पूर्णिया में शुक्रवार को मां दुर्गा की टूटी मूर्तियां मिलने के बाद बवाल हो गया। मजगामा हाट इलाके में भीड़ ने आगजनी की है। कई दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई है। फायरिंग भी हुई है। फायरिंग में एक युवक की पीठ में गोली लगी है। उसे GMCH में भर्ती कराया गया है। मूर्तियों को तोड़ने का आरोप मुस्लिम युवक पर लगा है। गुस्साई भीड़ ने मुस्लिम युवक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। पिटाई के बाद लोगों ने युवक के दोनों हाथ रस्सी से बांध दिए और बाजार में घुमाते हुए पुलिस को सौंप दिया। युवक को गांव के ही कम्युनिटी हॉल में पुलिस ने रखा है। भीड़ आरोपी को उनके हवाले करने की मांग कर रही है। पुलिस लोगों को समझाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इस दौरान मामला बढ़ गया। लोग गुस्से में ज्यादा तोड़फोड़ करने लगे, मारपीट पर उतारू हो गए। इसके बाद भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। आसपास के जिलों से भी पुलिस फोर्स बुलाई गई है। एक हजार से ज्यादा लोग कम्युनिटी हॉल के बाहर खड़े हैं। वो मुस्लिम युवक को उनके हवाले करने की मांग पर अड़े हैं। घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए… जानिए पूरा विवाद शुरू कहां से हुआ गांव के शंकर सिंह ने बताया कि, ‘दुर्गा पूजा को लेकर मजगामा हाट में मां दुर्गा की प्रतिमा बनाई जा रही है। कल रात यानी गुरुवार की रात कुछ लोगों ने मंदिर के अंदर से मुस्लिम युवक को बाहर आते देखा था। आज सुबह गांव के लोग मंदिर से होकर गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर निर्माणस्थल पर बनाई जा रही मां दुर्गा की क्षतिग्रस्त मूर्तियों पर पड़ी। इसी के बाद गांव में शोर हुआ। इसके बाद आसपास के हजारों लोग मंदिर के बाहर जुट गए। मां दुर्गा की प्रतिमा तोड़े जाने पर लोगों का गुस्सा भड़क गया। गुस्साए लोगों ने घटना के विरोध में सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।’ युवक को रस्सी से बांधकर बाजार में घुमाया शंकर सिंह ने आगे कहा, ‘इस बीच गांव का एक शख्स वहां पहुंचा। उसने बताया कि कल रात उसने मंदिर के अंदर से एक मुस्लिम युवक को निकलते देखा था। उसकी हरकतें संदिग्ध थीं। मगर हड़बड़ी में होने की वजह से उस वक्त गौर नहीं किया। वो उसे देखकर पहचान सकता है। इसके बाद रूप रंग और कद काठी बताने पर लोगों ने उसी पहचान कर ली। जिसके बाद गुस्साए लोगों ने युवक को पकड़ा और उसकी जमकर पिटाई की। युवक आसपास का ही रहने वाला था। पिटाई पर पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने ही मूर्ति तोड़ी है। जिसके बाद लोगों ने रस्सी से उसके हाथ बांध दिए और फिर उसे गांव में घुमाते हुए सामुदायिक भवन ले जाने लगे। तभी घटना की सूचना पाकर अनगढ़ थाना की पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंची। युवक को भीड़ के बीच से निकाला और सामुदायिक भवन के अंदर ले गए। पुलिस की पूछताछ में भी युवक ने अपना जुर्म कुबूल लिया है। युवक इसी गांव का रहने वाला है।’ पूर्णिया में बवाल से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पूर्णिया में शुक्रवार को मां दुर्गा की टूटी मूर्तियां मिलने के बाद बवाल हो गया। मजगामा हाट इलाके में भीड़ ने आगजनी की है। कई दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई है। फायरिंग भी हुई है। फायरिंग में एक युवक की पीठ में गोली लगी है। उसे GMCH में भर्ती कराया गया है। मूर्तियों को तोड़ने का आरोप मुस्लिम युवक पर लगा है। गुस्साई भीड़ ने मुस्लिम युवक को पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। पिटाई के बाद लोगों ने युवक के दोनों हाथ रस्सी से बांध दिए और बाजार में घुमाते हुए पुलिस को सौंप दिया। युवक को गांव के ही कम्युनिटी हॉल में पुलिस ने रखा है। भीड़ आरोपी को उनके हवाले करने की मांग कर रही है। पुलिस लोगों को समझाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इस दौरान मामला बढ़ गया। लोग गुस्से में ज्यादा तोड़फोड़ करने लगे, मारपीट पर उतारू हो गए। इसके बाद भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया है। आसपास के जिलों से भी पुलिस फोर्स बुलाई गई है। एक हजार से ज्यादा लोग कम्युनिटी हॉल के बाहर खड़े हैं। वो मुस्लिम युवक को उनके हवाले करने की मांग पर अड़े हैं। घटना से जुड़ी 4 तस्वीरें देखिए… जानिए पूरा विवाद शुरू कहां से हुआ गांव के शंकर सिंह ने बताया कि, ‘दुर्गा पूजा को लेकर मजगामा हाट में मां दुर्गा की प्रतिमा बनाई जा रही है। कल रात यानी गुरुवार की रात कुछ लोगों ने मंदिर के अंदर से मुस्लिम युवक को बाहर आते देखा था। आज सुबह गांव के लोग मंदिर से होकर गुजर रहे थे, तभी उनकी नजर निर्माणस्थल पर बनाई जा रही मां दुर्गा की क्षतिग्रस्त मूर्तियों पर पड़ी। इसी के बाद गांव में शोर हुआ। इसके बाद आसपास के हजारों लोग मंदिर के बाहर जुट गए। मां दुर्गा की प्रतिमा तोड़े जाने पर लोगों का गुस्सा भड़क गया। गुस्साए लोगों ने घटना के विरोध में सड़क पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।’ युवक को रस्सी से बांधकर बाजार में घुमाया शंकर सिंह ने आगे कहा, ‘इस बीच गांव का एक शख्स वहां पहुंचा। उसने बताया कि कल रात उसने मंदिर के अंदर से एक मुस्लिम युवक को निकलते देखा था। उसकी हरकतें संदिग्ध थीं। मगर हड़बड़ी में होने की वजह से उस वक्त गौर नहीं किया। वो उसे देखकर पहचान सकता है। इसके बाद रूप रंग और कद काठी बताने पर लोगों ने उसी पहचान कर ली। जिसके बाद गुस्साए लोगों ने युवक को पकड़ा और उसकी जमकर पिटाई की। युवक आसपास का ही रहने वाला था। पिटाई पर पूछताछ में युवक ने बताया कि उसने ही मूर्ति तोड़ी है। जिसके बाद लोगों ने रस्सी से उसके हाथ बांध दिए और फिर उसे गांव में घुमाते हुए सामुदायिक भवन ले जाने लगे। तभी घटना की सूचना पाकर अनगढ़ थाना की पुलिस दल बल के साथ मौके पर पहुंची। युवक को भीड़ के बीच से निकाला और सामुदायिक भवन के अंदर ले गए। पुलिस की पूछताछ में भी युवक ने अपना जुर्म कुबूल लिया है। युवक इसी गांव का रहने वाला है।’ पूर्णिया में बवाल से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…