पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री रहे नवाबजादा लियाकत अली खान की पारिवारिक जमीन के मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से कराने की मांग की गई है। इस संबंध में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका के आधार पर स्टेट को नोटिस जारी किया गया है। अगली सुनवाई 12 जनवरी 2026 को होगी।
दरअसल, खान के पारिवारिक जमीन हरियाणा के करनाल जिले के गांव डबकौली खुर्द में है। जमीन भी पांच-सात एकड़ नहीं बल्कि 1200 एकड़ है। इसके अलावा करनाल शहर में भी दुकानें और आवासीय संपत्ति है। हाईकोर्ट में लगाई याचिका में संपत्ति की बाजार कीमत करीब 4,000 करोड़ रुपए तक दर्शाई गई है। यह जमीन लियाकत अली खान के चचेरे भाई उमरदराज अली खान की मलकीयत थी, जिनकी साल 1935 में मौत हो गई थी। बाद में उनके वारिसों के नाम इंतकाल दर्ज हुआ। हालांकि देश के बंटवारे के बाद वारिस पाकिस्तान चले गए थे। इसके बाद से इस जमीन को खुर्द-बुर्द करने का खेल शुरू हुआ। साल 2022 में कुछ ग्रामीणों ने इसकी शिकायत हरियाणा के तत्कालीन गृहमंत्री अनिल विज से की थी। इस मामले को लेकर शिकायतें लगातार होती रहीं, लेकिन जांच अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण के चलते न्याय नहीं हुआ।
कहीं न्याय न मिलता देख हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया कहीं से न्याय न मिलता देख कुछ ग्रामीणों ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई। जिसमें केंद्र व राज्य के अलावा डायरेक्टर CBI, करनाल SP व करनाल के इंद्री थाने के SHO को पक्ष बनाया है। सोनू एंड अदर्स बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एंड अदर्स टाइटल से इस केस की सुनवाई 12 सितंबर को हुई। जिसमें वादी नंबर-1 व 2 की तरफ से नोटिस स्वीकार किया गया। इस पिटिशन में जवाब दायर करने के लिए कुछ समय मांगा। जिस पर कोर्ट ने 12 जनवरी 2026 की अगली सुनवाई तय की। यहां जानिए खान परिवार की जमीन कैसे बंटी… अब यहां जानिए कैसे हुई जमीन की बंदरबांट… जब पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर उठे सवाल… ——————————– पाकिस्तान के पहले PM लियाकत जैसे ही बोले- मेरे हमबिरादरों:सामने बैठे शख्स ने सीने में दागीं दो गोली; पाक आर्मी पर नेताओं के खून के छींटे पाकिस्तान में लॉन्ग मार्च निकाल रहे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर 3 नवंबर को जानलेवा हमला होता है। गोली उनके पैर में लगती है और वह बच जाते हैं। हमले का आरोप पाकिस्तान की फौज पर लग रहा है, क्योंकि सत्ता से हटाए जाने इमरान लगातार पाक फौज पर निशाना साध रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री रहे नवाबजादा लियाकत अली खान की पारिवारिक जमीन के मामले की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से कराने की मांग की गई है। इस संबंध में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका के आधार पर स्टेट को नोटिस जारी किया गया है। अगली सुनवाई 12 जनवरी 2026 को होगी।
दरअसल, खान के पारिवारिक जमीन हरियाणा के करनाल जिले के गांव डबकौली खुर्द में है। जमीन भी पांच-सात एकड़ नहीं बल्कि 1200 एकड़ है। इसके अलावा करनाल शहर में भी दुकानें और आवासीय संपत्ति है। हाईकोर्ट में लगाई याचिका में संपत्ति की बाजार कीमत करीब 4,000 करोड़ रुपए तक दर्शाई गई है। यह जमीन लियाकत अली खान के चचेरे भाई उमरदराज अली खान की मलकीयत थी, जिनकी साल 1935 में मौत हो गई थी। बाद में उनके वारिसों के नाम इंतकाल दर्ज हुआ। हालांकि देश के बंटवारे के बाद वारिस पाकिस्तान चले गए थे। इसके बाद से इस जमीन को खुर्द-बुर्द करने का खेल शुरू हुआ। साल 2022 में कुछ ग्रामीणों ने इसकी शिकायत हरियाणा के तत्कालीन गृहमंत्री अनिल विज से की थी। इस मामले को लेकर शिकायतें लगातार होती रहीं, लेकिन जांच अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण के चलते न्याय नहीं हुआ।
कहीं न्याय न मिलता देख हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया कहीं से न्याय न मिलता देख कुछ ग्रामीणों ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई। जिसमें केंद्र व राज्य के अलावा डायरेक्टर CBI, करनाल SP व करनाल के इंद्री थाने के SHO को पक्ष बनाया है। सोनू एंड अदर्स बनाम यूनियन ऑफ इंडिया एंड अदर्स टाइटल से इस केस की सुनवाई 12 सितंबर को हुई। जिसमें वादी नंबर-1 व 2 की तरफ से नोटिस स्वीकार किया गया। इस पिटिशन में जवाब दायर करने के लिए कुछ समय मांगा। जिस पर कोर्ट ने 12 जनवरी 2026 की अगली सुनवाई तय की। यहां जानिए खान परिवार की जमीन कैसे बंटी… अब यहां जानिए कैसे हुई जमीन की बंदरबांट… जब पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर उठे सवाल… ——————————– पाकिस्तान के पहले PM लियाकत जैसे ही बोले- मेरे हमबिरादरों:सामने बैठे शख्स ने सीने में दागीं दो गोली; पाक आर्मी पर नेताओं के खून के छींटे पाकिस्तान में लॉन्ग मार्च निकाल रहे पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर 3 नवंबर को जानलेवा हमला होता है। गोली उनके पैर में लगती है और वह बच जाते हैं। हमले का आरोप पाकिस्तान की फौज पर लग रहा है, क्योंकि सत्ता से हटाए जाने इमरान लगातार पाक फौज पर निशाना साध रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)