पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग राज्य सरकार के अफसरों को धमका रहा है। ममता ने चेतावनी दी कि उनकी सरकार ऐसी धमकियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। ममता ने कहा कि भाजपा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के नाम पर आग से खेल रही है। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने के नाम पर राजनीतिक दखल की कोशिश की जा रही है। वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ की कोई भी कोशिश लोकतंत्र के साथ धोखा होगा। पश्चिम बंगाल सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता ने कहा- चुनाव आयोग के अधिकारी राज्य का दौरा करके सरकारी अधिकारियों को कैसे बुला सकते हैं, जबकि चुनाव की तारीखों का ऐलान भी नहीं हुआ है। SIR वोटर्स को वोट से वंचित करने की चाल पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को लेकर ममता ने दावा किया कि वे राज्य में SIR प्रक्रिया की देखरेख कर रहे हैं जबकि उन पर आरोप हैं और वह भ्रष्ट अफसरों की नियुक्ति कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा था कि बंगाल में SIR के बाद 1.5 करोड़ वोटर्स को हटा दिया जाएगा। इस पर ममता ने कहा कि प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही ऐसा बयान कैसे दिया जा सकता है। बनर्जी ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से उनका यह संदेह और पुख्ता होता है कि SIR राजनीति से प्रेरित है। ममता की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आई है, जिसे तृणमूल कांग्रेस ने बार-बार 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले अल्पसंख्यकों और गरीब वोटर्स को वोटिंग से वंचित करने की भाजपा की चाल बताया है। एक दिन पहले कहा था- शाह एक दिन मोदी के मीर जाफर बनेंगे ममता बनर्जी ने कोलकाता में बुधवार को कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यवाहक प्रधानमंत्री की तरह बर्ताव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाह पर ज्यादा भरोसा न करें। उन्होंने शाह की तुलना मीर जाफर से की। CM ने ये बयान ओडिशा के कटक में 5 अक्टूबर को दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा और बिहार में SIR को लेकर दिया। ममता ने कहा, ‘कटक में हालात बहुत खराब हैं। भाजपा और बजरंग दल की वजह से वहां सांप्रदायिक हिंसा हुई है।’ CM ममता ने कहा- भाजपा और बजरंग दल के लोग देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मैंने कई सरकारें देखी हैं, लेकिन इतनी घमंडी और तानाशाह सरकार पहले कभी नहीं देखी। उन्हें याद रखना चाहिए कि आज वे सत्ता में हैं, लेकिन कल नहीं भी हो सकते। कुछ भी हमेशा के लिए नहीं रहता। 15 दिन में SIR कैसे हो सकती हैं? कौन था मीर जाफर मीर जाफर बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति था, जिसे भारतीय इतिहास में विश्वासघात का प्रतीक माना जाता है। 1757 की प्लासी की लड़ाई में उसने अंग्रेजों से मिलकर सिराजुद्दौला से गद्दारी की थी। मीर जाफर ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ गुप्त समझौता किया, जिससे सिराजुद्दौला की हार हुई और अंग्रेजों की भारत में सत्ता की नींव पड़ी। बाद में अंग्रेजों ने मीर जाफर को बंगाल का नवाब बना दिया था। ममता ने ये भी कहा —————————————– ये खबर भी पढ़ें… 29 मई- ममता ने कहा था- पीएम ऐसे बात कर रहे, जैसे हर महिला के पति हों ममता बनर्जी ने 29 मई को कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ऐसे बात कर रहे हैं, जैसे हर महिला के पति हों। वे अपनी पत्नी को सिंदूर क्यों नहीं देते? हालांकि मैं इस संबंध में बात नहीं करना चाहती, लेकिन आपने मुझे बोलने के लिए मजबूर कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…
पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने गुरुवार को आरोप लगाया कि चुनाव आयोग राज्य सरकार के अफसरों को धमका रहा है। ममता ने चेतावनी दी कि उनकी सरकार ऐसी धमकियों को बर्दाश्त नहीं करेगी। ममता ने कहा कि भाजपा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के नाम पर आग से खेल रही है। चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष रखने के नाम पर राजनीतिक दखल की कोशिश की जा रही है। वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ की कोई भी कोशिश लोकतंत्र के साथ धोखा होगा। पश्चिम बंगाल सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ममता ने कहा- चुनाव आयोग के अधिकारी राज्य का दौरा करके सरकारी अधिकारियों को कैसे बुला सकते हैं, जबकि चुनाव की तारीखों का ऐलान भी नहीं हुआ है। SIR वोटर्स को वोट से वंचित करने की चाल पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल को लेकर ममता ने दावा किया कि वे राज्य में SIR प्रक्रिया की देखरेख कर रहे हैं जबकि उन पर आरोप हैं और वह भ्रष्ट अफसरों की नियुक्ति कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री शांतनु ठाकुर ने कहा था कि बंगाल में SIR के बाद 1.5 करोड़ वोटर्स को हटा दिया जाएगा। इस पर ममता ने कहा कि प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही ऐसा बयान कैसे दिया जा सकता है। बनर्जी ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से उनका यह संदेह और पुख्ता होता है कि SIR राजनीति से प्रेरित है। ममता की यह टिप्पणी पश्चिम बंगाल में SIR को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच आई है, जिसे तृणमूल कांग्रेस ने बार-बार 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले अल्पसंख्यकों और गरीब वोटर्स को वोटिंग से वंचित करने की भाजपा की चाल बताया है। एक दिन पहले कहा था- शाह एक दिन मोदी के मीर जाफर बनेंगे ममता बनर्जी ने कोलकाता में बुधवार को कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कार्यवाहक प्रधानमंत्री की तरह बर्ताव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाह पर ज्यादा भरोसा न करें। उन्होंने शाह की तुलना मीर जाफर से की। CM ने ये बयान ओडिशा के कटक में 5 अक्टूबर को दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा और बिहार में SIR को लेकर दिया। ममता ने कहा, ‘कटक में हालात बहुत खराब हैं। भाजपा और बजरंग दल की वजह से वहां सांप्रदायिक हिंसा हुई है।’ CM ममता ने कहा- भाजपा और बजरंग दल के लोग देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। मैंने कई सरकारें देखी हैं, लेकिन इतनी घमंडी और तानाशाह सरकार पहले कभी नहीं देखी। उन्हें याद रखना चाहिए कि आज वे सत्ता में हैं, लेकिन कल नहीं भी हो सकते। कुछ भी हमेशा के लिए नहीं रहता। 15 दिन में SIR कैसे हो सकती हैं? कौन था मीर जाफर मीर जाफर बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला का सेनापति था, जिसे भारतीय इतिहास में विश्वासघात का प्रतीक माना जाता है। 1757 की प्लासी की लड़ाई में उसने अंग्रेजों से मिलकर सिराजुद्दौला से गद्दारी की थी। मीर जाफर ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ गुप्त समझौता किया, जिससे सिराजुद्दौला की हार हुई और अंग्रेजों की भारत में सत्ता की नींव पड़ी। बाद में अंग्रेजों ने मीर जाफर को बंगाल का नवाब बना दिया था। ममता ने ये भी कहा —————————————– ये खबर भी पढ़ें… 29 मई- ममता ने कहा था- पीएम ऐसे बात कर रहे, जैसे हर महिला के पति हों ममता बनर्जी ने 29 मई को कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ऐसे बात कर रहे हैं, जैसे हर महिला के पति हों। वे अपनी पत्नी को सिंदूर क्यों नहीं देते? हालांकि मैं इस संबंध में बात नहीं करना चाहती, लेकिन आपने मुझे बोलने के लिए मजबूर कर दिया। पूरी खबर पढ़ें…