हरियाणा के जींद जिले के दनौदा गांव से पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे एवं पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा शुरू हो गई। बिनैण खाप के चबूतरे पर हुई सभा में बीरेंद्र सिंह ने कहा-जो कांग्रेस को तोड़ने की बात करते हैं, हम उनका विरोध करते हैं। यात्रा का मकसद 36 बिरादरी में भाईचारे को बढ़ावा देना है। यात्रा में राजस्थान के चुरू से सांसद राहुल कस्वां, राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला के बेटे एवं कैथल से विधायक आदित्य सुरजेवाला, पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी व महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुधा भारद्वाज शामिल हुईं। पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे के स्थानीय नेता यात्रा में नजर नहीं आए। कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र पहले ही कह चुके हैं-यात्रा में शामिल होने या न होने निर्णय हाईकमान के निर्देशानुसार लिया जाएगा। 6 महीने में 3600 किलोमीटर का सफर तय होगा
यह यात्रा 6 महीने चलेगी। इस दौरान हरियाणा के सभी 90 हलकों को टच किया जाएगा। कुल मिलाकर 3600 किलोमीटर का सफर तय होगा। यात्रा के समापन पर बड़ी रैली भी हो सकती है, हालांकि अभी इसका स्थान व समय तय नहीं है। बीरेंद्र बोले- बृजेंद्र ने यात्रा को लेकर राहुल की सलाह ली
पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह यात्रा राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से प्रेरित है। बृजेंद्र वह 4 महीने पहले राहुल से मिले और यात्रा को लेकर बात की। राहुल ने कहा था कि अपने हिसाब से लोगों को इकट्ठा करने के नारे लगाने हैं। कांग्रेस ने हमेशा से ही भाईचारे को इकट्ठा करना सीखा है। कांग्रेस को जो तोड़ने की बात कर रहे हैं हम उनका भी विरोध करेंगे। भाजपा किसान विरोधी है। यह चार-चार साल के लिए भेज कर फौज को खत्म करना चाहते हैं। एससी समाज को 5-5 किलो अनाज देकर भाजपा मारने का काम भाजपा कर रही है। यहां जानिए सद्भाव यात्रा में बृजेंद्र और बीरेंद्र सिंह ने क्या-क्या कहा… बृजेंद्र बोले- सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाला देश द्रोही
पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार “फूट डालो और राज करो” की नीति अपना रही है। अगर कोई सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है, तो उसे देशद्रोही करार दिया जाता है। किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान किसानों को देशद्रोही और विद्रोही जैसे शब्दों से संबोधित किया गया। अमीर हो या गरीब, सबको बोलने का हक : बीरेंद्र सिंह
चौधरी बीरेंद्र सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही भाईचारे को इकट्ठा करना सिखाया है। कांग्रेस को जो तोड़ने की बात कर रहे हैं, हम उनका भी विरोध करेंगे। भाजपा किसान विरोधी है। युवाओं को चार-चार साल के लिए सेना में भेज कर फौज को खत्म करना चाहते हैं। शेड्यूल कास्ट के लोग हैं, उनको पांच-पांच किलो अनाज देते हैं। भूखे मारने का काम भाजपा कर रही है। भाजपा सरकार किसी भी गरीब वर्ग को बढ़ने नहीं देती है। भाईचारा हमारा कांग्रेस का रहने का ढंग है। हम हिंदू और मुसलमान को इकट्ठा कर रहे हैं। भाजपा सरकार में एक मुसलमान सांसद नहीं है, ये समाज को तोड़ने की बात करते हैं। आदित्य सुरजेवाला बोले- सीईटी का एग्जाम दिया, लेकिन रिजल्ट नहीं आते
कैथल के कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि यह यात्रा हर आमजन, मजदूर, हर वर्ग और नौजवानों के लिए है, और जितने भी हलकों में जाना पड़े, वहां जाएंगे। जब यह यात्रा गांव-गांव की गलियों में जाएगी, तो आपको उत्साह भी मिलेगा, लेकिन हालातों को देखते हुए दुख भी मिलेगा। पहले लोगों को जलन होती थी कि छोटा सा हरियाणा कैसे इतनी तरक्की कर गया। मगर, 10 साल में भाजपा सरकार ने दिखा दिया कि भाजपा के हाथों में ही मुमकिन है कि कैसे सबसे बढ़िया और विकासशील प्रदेश को भी तोड़ा जा सकता है। किसानों को MSP पर गारंटी नहीं मिली
सुरजेवाला ने आगे कहा- भाजपा सरकार में नौकरी एक बहुत बड़ा झूठ है। यह हमारा हरियाणा है, जहां हमारे किसान को एमएसपी की गारंटी के नाम पर कुछ नहीं मिलता। 2389 रुपए एमएसपी पर धान लेने की बात कही गई है, लेकिन मंडियों में 1800-1900 में खरीदा जा रहा है, तो कहां का एमएसपी? पिछले दिनों में बाढ़ आई है, और इस भाजपा सरकार ने बोल दिया कि तुम सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटो, वहां से यह कोई ना कोई काम बता देते हैं तुम्हें, लेकिन मुआवजा नहीं देते। चूरू के सांसद बोले- यात्रा से भाजपा का घमंड टूटेगा
चूरू सांसद राहुल कास्वां ने कहा कि यात्रा को 7 महीने का समय तो लगेगा, लेकिन भाजपा का घमंड टूट जाएगा। अगर किसान आंदोलन में आवाज उठी थी तो हरियाणा और पंजाब से उठी थी। धीरे-धीरे पूरे हिंदुस्तान में गई। भाजपा ने हमेशा दो चीजों का सहारा लिया, पहला धर्म, जहां धर्म का सहारा नहीं चला, वहां जातियों का सहारा लिया। हमेशा से तोड़ने का प्रयास रहा। जो सद्भाव यात्रा इस हलके से शुरू हुई, वह भारत में अपनी पहचान बनाएगी। यात्रा का आज का कार्यक्रम
बृजेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि यात्रा के पहले दिन नरवाना हलके के दनौदा गांव के ऐतिहासिक चबूतरे से शुरू होकर सच्चा खेड़ा, बडनपुर, सुंदरपुरा, धर्मगढ़ होते हुए नरवाना में जाट धर्मशाला में रात्रि विश्राम करेगी। 6 अक्टूबर को यात्रा बेलरखा से शुरू होकर उझाना, नेपेवाला, धनौरी, और कोयल पहुंचेगी। 7 अक्टूबर को यह यात्रा कलायत में होगी। उन्होंने आगे बताया कि आने वाले सवा महीने में यात्रा 14 हलकों से होकर गुजरेगी। यात्रा का दूसरा चरण नांगल चौधरी से शुरू होगा और लगभग 7 महीने तक चलेगा। प्रत्येक हलके में यात्रा दो दिन रहेगी, जबकि बड़े शहरी क्षेत्रों में कुछ दिन अधिक लग सकते हैं। यात्रा से जुड़े 4 PHOTOS… अब 4 वजह समझें क्यों ये यात्रा जींद से ही शुरू की… नरवाना व उचाना से चुनाव लड़ चुका बीरेंद्र परिवार
बीरेंद्र सिंह का पैतृक गांव डूमरखां जींद जिले में पड़ता है। उनकी पूरा सियासी करियर जींद-हिसार के आसपास ज्यादा रहा है। बीरेंद्र सिंह खुद पहले नरवाना से पूर्व CM ओमप्रकाश चौटाला के सामने चुनाव लड़ते थे। बाद में नरवाना हलका रिजर्व हो गया। जिसके बाद बीरेंद्र सिंह ने उचाना कलां को कर्मभूमि बनाया।
उचाना कलां से वह खुद, उनकी पत्नी प्रेमलता विधायक रह चुके हैं। अक्टूबर 2024 में उनका बेटा बृजेंद्र सिंह भी इस सीट से चुनाव लड़े लेकिन भाजपा के देवेंद्र अत्री से महज 32 वोट से चुनाव हार गए। इस संबंध में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका भी लंबित है। जींद प्रदेश की सियासी राजधानी
जींद के प्रदेश की सियासी राजधानी भी कहा जाता रहा है। सभी बड़े नेता पहले चुनाव उद्घोष जींद से ही करते थे। चौ. देवीलाल ने भी न्याय युद्ध यहीं से शुरू किया। उसके बाद इनेलो भी अपने चुनाव अभियान यहीं से शुरू करती थी। किसी समय में जींद इनेलो का भी गढ़ माना जाता था। बीरेंद्र सिंह जब कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए, तब भी यहीं रैली की गई थी। कांग्रेस जींद में जनाधार गंवा चुकी, भाजपा ने पांव जमाए
इनेलो व कांग्रेस के कमजोर पड़ने के बाद भाजपा ने जींद में पांव जमाए। जिले की 5 में से 4 सीटें भाजपा के पास हैं। जींद, नरवाना, उचाना कलां व सफीदों में भाजपा विधायक हैं। कांग्रेस के खाते में सिर्फ जुलाना सीट है, जहां से पूर्व रेसलर विनेश फोगाट विधायक हैं। ऐसे में यात्रा के जरिए बीरेंद्र सिंह अपने जिले में मजबूती का प्रयास कर रहे हैं। 7 जिलों से जुड़ी हैं जींद की सीमाएं
इसके अलावा जींद जिले की सीमाएं कैथल, करनाल, पानीपत, रोहतक, सोनीपत, हिसार व फतेहाबाद जिलों से लगती हैं। जींद का राजनीतिक संदेश हरियाणा के तीसरे हिस्से में चला जाता है। यही वजह से यात्रा के लिए जींद जिले का चयन किया गया है। ——————————————— बीरेंद्र के बेटे की यात्रा से हुड्डा खेमे का किनारा:सांसद जेपी और उदयभान बोले-ये कांग्रेस का नहीं, निजी कार्यक्रम; 6 माह चलेगी यात्रा हरियाणा कांग्रेस में रोज नई कॉन्ट्रोवर्सी सामने आ रही है। अब ताजा विवाद चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे एवं पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा को लेकर है। यह यात्रा 5 अक्टूबर को शुरू होनी है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे से जुड़े नेताओं ने अभी से इससे किनारा करना करना शुरू कर दिया है। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के जींद जिले के दनौदा गांव से पूर्व मंत्री बीरेंद्र सिंह के बेटे एवं पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा शुरू हो गई। बिनैण खाप के चबूतरे पर हुई सभा में बीरेंद्र सिंह ने कहा-जो कांग्रेस को तोड़ने की बात करते हैं, हम उनका विरोध करते हैं। यात्रा का मकसद 36 बिरादरी में भाईचारे को बढ़ावा देना है। यात्रा में राजस्थान के चुरू से सांसद राहुल कस्वां, राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला के बेटे एवं कैथल से विधायक आदित्य सुरजेवाला, पूर्व मंत्री अतर सिंह सैनी व महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुधा भारद्वाज शामिल हुईं। पूर्व CM भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे के स्थानीय नेता यात्रा में नजर नहीं आए। कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र पहले ही कह चुके हैं-यात्रा में शामिल होने या न होने निर्णय हाईकमान के निर्देशानुसार लिया जाएगा। 6 महीने में 3600 किलोमीटर का सफर तय होगा
यह यात्रा 6 महीने चलेगी। इस दौरान हरियाणा के सभी 90 हलकों को टच किया जाएगा। कुल मिलाकर 3600 किलोमीटर का सफर तय होगा। यात्रा के समापन पर बड़ी रैली भी हो सकती है, हालांकि अभी इसका स्थान व समय तय नहीं है। बीरेंद्र बोले- बृजेंद्र ने यात्रा को लेकर राहुल की सलाह ली
पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि यह यात्रा राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा से प्रेरित है। बृजेंद्र वह 4 महीने पहले राहुल से मिले और यात्रा को लेकर बात की। राहुल ने कहा था कि अपने हिसाब से लोगों को इकट्ठा करने के नारे लगाने हैं। कांग्रेस ने हमेशा से ही भाईचारे को इकट्ठा करना सीखा है। कांग्रेस को जो तोड़ने की बात कर रहे हैं हम उनका भी विरोध करेंगे। भाजपा किसान विरोधी है। यह चार-चार साल के लिए भेज कर फौज को खत्म करना चाहते हैं। एससी समाज को 5-5 किलो अनाज देकर भाजपा मारने का काम भाजपा कर रही है। यहां जानिए सद्भाव यात्रा में बृजेंद्र और बीरेंद्र सिंह ने क्या-क्या कहा… बृजेंद्र बोले- सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाला देश द्रोही
पूर्व सांसद और कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार “फूट डालो और राज करो” की नीति अपना रही है। अगर कोई सरकार की नीतियों पर सवाल उठाता है, तो उसे देशद्रोही करार दिया जाता है। किसान आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान किसानों को देशद्रोही और विद्रोही जैसे शब्दों से संबोधित किया गया। अमीर हो या गरीब, सबको बोलने का हक : बीरेंद्र सिंह
चौधरी बीरेंद्र सिंह ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही भाईचारे को इकट्ठा करना सिखाया है। कांग्रेस को जो तोड़ने की बात कर रहे हैं, हम उनका भी विरोध करेंगे। भाजपा किसान विरोधी है। युवाओं को चार-चार साल के लिए सेना में भेज कर फौज को खत्म करना चाहते हैं। शेड्यूल कास्ट के लोग हैं, उनको पांच-पांच किलो अनाज देते हैं। भूखे मारने का काम भाजपा कर रही है। भाजपा सरकार किसी भी गरीब वर्ग को बढ़ने नहीं देती है। भाईचारा हमारा कांग्रेस का रहने का ढंग है। हम हिंदू और मुसलमान को इकट्ठा कर रहे हैं। भाजपा सरकार में एक मुसलमान सांसद नहीं है, ये समाज को तोड़ने की बात करते हैं। आदित्य सुरजेवाला बोले- सीईटी का एग्जाम दिया, लेकिन रिजल्ट नहीं आते
कैथल के कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि यह यात्रा हर आमजन, मजदूर, हर वर्ग और नौजवानों के लिए है, और जितने भी हलकों में जाना पड़े, वहां जाएंगे। जब यह यात्रा गांव-गांव की गलियों में जाएगी, तो आपको उत्साह भी मिलेगा, लेकिन हालातों को देखते हुए दुख भी मिलेगा। पहले लोगों को जलन होती थी कि छोटा सा हरियाणा कैसे इतनी तरक्की कर गया। मगर, 10 साल में भाजपा सरकार ने दिखा दिया कि भाजपा के हाथों में ही मुमकिन है कि कैसे सबसे बढ़िया और विकासशील प्रदेश को भी तोड़ा जा सकता है। किसानों को MSP पर गारंटी नहीं मिली
सुरजेवाला ने आगे कहा- भाजपा सरकार में नौकरी एक बहुत बड़ा झूठ है। यह हमारा हरियाणा है, जहां हमारे किसान को एमएसपी की गारंटी के नाम पर कुछ नहीं मिलता। 2389 रुपए एमएसपी पर धान लेने की बात कही गई है, लेकिन मंडियों में 1800-1900 में खरीदा जा रहा है, तो कहां का एमएसपी? पिछले दिनों में बाढ़ आई है, और इस भाजपा सरकार ने बोल दिया कि तुम सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटो, वहां से यह कोई ना कोई काम बता देते हैं तुम्हें, लेकिन मुआवजा नहीं देते। चूरू के सांसद बोले- यात्रा से भाजपा का घमंड टूटेगा
चूरू सांसद राहुल कास्वां ने कहा कि यात्रा को 7 महीने का समय तो लगेगा, लेकिन भाजपा का घमंड टूट जाएगा। अगर किसान आंदोलन में आवाज उठी थी तो हरियाणा और पंजाब से उठी थी। धीरे-धीरे पूरे हिंदुस्तान में गई। भाजपा ने हमेशा दो चीजों का सहारा लिया, पहला धर्म, जहां धर्म का सहारा नहीं चला, वहां जातियों का सहारा लिया। हमेशा से तोड़ने का प्रयास रहा। जो सद्भाव यात्रा इस हलके से शुरू हुई, वह भारत में अपनी पहचान बनाएगी। यात्रा का आज का कार्यक्रम
बृजेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि यात्रा के पहले दिन नरवाना हलके के दनौदा गांव के ऐतिहासिक चबूतरे से शुरू होकर सच्चा खेड़ा, बडनपुर, सुंदरपुरा, धर्मगढ़ होते हुए नरवाना में जाट धर्मशाला में रात्रि विश्राम करेगी। 6 अक्टूबर को यात्रा बेलरखा से शुरू होकर उझाना, नेपेवाला, धनौरी, और कोयल पहुंचेगी। 7 अक्टूबर को यह यात्रा कलायत में होगी। उन्होंने आगे बताया कि आने वाले सवा महीने में यात्रा 14 हलकों से होकर गुजरेगी। यात्रा का दूसरा चरण नांगल चौधरी से शुरू होगा और लगभग 7 महीने तक चलेगा। प्रत्येक हलके में यात्रा दो दिन रहेगी, जबकि बड़े शहरी क्षेत्रों में कुछ दिन अधिक लग सकते हैं। यात्रा से जुड़े 4 PHOTOS… अब 4 वजह समझें क्यों ये यात्रा जींद से ही शुरू की… नरवाना व उचाना से चुनाव लड़ चुका बीरेंद्र परिवार
बीरेंद्र सिंह का पैतृक गांव डूमरखां जींद जिले में पड़ता है। उनकी पूरा सियासी करियर जींद-हिसार के आसपास ज्यादा रहा है। बीरेंद्र सिंह खुद पहले नरवाना से पूर्व CM ओमप्रकाश चौटाला के सामने चुनाव लड़ते थे। बाद में नरवाना हलका रिजर्व हो गया। जिसके बाद बीरेंद्र सिंह ने उचाना कलां को कर्मभूमि बनाया।
उचाना कलां से वह खुद, उनकी पत्नी प्रेमलता विधायक रह चुके हैं। अक्टूबर 2024 में उनका बेटा बृजेंद्र सिंह भी इस सीट से चुनाव लड़े लेकिन भाजपा के देवेंद्र अत्री से महज 32 वोट से चुनाव हार गए। इस संबंध में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका भी लंबित है। जींद प्रदेश की सियासी राजधानी
जींद के प्रदेश की सियासी राजधानी भी कहा जाता रहा है। सभी बड़े नेता पहले चुनाव उद्घोष जींद से ही करते थे। चौ. देवीलाल ने भी न्याय युद्ध यहीं से शुरू किया। उसके बाद इनेलो भी अपने चुनाव अभियान यहीं से शुरू करती थी। किसी समय में जींद इनेलो का भी गढ़ माना जाता था। बीरेंद्र सिंह जब कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए, तब भी यहीं रैली की गई थी। कांग्रेस जींद में जनाधार गंवा चुकी, भाजपा ने पांव जमाए
इनेलो व कांग्रेस के कमजोर पड़ने के बाद भाजपा ने जींद में पांव जमाए। जिले की 5 में से 4 सीटें भाजपा के पास हैं। जींद, नरवाना, उचाना कलां व सफीदों में भाजपा विधायक हैं। कांग्रेस के खाते में सिर्फ जुलाना सीट है, जहां से पूर्व रेसलर विनेश फोगाट विधायक हैं। ऐसे में यात्रा के जरिए बीरेंद्र सिंह अपने जिले में मजबूती का प्रयास कर रहे हैं। 7 जिलों से जुड़ी हैं जींद की सीमाएं
इसके अलावा जींद जिले की सीमाएं कैथल, करनाल, पानीपत, रोहतक, सोनीपत, हिसार व फतेहाबाद जिलों से लगती हैं। जींद का राजनीतिक संदेश हरियाणा के तीसरे हिस्से में चला जाता है। यही वजह से यात्रा के लिए जींद जिले का चयन किया गया है। ——————————————— बीरेंद्र के बेटे की यात्रा से हुड्डा खेमे का किनारा:सांसद जेपी और उदयभान बोले-ये कांग्रेस का नहीं, निजी कार्यक्रम; 6 माह चलेगी यात्रा हरियाणा कांग्रेस में रोज नई कॉन्ट्रोवर्सी सामने आ रही है। अब ताजा विवाद चौधरी बीरेंद्र सिंह के बेटे एवं पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा को लेकर है। यह यात्रा 5 अक्टूबर को शुरू होनी है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा खेमे से जुड़े नेताओं ने अभी से इससे किनारा करना करना शुरू कर दिया है। (पूरी खबर पढ़ें)