केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने शनिवार (27 सितंबर) को कहा है कि पंजाब के लिए घोषित 1600 करोड़ रुपए का राहत पैकेज सीधे किसानों के खातों में भेजा जाएगा, राज्य सरकार को नहीं। उन्होंने बताया कि जैसे ही गिरदावरी (फसल के नुकसान का सर्वे) पूरा होगा, पैसा किसानों को मिल जाएगा। अगर जरूरत पड़ी, तो अतिरिक्त मदद भी दी जाएगी। ये राहत पैकेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद घोषित किया था। लेकिन पंजाब सरकार ने कहा है कि यह रकम बहुत कम है और इससे किसानों की पूरी मदद नहीं हो पाएगी। केंद्रीय मंत्री वर्मा ने कहा कि पंजाब में जो बाढ़ आई है, उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि लुधियाना में सतलुज नदी के किनारे बहुत ज्यादा खनन किया गया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि यह खनन पंजाब सरकार में जल संसाधन मंत्री के भाई ने करवाया है। लोग इसके खिलाफ प्रदर्शन भी कर चुके हैं, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। खनन की वजह से करीब 340 एकड़ जमीन में कटाव हुआ है। उधर, वर्मा की इस घोषणा पर आम आदमी पार्टी के प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री से निवेदन करता हूं कि बाढ़ प्रभावित पंजाब के लिए ₹20,000 करोड़ का राहत पैकेज घोषित करें। किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है- नदियों के पानी ने खेतों को बर्बाद कर दिया है, रेत एवं सिल्ट जमा हो गई है। मुझे आशा है कि केंद्र हमारी तकलीफ समझेगी। पीएम ने किया था 1600 करोड़ का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को पंजाब पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पंजाब में बाढ़ का हवाई सर्वे किया। गुरदासपुर में पीएम मोदी ने 19 किसानों तथा NDRF और SDRF की टीम से बातचीत की। मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने पंजाब को 1600 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया। इसके अलावा, पीएम ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा भी की। PM के पंजाब दौरे की 2 तस्वीरें.. पैकेज की मांग पर किसने क्या कहा.. BJP बोली- लोगों की मांग पर लिया फैसला
बीजेपी का कहना है कि पंजाब सरकार को पैसे न देने का फैसला लोगों की मांग पर लिया गया है ताकि उन्हें जल्दी मदद मिल सके। वहीं आप नेता नील गर्ग ने इसे “झांसा” बताया और कहा कि पंजाब को बाढ़ से करीब 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार सिर्फ 1600 करोड़ देकर मामला खत्म करना चाहती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र ने पंजाब को मिलने वाला आपदा राहत फंड (RDF), नगर विकास फंड (MDF) और GST का बकाया पैसा भी रोक रखा है, जो कि संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ है।
केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा ने शनिवार (27 सितंबर) को कहा है कि पंजाब के लिए घोषित 1600 करोड़ रुपए का राहत पैकेज सीधे किसानों के खातों में भेजा जाएगा, राज्य सरकार को नहीं। उन्होंने बताया कि जैसे ही गिरदावरी (फसल के नुकसान का सर्वे) पूरा होगा, पैसा किसानों को मिल जाएगा। अगर जरूरत पड़ी, तो अतिरिक्त मदद भी दी जाएगी। ये राहत पैकेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद घोषित किया था। लेकिन पंजाब सरकार ने कहा है कि यह रकम बहुत कम है और इससे किसानों की पूरी मदद नहीं हो पाएगी। केंद्रीय मंत्री वर्मा ने कहा कि पंजाब में जो बाढ़ आई है, उसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि लुधियाना में सतलुज नदी के किनारे बहुत ज्यादा खनन किया गया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि यह खनन पंजाब सरकार में जल संसाधन मंत्री के भाई ने करवाया है। लोग इसके खिलाफ प्रदर्शन भी कर चुके हैं, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई। खनन की वजह से करीब 340 एकड़ जमीन में कटाव हुआ है। उधर, वर्मा की इस घोषणा पर आम आदमी पार्टी के प्रधान अमन अरोड़ा ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री से निवेदन करता हूं कि बाढ़ प्रभावित पंजाब के लिए ₹20,000 करोड़ का राहत पैकेज घोषित करें। किसानों को संकट का सामना करना पड़ रहा है- नदियों के पानी ने खेतों को बर्बाद कर दिया है, रेत एवं सिल्ट जमा हो गई है। मुझे आशा है कि केंद्र हमारी तकलीफ समझेगी। पीएम ने किया था 1600 करोड़ का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 9 सितंबर को पंजाब पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पंजाब में बाढ़ का हवाई सर्वे किया। गुरदासपुर में पीएम मोदी ने 19 किसानों तथा NDRF और SDRF की टीम से बातचीत की। मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्होंने पंजाब को 1600 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया। इसके अलावा, पीएम ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा भी की। PM के पंजाब दौरे की 2 तस्वीरें.. पैकेज की मांग पर किसने क्या कहा.. BJP बोली- लोगों की मांग पर लिया फैसला
बीजेपी का कहना है कि पंजाब सरकार को पैसे न देने का फैसला लोगों की मांग पर लिया गया है ताकि उन्हें जल्दी मदद मिल सके। वहीं आप नेता नील गर्ग ने इसे “झांसा” बताया और कहा कि पंजाब को बाढ़ से करीब 20,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है, लेकिन केंद्र सरकार सिर्फ 1600 करोड़ देकर मामला खत्म करना चाहती है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र ने पंजाब को मिलने वाला आपदा राहत फंड (RDF), नगर विकास फंड (MDF) और GST का बकाया पैसा भी रोक रखा है, जो कि संविधान के संघीय ढांचे के खिलाफ है।