गुरुग्राम जिले में गूंगा-बहरा बनकर घरों में घुसकर चोरी करने वाले इंटरस्टेट गैंग का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी मकान की दिन में पहले रेकी करते और फिर मौका पाकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। खासकर लैपटॉप, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान को चुराते हैं। इसके बाद इस सामान को अपने साथियों के पास चेन्नई भेज दिया जाता है। पुलिस ने इस गैंग के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने गुरुग्राम में चोरी की 19 वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से पकड़े
9 सितंबर को एक व्यक्ति ने DLF फेज -3 थाना में शिकायत दी थी कि यू-ब्लॉक DLF फेज -3, गुरुग्राम में स्थित उसके मकान के अंदर घुसकर 2 लैपटॉप और एक मोबाइल चोरी कर लिया गया। इस केस को क्राइम ब्रांच सेक्टर 43 को सौंपा गया। पुलिस ने जांच करते हुए गुरुवार को दिल्ली के कालका गढ़ी से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिनकी पहचान सी. बाबू और प्रभु के रूप में हुई। दोनों गांव बोड़ीगुटापल्ले, जिला चित्तूर (आंध्र-प्रदेश) के रहने वाले हैं। दिल्ली में रहते, गुरुग्राम फरीदाबाद में करते वारदात
आरोपियों से प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में पता चला कि वे आंध्र-प्रदेश के निवासी है और दिल्ली में किराए के कमरे में रहते है, तथा अपने अन्य सदस्यों के साथ मिलकर दिल्ली से गुरुग्राम और फरीदाबाद जाते है। जहां चोरी की वारदातों को अंजाम देते है। हाथ में डायरी और पर्ची रखते
चोरी के इरादे से ये घरों में घुसने के लिए गूंगे और बहरे होने का ढोंग करते है, ये अपने हाथ में डायरी और पर्ची रखते है। दिन में ये गूंगे और बहरे होने का ढोंग करके घरों एवं पीजी में जाते है और इसी दौरान घरों की रेकी करते हैं। साथ सुथरे कपड़े पहनकर पहुंचते
उसके बाद ये मुंह पर मास्क लगाकर और साफ-सुथरे कपड़े पहनकर सुबह जल्दी (3 से 4 बजे) रेकी वाले घरों में पहुंचते और वहां से कीमती समान लैपटॉप और मोबाइल फोन चोरी कर लेते है। सामान चोरी करने के बाद चोरी किए सामान को ये चेन्नई में बेचने के लिए कोरियर के माध्यम से और इनके अन्य साथी ट्रेन के माध्यम से चेन्नई ले जाते हैं। ये चोरी किए हुए सामान के पार्ट्स निकालकर भी बेचते है। पांच साल से कर रहे हैं चोरियां
आरोपियों ने प्रारम्भिक पूछताछ में गुरुग्राम में चोरी की 19 वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया है। आरोपी पिछले 5 सालों से इस प्रकार से चोरी करने की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
गुरुग्राम जिले में गूंगा-बहरा बनकर घरों में घुसकर चोरी करने वाले इंटरस्टेट गैंग का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी मकान की दिन में पहले रेकी करते और फिर मौका पाकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे। खासकर लैपटॉप, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान को चुराते हैं। इसके बाद इस सामान को अपने साथियों के पास चेन्नई भेज दिया जाता है। पुलिस ने इस गैंग के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने गुरुग्राम में चोरी की 19 वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से पकड़े
9 सितंबर को एक व्यक्ति ने DLF फेज -3 थाना में शिकायत दी थी कि यू-ब्लॉक DLF फेज -3, गुरुग्राम में स्थित उसके मकान के अंदर घुसकर 2 लैपटॉप और एक मोबाइल चोरी कर लिया गया। इस केस को क्राइम ब्रांच सेक्टर 43 को सौंपा गया। पुलिस ने जांच करते हुए गुरुवार को दिल्ली के कालका गढ़ी से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। जिनकी पहचान सी. बाबू और प्रभु के रूप में हुई। दोनों गांव बोड़ीगुटापल्ले, जिला चित्तूर (आंध्र-प्रदेश) के रहने वाले हैं। दिल्ली में रहते, गुरुग्राम फरीदाबाद में करते वारदात
आरोपियों से प्रारंभिक पुलिस पूछताछ में पता चला कि वे आंध्र-प्रदेश के निवासी है और दिल्ली में किराए के कमरे में रहते है, तथा अपने अन्य सदस्यों के साथ मिलकर दिल्ली से गुरुग्राम और फरीदाबाद जाते है। जहां चोरी की वारदातों को अंजाम देते है। हाथ में डायरी और पर्ची रखते
चोरी के इरादे से ये घरों में घुसने के लिए गूंगे और बहरे होने का ढोंग करते है, ये अपने हाथ में डायरी और पर्ची रखते है। दिन में ये गूंगे और बहरे होने का ढोंग करके घरों एवं पीजी में जाते है और इसी दौरान घरों की रेकी करते हैं। साथ सुथरे कपड़े पहनकर पहुंचते
उसके बाद ये मुंह पर मास्क लगाकर और साफ-सुथरे कपड़े पहनकर सुबह जल्दी (3 से 4 बजे) रेकी वाले घरों में पहुंचते और वहां से कीमती समान लैपटॉप और मोबाइल फोन चोरी कर लेते है। सामान चोरी करने के बाद चोरी किए सामान को ये चेन्नई में बेचने के लिए कोरियर के माध्यम से और इनके अन्य साथी ट्रेन के माध्यम से चेन्नई ले जाते हैं। ये चोरी किए हुए सामान के पार्ट्स निकालकर भी बेचते है। पांच साल से कर रहे हैं चोरियां
आरोपियों ने प्रारम्भिक पूछताछ में गुरुग्राम में चोरी की 19 वारदातों को अंजाम देने का खुलासा किया है। आरोपी पिछले 5 सालों से इस प्रकार से चोरी करने की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।