पीएम नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश में बनने वाली पूले (पांव में पहनी जाने वाली पारंपरिक चप्पल) मंगाई। पीएम ने इन्हें काशी के बाबा विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों को भेंट किया। पीएम ने हिमाचल के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर को फोन करके पूले भेजने को कहा था। यह खुलासा पीएम मोदी के जन्मदिन पर जयराम ठाकुर ने किया। जयराम ने कहा कि उन्होंने सराज विधानसभा के छतरी क्षेत्र के दो सेल्फ हेल्प ग्रुप से संपर्क किया और लगभग 250 पूले लेकर पीएम को भेजी। मगर उन्होंने बिल साथ नहीं भेजा। इसके बाद, पीएम का उन्हें फोन आया कि आपने बिल नहीं भेजा। पीएम ने उन्हें जल्दी बिल भेजने को कहा। उन्होंने पीएम को बिल और दोनों सेल्फ हेल्प ग्रुप के अकाउंट भेजे। कुछ दिन बाद मालूम पड़ा कि नरेंद्र मोदी ने खुद अपने अकाउंट से दोनों सेल्फ हेल्प ग्रुप के खाते में पेमेंट डाली। काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों को पूले देंगे पीएम: जयराम जयराम ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पूले काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों के लिए मंगाई थी, क्योंकि सर्दियों में सुबह-शाम पूजा के दौरान नंगे पांव से पुजारियों को ठंड से जूझना पड़ता है। अब जानिए क्या है पूले… पूले एक पारंपरिक चप्पल है। इन्हें भांग की डाली से निकलने वाली छाल (रेशा) से बनाया जाता है। इन्हें धार्मिक अनुष्ठान और मंदिरों में लगाया जाता है। भांग से बनने वाली पूले शुद्ध मानी जाती है। यह पांव को भी गर्म रखती है। पहाड़ों पर सर्दियों में लोग इनका इस्तेमाल घरों के भीतर भी करते हैं। कुल्लू और मंडी में बनाई जाती है पूले हिमाचल के कुल्लू और मंडी के कुछ क्षेत्रों में पूले बनाई जाती है। अब महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप भी इन्हें बना रहे हैं। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जब देवी-देवताओं के कार्यक्रम होते हैं, उस दौरान इनकी काफी डिमांड रहती है, क्योंकि देवी-देवताओं के साथ जूते पहनकर चलने की इजाजत नहीं होती।
पीएम नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश में बनने वाली पूले (पांव में पहनी जाने वाली पारंपरिक चप्पल) मंगाई। पीएम ने इन्हें काशी के बाबा विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों को भेंट किया। पीएम ने हिमाचल के पूर्व सीएम जयराम ठाकुर को फोन करके पूले भेजने को कहा था। यह खुलासा पीएम मोदी के जन्मदिन पर जयराम ठाकुर ने किया। जयराम ने कहा कि उन्होंने सराज विधानसभा के छतरी क्षेत्र के दो सेल्फ हेल्प ग्रुप से संपर्क किया और लगभग 250 पूले लेकर पीएम को भेजी। मगर उन्होंने बिल साथ नहीं भेजा। इसके बाद, पीएम का उन्हें फोन आया कि आपने बिल नहीं भेजा। पीएम ने उन्हें जल्दी बिल भेजने को कहा। उन्होंने पीएम को बिल और दोनों सेल्फ हेल्प ग्रुप के अकाउंट भेजे। कुछ दिन बाद मालूम पड़ा कि नरेंद्र मोदी ने खुद अपने अकाउंट से दोनों सेल्फ हेल्प ग्रुप के खाते में पेमेंट डाली। काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों को पूले देंगे पीएम: जयराम जयराम ठाकुर ने बताया कि प्रधानमंत्री ने पूले काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों के लिए मंगाई थी, क्योंकि सर्दियों में सुबह-शाम पूजा के दौरान नंगे पांव से पुजारियों को ठंड से जूझना पड़ता है। अब जानिए क्या है पूले… पूले एक पारंपरिक चप्पल है। इन्हें भांग की डाली से निकलने वाली छाल (रेशा) से बनाया जाता है। इन्हें धार्मिक अनुष्ठान और मंदिरों में लगाया जाता है। भांग से बनने वाली पूले शुद्ध मानी जाती है। यह पांव को भी गर्म रखती है। पहाड़ों पर सर्दियों में लोग इनका इस्तेमाल घरों के भीतर भी करते हैं। कुल्लू और मंडी में बनाई जाती है पूले हिमाचल के कुल्लू और मंडी के कुछ क्षेत्रों में पूले बनाई जाती है। अब महिला सेल्फ हेल्प ग्रुप भी इन्हें बना रहे हैं। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में जब देवी-देवताओं के कार्यक्रम होते हैं, उस दौरान इनकी काफी डिमांड रहती है, क्योंकि देवी-देवताओं के साथ जूते पहनकर चलने की इजाजत नहीं होती।