जेल में बंद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने पति पर पाकिस्तान से जुड़े होने के आरोपों का खंडन किया है। न्यूज एजेंसी PTI से उन्होंने रविवार को कहा कि वांगचुक ने हमेशा गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन किया है और 4 सितंबर की हिंसा के लिए CRPF जिम्मेदार हैं। अंगमो ने स्पष्ट किया कि उनके पति की पाकिस्तान की यात्राएं जलवायु परिवर्तन से जुड़ी थीं। कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित सम्मेलन में गए थे। हिमालय के ग्लेशियर के पानी में हम भारत या पाकिस्तान नहीं देखते। गीतांजलि अंगमो हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लर्निंग (एचआईएएल) की सह-संस्थापक हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने पति से संपर्क नहीं कर पाई हैं। गिरफ्तारी का आदेश अभी तक नहीं मिला है और वे कानूनी कार्रवाई करेंगी। लद्दाख डीजीपी ने कहा था- वांगचुक पाकिस्तान के संपर्क में थे शुक्रवार को लद्दाख डीजीपी ने कहा था कि सोनम वांगचुक पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव(PIO) के संपर्क में थे। इसे पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। दरअसल, लद्दाख में छठी अनुसूची की मांग और राज्य का दर्जा देने के लिए चल रहे आंदोलन के प्रमुख नेता सोनम वांगचुक को शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी लेह में 4 सितंबर को हुई हिंसक झड़पों के दो दिन बाद हुई। इसमें चार लोगों की मौत हुई और 90 घायल हो गए। वांगचुक को राजस्थान के जोधपुर जेल में रखा गया है। भाषण को गलत तरीके से पेश करने का आरोप अंगमो ने वांगचुक के भाषण को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने सिर्फ इतना कहा था कि बदलाव एक व्यक्ति की मौत से शुरू हो सकता है और वे इसके लिए तैयार हैं। वे भारतीय सेना के लिए आश्रय बनाने और चीनी सामान का बहिष्कार करने की बात करते हैं। वित्तीय अनियमितताओं पर दी सफाई अंगमो ने कहा कि एचआईएएल को विदेशी फंडिंग कंसल्टिंग सेवाओं के लिए मिली है, न कि दान में। संस्था 400 छात्रों से कोई फीस नहीं लेती और आइस स्टूपा जैसी इनोवेशन से कमाई करती है। अंगमो ने कहा कि वांगचुक विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि छठी अनुसूची के जरिए स्थानीय लोगों को विकास में भागीदारी चाहते हैं। लेह हिंसा के बाद अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई… ————————————— सोनम वांगचुक से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सोनम वांगचुक के समर्थन में जोधपुर-जेल के बाहर पहुंचा युवक:बोला- लेह-लद्दाख के सभी नागरिक देशभक्त; पुलिस ने डिटेन किया लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। शनिवार सुबह सवा दस बजे उनके समर्थन में एक युवक तिरंगा लिए जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर पहुंच गया था। भारत माता की जय के नारे लगाने लगा। युवक ने अपना नाम विजयपाल बताया। वह चूरू जिले के सुजानगढ़ का रहने वाला है। उसे पुलिस ने डिटेन किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पूरी खबर पढ़ें… लद्दाख में स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट क्यों हुआ हिंसक:वांगचुक के NGO पर एक्शन, बोले- GenZ प्रोटेस्ट नहीं, सरकार अनसुना करेगी तो फिर होगा 5 अगस्त 2019, केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का एलान किया। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर में आने वाले लद्दाख को अलग कर यूनियन टेरिटरी बनाने का भी फैसला हुआ। लेह में इस फैसले का जमकर स्वागत हुआ। हालांकि जल्द ही लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और 6वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग तेज हो गई। लद्दाख में तब से धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों का दौर जारी है। इसी मांग को लेकर लेह में 10 सितंबर से भूख हड़ताल और अनशन चल रहा था। 24 सितंबर को ये आंदोलन पहली बार हिंसक हो गया। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 90 लोग घायल हुए। प्रदर्शन का चेहरा रहे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार हमारी बातें अनसुनी करती रहेगी तो बदकिस्मती से ऐसा आगे भी हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें…
जेल में बंद सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने पति पर पाकिस्तान से जुड़े होने के आरोपों का खंडन किया है। न्यूज एजेंसी PTI से उन्होंने रविवार को कहा कि वांगचुक ने हमेशा गांधीवादी तरीके से प्रदर्शन किया है और 4 सितंबर की हिंसा के लिए CRPF जिम्मेदार हैं। अंगमो ने स्पष्ट किया कि उनके पति की पाकिस्तान की यात्राएं जलवायु परिवर्तन से जुड़ी थीं। कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित सम्मेलन में गए थे। हिमालय के ग्लेशियर के पानी में हम भारत या पाकिस्तान नहीं देखते। गीतांजलि अंगमो हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव लर्निंग (एचआईएएल) की सह-संस्थापक हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने पति से संपर्क नहीं कर पाई हैं। गिरफ्तारी का आदेश अभी तक नहीं मिला है और वे कानूनी कार्रवाई करेंगी। लद्दाख डीजीपी ने कहा था- वांगचुक पाकिस्तान के संपर्क में थे शुक्रवार को लद्दाख डीजीपी ने कहा था कि सोनम वांगचुक पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव(PIO) के संपर्क में थे। इसे पिछले महीने गिरफ्तार किया गया था। दरअसल, लद्दाख में छठी अनुसूची की मांग और राज्य का दर्जा देने के लिए चल रहे आंदोलन के प्रमुख नेता सोनम वांगचुक को शुक्रवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी लेह में 4 सितंबर को हुई हिंसक झड़पों के दो दिन बाद हुई। इसमें चार लोगों की मौत हुई और 90 घायल हो गए। वांगचुक को राजस्थान के जोधपुर जेल में रखा गया है। भाषण को गलत तरीके से पेश करने का आरोप अंगमो ने वांगचुक के भाषण को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वांगचुक ने सिर्फ इतना कहा था कि बदलाव एक व्यक्ति की मौत से शुरू हो सकता है और वे इसके लिए तैयार हैं। वे भारतीय सेना के लिए आश्रय बनाने और चीनी सामान का बहिष्कार करने की बात करते हैं। वित्तीय अनियमितताओं पर दी सफाई अंगमो ने कहा कि एचआईएएल को विदेशी फंडिंग कंसल्टिंग सेवाओं के लिए मिली है, न कि दान में। संस्था 400 छात्रों से कोई फीस नहीं लेती और आइस स्टूपा जैसी इनोवेशन से कमाई करती है। अंगमो ने कहा कि वांगचुक विकास के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि छठी अनुसूची के जरिए स्थानीय लोगों को विकास में भागीदारी चाहते हैं। लेह हिंसा के बाद अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई… ————————————— सोनम वांगचुक से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सोनम वांगचुक के समर्थन में जोधपुर-जेल के बाहर पहुंचा युवक:बोला- लेह-लद्दाख के सभी नागरिक देशभक्त; पुलिस ने डिटेन किया लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को 26 सितंबर को जोधपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया था। शनिवार सुबह सवा दस बजे उनके समर्थन में एक युवक तिरंगा लिए जोधपुर सेंट्रल जेल के बाहर पहुंच गया था। भारत माता की जय के नारे लगाने लगा। युवक ने अपना नाम विजयपाल बताया। वह चूरू जिले के सुजानगढ़ का रहने वाला है। उसे पुलिस ने डिटेन किया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। पूरी खबर पढ़ें… लद्दाख में स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट क्यों हुआ हिंसक:वांगचुक के NGO पर एक्शन, बोले- GenZ प्रोटेस्ट नहीं, सरकार अनसुना करेगी तो फिर होगा 5 अगस्त 2019, केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने का एलान किया। इसके साथ ही जम्मू कश्मीर में आने वाले लद्दाख को अलग कर यूनियन टेरिटरी बनाने का भी फैसला हुआ। लेह में इस फैसले का जमकर स्वागत हुआ। हालांकि जल्द ही लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और 6वीं अनुसूची में शामिल करने की मांग तेज हो गई। लद्दाख में तब से धरना-प्रदर्शन और आंदोलनों का दौर जारी है। इसी मांग को लेकर लेह में 10 सितंबर से भूख हड़ताल और अनशन चल रहा था। 24 सितंबर को ये आंदोलन पहली बार हिंसक हो गया। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई और 90 लोग घायल हुए। प्रदर्शन का चेहरा रहे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर सरकार हमारी बातें अनसुनी करती रहेगी तो बदकिस्मती से ऐसा आगे भी हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें…