी भी आतंकी या हथियार तस्करी की कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। तस्करों की पहचान करने, उनके संबंधों का पता लगाने और पूरे तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए जांच की जा रही है। अमृतसर SSOC के AIG सुखमिंदर सिंह मान ने कहा कि इस मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 25, 25(1)(A), 25(6), 25(7), भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस) की धारा 111 व 61(2) और पासपोर्ट एक्ट की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। DGP ने कहा- पाकिस्तान से आए हथियार
इस बारे में DGP गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि ये हथियार पाकिस्तान से आए थे। उन्होंने कहा कि तस्करों की पहचान करने और इस तस्करी नेटवर्क के पीछे के लोगों व संबंधों का खुलासा करने के लिए आगे की जांच जारी है ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। डीजीपी पंजाब की ओर से सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी पहले भी खुल चुकी पाकिस्तान से हथियार तस्करी की पोल… दो दिन पहले अमृतसर में इंटरनेशनल हथियार तस्कर गिरफ्तार हुए थे
पंजाब पुलिस के अमृतसर काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने दो दिन पहले पाकिस्तान से जुड़े हथियार तस्करी गिरोह को पकड़ने में सफलता हासिल की थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेश उर्फ आशू मसीह, अंग्रेज सिंह और अर्शदीप सिंह के तौर पर हुई थी। ये तीनों जिला तरनतारन के रहने वाले थे, जो सरहद पार से हथियार मंगवाने का काम कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल आठ पिस्तौल बरामद की थी, जिनमें 3 पिस्तौल 9mm बोर की और 5 पिस्तौले .30 बोर की शामिल थी। साथ ही सभी के मैगजीन भी जब्त किए गए थे। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ था कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान स्थित एक हथियार तस्कर के संपर्क में था। आरोपियों की मांग पर पाक तस्कर हथियारों की खेप भेजता था। यह खेप तरनतारन जिले के सीमावर्ती गांव मारी कंबो के इलाके से भारत में लाई जाती थी। महेश उर्फ आशू मसीह और अंग्रेज सिंह पहले से ही थाना एसएसओसी अमृतसर में दर्ज आर्म्स एक्ट के मामलों में वांछित थे। दो महीने पहले पाकिस्तान से पंजाब पहुंचे थे इम्पोर्टेड हथियार
दो महीने पहले पुलिस ने गुरु की वडाली छेहर्टा निवासी अमित सिंह को गिरफ्तार किया थे। उसके पास से 5 ग्लॉक पिस्टल, 4 मैगजीन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई थी। ये सभी हथियार अवैध रूप से पंजाब में पहुंचाए गए थे। प्रारंभिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए थे। आरोपी अमित सिंह अपने साथी गुरप्रीत सिंह उर्फ गिन्नी के साथ मिलकर पाकिस्तान स्थित हथियार तस्करों के संपर्क में था। यह गिरोह सीमा पार से पंजाब तक हथियारों की खेप भेज रहा था।