हरियाणा के झज्जर जिले के गांव खुड्डन में आज (18 सितंबर) ओलिंपियन रेसलर व किसान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग पूनिया के पिता बलवान पूनिया की रसम पगड़ी का कार्यक्रम है। इसमें गांव के लोग और रिश्तेदार पहुंचना शुरू हो गए हैं। सुबह सबसे पहले घर में हवन करवाया गया। इसमें परिवार ने आहुतियां डालीं। सांपला से कालिदास महाराज, बजरंग के बचपन के कुश्ती कोच आर्य वीरेंद्र सिंह कार्यक्रम में पहुंच चुके हैं। कार्यक्रम में बजरंग के बड़े भाई हरेंद्र पूनिया को पगड़ी बांधकर समाज के लोग घर की जिम्मेदारी सौंपेंगे। बलवान पूनिया का निधन 11 सितंबर की शाम को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में हुआ था। वह बीमारी से जूझ रहे थे और करीब एक साल से घर पर ही थे। उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 12 सितंबर को उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव खुड्डन में किया गया था, जिसमें बेटे बजरंग पूनिया और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। बड़े बेटे हरेंद्र पूनिया ने उन्हें मुखाग्नि दी थी।
हरियाणा के झज्जर जिले के गांव खुड्डन में आज (18 सितंबर) ओलिंपियन रेसलर व किसान कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग पूनिया के पिता बलवान पूनिया की रसम पगड़ी का कार्यक्रम है। इसमें गांव के लोग और रिश्तेदार पहुंचना शुरू हो गए हैं। सुबह सबसे पहले घर में हवन करवाया गया। इसमें परिवार ने आहुतियां डालीं। सांपला से कालिदास महाराज, बजरंग के बचपन के कुश्ती कोच आर्य वीरेंद्र सिंह कार्यक्रम में पहुंच चुके हैं। कार्यक्रम में बजरंग के बड़े भाई हरेंद्र पूनिया को पगड़ी बांधकर समाज के लोग घर की जिम्मेदारी सौंपेंगे। बलवान पूनिया का निधन 11 सितंबर की शाम को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में हुआ था। वह बीमारी से जूझ रहे थे और करीब एक साल से घर पर ही थे। उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 12 सितंबर को उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव खुड्डन में किया गया था, जिसमें बेटे बजरंग पूनिया और परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। बड़े बेटे हरेंद्र पूनिया ने उन्हें मुखाग्नि दी थी।