भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी करीब 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा मौत मामले में CBI की 37 दिन की जांच हो चुकी है। लेकिन अभी भी मामला हत्या और आत्महत्या के बीच उलझा हुआ है। CBI भी इसे स्पष्ट नहीं कर पाई। हालांकि परिवार को अंतिम उम्मीद सीबीआई से ही है। परिवार का मानना है कि CBI मनीषा को न्याय दिलाएगी। अब दोबारा से सोमवार को CBI की टीम दिल्ली से भिवानी पहुंची थी। भिवानी लौटने के बाद CBI की टीम गांव ढाणी लक्ष्मण पहुंची। जहां मनीषा के घर जाकर परिवार से पूछताछ की। वहीं CBI इस मामले में मनीषा के परिवार से अब तक 4 बार पूछताछ कर चुकी है। पुलिस से भी CBI 4 बार जानकारी ले चुकी है। 11 अगस्त को हुई थी लापता
11 अगस्त को मनीषा प्ले स्कूल में गई थी। इसके बाद वहां से घर के लिए निकली। लेकिन घर नहीं पहुंची। हालांकि परिवार का आरोप है कि वह नर्सिंग कॉलेज में दाखिले के लिए गई, लेकिन इसके बाद मनीषा का कोई भी सुराग नहीं लग पाया। इधर, 13 अगस्त की सुबह मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। वहीं बाद में पुलिस ने इस केस को आत्महत्या बताया। पुलिस के अनुसार मनीषा ने जहरीला पदार्थ खरीदा और खेतों में जाकर सेवन कर लिया। जिसके कारण उसकी मौत हुई। हालांकि परिवार इस मामले को आत्महत्या मानने को तैयार नहीं है। इसलिए काफी दिनों तक आंदोलन चला और CBI जांच की मांग की। इसके बाद सरकार ने इस मामले में CBI जांच करने की घोषणा की। वहीं मनीषा के शव का 3 बार (पहली बार भिवानी नागरिक अस्पताल से, दूसरी बार रोहतक पीजीआई से और तीसरी बार दिल्ली एम्स से) पोस्टमॉर्टम करवाया गया था। 3 सितंबर को भिवानी पहुंची थी सीबीआई
केस CBI को सौंपने के बाद दिल्ली CBI की टीम पहली बार 3 सितंबर को भिवानी पहुंची थी। इसके बाद CBI की टीम ने स्थानीय पुलिस से रिकार्ड लिया। इसके बाद हत्या और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। वहीं इसके बाद मनीषा केस से जुड़े लोगों, जिनमें पुलिस के जांच अधिकारी, मृतका के पिता, मनीषा के प्ले स्कूल संचालक, नर्सिंग कॉलेज संचालक, चश्मदीद, खेत मालिक, दवा विक्रेता आदि से पूछताछ की। वहीं दिल्ली से स्पेशल एफएसएल टीम बुलाकर साक्ष्य जुटाए। ताकि मामला स्पष्ट हो सके।
भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी करीब 19 वर्षीय शिक्षिका मनीषा मौत मामले में CBI की 37 दिन की जांच हो चुकी है। लेकिन अभी भी मामला हत्या और आत्महत्या के बीच उलझा हुआ है। CBI भी इसे स्पष्ट नहीं कर पाई। हालांकि परिवार को अंतिम उम्मीद सीबीआई से ही है। परिवार का मानना है कि CBI मनीषा को न्याय दिलाएगी। अब दोबारा से सोमवार को CBI की टीम दिल्ली से भिवानी पहुंची थी। भिवानी लौटने के बाद CBI की टीम गांव ढाणी लक्ष्मण पहुंची। जहां मनीषा के घर जाकर परिवार से पूछताछ की। वहीं CBI इस मामले में मनीषा के परिवार से अब तक 4 बार पूछताछ कर चुकी है। पुलिस से भी CBI 4 बार जानकारी ले चुकी है। 11 अगस्त को हुई थी लापता
11 अगस्त को मनीषा प्ले स्कूल में गई थी। इसके बाद वहां से घर के लिए निकली। लेकिन घर नहीं पहुंची। हालांकि परिवार का आरोप है कि वह नर्सिंग कॉलेज में दाखिले के लिए गई, लेकिन इसके बाद मनीषा का कोई भी सुराग नहीं लग पाया। इधर, 13 अगस्त की सुबह मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में मिला। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। वहीं बाद में पुलिस ने इस केस को आत्महत्या बताया। पुलिस के अनुसार मनीषा ने जहरीला पदार्थ खरीदा और खेतों में जाकर सेवन कर लिया। जिसके कारण उसकी मौत हुई। हालांकि परिवार इस मामले को आत्महत्या मानने को तैयार नहीं है। इसलिए काफी दिनों तक आंदोलन चला और CBI जांच की मांग की। इसके बाद सरकार ने इस मामले में CBI जांच करने की घोषणा की। वहीं मनीषा के शव का 3 बार (पहली बार भिवानी नागरिक अस्पताल से, दूसरी बार रोहतक पीजीआई से और तीसरी बार दिल्ली एम्स से) पोस्टमॉर्टम करवाया गया था। 3 सितंबर को भिवानी पहुंची थी सीबीआई
केस CBI को सौंपने के बाद दिल्ली CBI की टीम पहली बार 3 सितंबर को भिवानी पहुंची थी। इसके बाद CBI की टीम ने स्थानीय पुलिस से रिकार्ड लिया। इसके बाद हत्या और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। वहीं इसके बाद मनीषा केस से जुड़े लोगों, जिनमें पुलिस के जांच अधिकारी, मृतका के पिता, मनीषा के प्ले स्कूल संचालक, नर्सिंग कॉलेज संचालक, चश्मदीद, खेत मालिक, दवा विक्रेता आदि से पूछताछ की। वहीं दिल्ली से स्पेशल एफएसएल टीम बुलाकर साक्ष्य जुटाए। ताकि मामला स्पष्ट हो सके।