शराब ठेका संचालक और दो साथियों को रास्ते में घेरकर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडो और उसके दोस्तों ने हमला बोल दिया। इनके हाथ में तलवार और अन्य धारदार हथियार थे। तलवार से शराब कारोबारी और उसके एक साथी के हाथ-पैर काट दिए। घटना में शराब कारोबारी की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। हमले के दौरान दूसरा साथी हाईवे से नीचे गिर गया। उसे मामूली चोटें आई हैं। मामला बाड़मेर के सदर थाना इलाके का है। उधर, मृतक के परिजन पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बाड़मेर जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा- पुलिस ने समय पर घायलों को हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराएंगे। एसपी ने दोपहर करीब 1 बजे धरने पर बैठे लोगों को बताया- 2 आरोपियों को डिटेन कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों को 5 दिन में पकड़ लिया जाएगा। एसपी के आश्वासन के बाद लोगों ने दोपहर करीब 1.45 बजे धरना कर दिया और मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। दिल्ली में पोस्टेड है
SP नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- मर्डर का मुख्य आरोपी NSG कमांडो चंपालाल है। वह दिल्ली में पोस्टेड है। उसको लेकर दिल्ली में संबंधित अधिकारियों से बात की है। उसको पकड़ने के लिए टीमें भेजी जा रही हैं। रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार शाम को NSG कमांडो चंपालाल अपने दोस्तों के साथ बाड़मेर जिले के होडु गांव स्थित शराब ठेके पर गया था। वहां पर सेल्समैन और उनके बीच रुपए लेन-देन को लेकर कहासुनी हो गई। उस समय तो कमांडो और उसके दोस्त वहां से चले गए। दूसरी ओर, SP नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- शराब को लेकर मामूली कहासुनी हुई। इसके बाद धारदार हथियार से हमला किया गया। ठेके से आधा किमी आगे चलते ही घेरा
घायल वीरेंद्र कुमार ने बताया- रात को शराब ठेका संचालक खेताराम (25), हरलाल और मैं ठेका बंद करके कैंपर (जीप) से घर की तरफ जा रहे थे। ठेके से करीब आधा किमी दूर बाड़मेर-जालोर स्टेट हाईवे पर आगे बढ़े थे। तभी रात करीब 10 बजे स्कॉर्पियो और बाइक पर सवार होकर आए कमांडो चंपालाल और उसके साथियों ने गाड़ी रुकवाई। हमें इस बात का एहसास नहीं था कि ये लोग हमारे खून के प्यासे हैं। ये लोग हमें मारने आए हैं। हम कुछ समझ पाते इससे पहले ही चंपालाल और उसके साथियों ने तलवार और अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला करने लगे। लहूलुहान करके हाईवे पर छोड़ गए
धक्का-मुक्की में वीरेंद्र चौधरी हाईवे किनारे खाई में गिर गया। आरोप है कि चंपालाल और उसके साथियों ने खेताराम और हरखाराम के हाथ-पैर काट दिए। खून से लथपथ हरखाराम सड़क पर गिर गया। खेताराम सीट पर ही बेहोश हो गया। दोनों को बेहोशी के हालात में छोड़कर सभी आरोपी वहां से भाग गए। खेताराम को होश नहीं था। तड़पते हुए हरखाराम ने कहा कि कोई मुझे हॉस्पिटल ले चलो। एक साथी जोधपुर रेफर
वीरेंद्र ने बताया- किसी तरह मैंने हिम्मत जुटाई। फोन करके परिजन और ग्रामीणों को बुलाया। फिर इनको प्राइवेट गाड़ी से बाड़मेर हॉस्पिटल लेकर आए। यहां पर खेताराम को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हरखाराम को जोधुपर रेफर किया गया है। हमलावारों में चंपाराम, ओमप्रकाश थे। दोनों को मैंने पहचान लिया। बाकी हमलावर पहचान में नहीं आए। चाचा बेहोश हुए
लहूलुहान भतीजे को देखकर खेताराम के चाचा आईदान राम बेहोश हो गए। वह सरपंच प्रतिनिधि हैं। इनकी पत्नी सरपंच है। डॉक्टरों ने चाचा को भी भर्ती कर लिया है। कोतवाली और सदर पुलिस हॉस्पिटल पहुंची। दूसरे घायल वीरेंद्र चौधरी के बयान दर्ज किए गए। वह मामूली रूप से घायल है। पुलिस ने समय से घायलों को हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया
बाड़मेर अस्पताल की मॉर्च्युरी के आगे सुबह करीब 9 बजे से लोग धरने पर बैठे थे। खेताराम (मृतक) के रिश्तेदार विशनाराम पोटलिया ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए उन्होंने कहा- घटना के बाद घायलों को समय पर हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया गया। समय पर नाकाबंदी भी नहीं की गई। इस कारण आरोपी भाग गए। उन्होंने कहा- हमारी मांग है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगे। शव नहीं उठाएंगे। करीब 5 घंटे तक चला धरना
दोपहर करीब 12.30 बजे एसपी नरेंद्र मीना धरनास्थल पर पहुंचे और धरना दे रहे लोगों से बात की। उन्होंने 5 दिन में सभी आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब 1.45 बजे धरना खत्म हो गया। एसपी की बात पर भरोसा कर खत्म किया धरना
जाट समाज के जिला अध्यक्ष एडवोकेट डालूराम चौधरी ने बताया- एसपी ने कहा कि मामले में 2 लोगों को डिटेन कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 5 दिन का समय मांगा। SP की बात पर भरोसा करते हुए परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने और शव उठाने की सहमति दे दी। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस और एमओबी की टीमें पहुंचीं
SP नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- रात में ही सदर थाना पुलिस, एमओबी, FSL और डॉग स्क्वॉड की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। वहां पर सबूत जुटाए। पुलिस ने नाकाबंदी करवाकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। हमलावार NSG कमांडो
हमला करने वाला कमांडो चंपालाल कुछ दिन पहले ही अपने पिता के रिटायरमेंट होने पर छुट्टी लेकर घर पहुंचा था। पिता लाखाराम 31 अगस्त को टीचर से सेवानिवृत्त हुए थे। 7 सितंबर को सेवानिवृति समारोह गांव में ही था। खेताराम (मृतक) इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें हैं। खेताराम की चार साल और दो साल की दो बेटियां हैं।
शराब ठेका संचालक और दो साथियों को रास्ते में घेरकर नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) कमांडो और उसके दोस्तों ने हमला बोल दिया। इनके हाथ में तलवार और अन्य धारदार हथियार थे। तलवार से शराब कारोबारी और उसके एक साथी के हाथ-पैर काट दिए। घटना में शराब कारोबारी की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल है। हमले के दौरान दूसरा साथी हाईवे से नीचे गिर गया। उसे मामूली चोटें आई हैं। मामला बाड़मेर के सदर थाना इलाके का है। उधर, मृतक के परिजन पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बाड़मेर जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा- पुलिस ने समय पर घायलों को हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया। जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराएंगे। एसपी ने दोपहर करीब 1 बजे धरने पर बैठे लोगों को बताया- 2 आरोपियों को डिटेन कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों को 5 दिन में पकड़ लिया जाएगा। एसपी के आश्वासन के बाद लोगों ने दोपहर करीब 1.45 बजे धरना कर दिया और मेडिकल बोर्ड से शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। दिल्ली में पोस्टेड है
SP नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- मर्डर का मुख्य आरोपी NSG कमांडो चंपालाल है। वह दिल्ली में पोस्टेड है। उसको लेकर दिल्ली में संबंधित अधिकारियों से बात की है। उसको पकड़ने के लिए टीमें भेजी जा रही हैं। रुपए के लेन-देन को लेकर विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार, बुधवार शाम को NSG कमांडो चंपालाल अपने दोस्तों के साथ बाड़मेर जिले के होडु गांव स्थित शराब ठेके पर गया था। वहां पर सेल्समैन और उनके बीच रुपए लेन-देन को लेकर कहासुनी हो गई। उस समय तो कमांडो और उसके दोस्त वहां से चले गए। दूसरी ओर, SP नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- शराब को लेकर मामूली कहासुनी हुई। इसके बाद धारदार हथियार से हमला किया गया। ठेके से आधा किमी आगे चलते ही घेरा
घायल वीरेंद्र कुमार ने बताया- रात को शराब ठेका संचालक खेताराम (25), हरलाल और मैं ठेका बंद करके कैंपर (जीप) से घर की तरफ जा रहे थे। ठेके से करीब आधा किमी दूर बाड़मेर-जालोर स्टेट हाईवे पर आगे बढ़े थे। तभी रात करीब 10 बजे स्कॉर्पियो और बाइक पर सवार होकर आए कमांडो चंपालाल और उसके साथियों ने गाड़ी रुकवाई। हमें इस बात का एहसास नहीं था कि ये लोग हमारे खून के प्यासे हैं। ये लोग हमें मारने आए हैं। हम कुछ समझ पाते इससे पहले ही चंपालाल और उसके साथियों ने तलवार और अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला करने लगे। लहूलुहान करके हाईवे पर छोड़ गए
धक्का-मुक्की में वीरेंद्र चौधरी हाईवे किनारे खाई में गिर गया। आरोप है कि चंपालाल और उसके साथियों ने खेताराम और हरखाराम के हाथ-पैर काट दिए। खून से लथपथ हरखाराम सड़क पर गिर गया। खेताराम सीट पर ही बेहोश हो गया। दोनों को बेहोशी के हालात में छोड़कर सभी आरोपी वहां से भाग गए। खेताराम को होश नहीं था। तड़पते हुए हरखाराम ने कहा कि कोई मुझे हॉस्पिटल ले चलो। एक साथी जोधपुर रेफर
वीरेंद्र ने बताया- किसी तरह मैंने हिम्मत जुटाई। फोन करके परिजन और ग्रामीणों को बुलाया। फिर इनको प्राइवेट गाड़ी से बाड़मेर हॉस्पिटल लेकर आए। यहां पर खेताराम को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हरखाराम को जोधुपर रेफर किया गया है। हमलावारों में चंपाराम, ओमप्रकाश थे। दोनों को मैंने पहचान लिया। बाकी हमलावर पहचान में नहीं आए। चाचा बेहोश हुए
लहूलुहान भतीजे को देखकर खेताराम के चाचा आईदान राम बेहोश हो गए। वह सरपंच प्रतिनिधि हैं। इनकी पत्नी सरपंच है। डॉक्टरों ने चाचा को भी भर्ती कर लिया है। कोतवाली और सदर पुलिस हॉस्पिटल पहुंची। दूसरे घायल वीरेंद्र चौधरी के बयान दर्ज किए गए। वह मामूली रूप से घायल है। पुलिस ने समय से घायलों को हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया
बाड़मेर अस्पताल की मॉर्च्युरी के आगे सुबह करीब 9 बजे से लोग धरने पर बैठे थे। खेताराम (मृतक) के रिश्तेदार विशनाराम पोटलिया ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए उन्होंने कहा- घटना के बाद घायलों को समय पर हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया गया। समय पर नाकाबंदी भी नहीं की गई। इस कारण आरोपी भाग गए। उन्होंने कहा- हमारी मांग है कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक पोस्टमॉर्टम नहीं करवाएंगे। शव नहीं उठाएंगे। करीब 5 घंटे तक चला धरना
दोपहर करीब 12.30 बजे एसपी नरेंद्र मीना धरनास्थल पर पहुंचे और धरना दे रहे लोगों से बात की। उन्होंने 5 दिन में सभी आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब 1.45 बजे धरना खत्म हो गया। एसपी की बात पर भरोसा कर खत्म किया धरना
जाट समाज के जिला अध्यक्ष एडवोकेट डालूराम चौधरी ने बताया- एसपी ने कहा कि मामले में 2 लोगों को डिटेन कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है। उन्होंने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 5 दिन का समय मांगा। SP की बात पर भरोसा करते हुए परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने और शव उठाने की सहमति दे दी। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस और एमओबी की टीमें पहुंचीं
SP नरेंद्र सिंह मीना ने बताया- रात में ही सदर थाना पुलिस, एमओबी, FSL और डॉग स्क्वॉड की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। वहां पर सबूत जुटाए। पुलिस ने नाकाबंदी करवाकर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। हमलावार NSG कमांडो
हमला करने वाला कमांडो चंपालाल कुछ दिन पहले ही अपने पिता के रिटायरमेंट होने पर छुट्टी लेकर घर पहुंचा था। पिता लाखाराम 31 अगस्त को टीचर से सेवानिवृत्त हुए थे। 7 सितंबर को सेवानिवृति समारोह गांव में ही था। खेताराम (मृतक) इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें हैं। खेताराम की चार साल और दो साल की दो बेटियां हैं।