बिहार में दरोगा और पुलिस भर्ती को लेकर सोमवार को प्रदर्शन कर रहे कैंडिडेट्स पर लाठीचार्ज किया गया। लाठीचार्ज के दौरान अभ्यर्थी हाथों में तिरंगा लिए थे। पुलिस ने उनके हाथ से तिरंगा छीना और उसके डंडे से उन्हें पीटना शुरू कर दिया। पटना कॉलेज से हाथों में तिरंगा लिए अभ्यर्थी सुबह 11 बजे CM हाउस का घेराव करने के निकले थे। जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ते हुए कैंडिडेट्स डाकबंगला चौराहे पहुंचे। कोतवाली थाने के पास पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में एक महिला अभ्यर्थी का पैर फैक्चर हो गया। कई कैंडिडेट्स को चोटें भी आई। अभ्यर्थियों ने कहा- जान से मार दीजिए, लेकिन हटेंगे नहीं। करीब 4 घंटे के हंगामे के बाद दोपहर 3 बजे पुलिस ने डाकबंगला चौराहा खाली कराया। इधर, तिरंगे लगे डंडे से कैंडिडेट्स की पिटाई को लेकर राजद ने सरकार और पुलिस को घेरा है। राजद ने इसे तिरंगे का अपमान बताया है। कैंडिडेट्स के प्रदर्शन की 4 तस्वीरें देखिए… कैंडिडेट ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी कैंडिडेट जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ते हुए कैंडिडेट्स डाकबंगला चौराहे पहुंचे। यहां पहले सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अभ्यर्थियों को पुलिस ने रोका तो वे बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। कोतवाली थाने के पास पुलिस ने अभ्यर्थियों को फिर से रोक दिया। वहां पुलिस ने अभ्यर्थियों पर लाठी बरसाने शुरू कर दिए। प्रदर्शन को लीड कर रहे शिक्षक रोशन आनंद को पुलिस ने हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठाया। जिसके बाद अभ्यर्थियों ने गाड़ी को घेर लिया और उसके सामने बैठ गए। मामला शांत करने के लिए पुलिस ने रोशन आनंद को छोड़ दिया। 2 साल से नहीं आई वैकेंसी प्रदर्शन को लीड कर रहे शिक्षक रोशन आनंद ने बताया कि, ‘पिछले दो साल से वैकेंसी नहीं आई है। इसको लेकर ही हम आज प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस दरोगा और सिपाही भर्ती में पारदर्शिता लाई जाए, यही हमारी मांग है। बिहार में 17 साल के करीब कैंडिडेट्स दरोगा और पुलिस भर्ती का फॉर्म भरते हैं।’
दरोगा भर्ती की वैकेंसी जारी करने की मांग छात्र नेता खुशबू पाठक ने कहा कि, ‘पिछले कई दिनों से बिहार पुलिस दरोगा भर्ती की वैकेंसी निकालने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। आने वाले 10 दिनों में आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिसके बाद नई भर्ती की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। ऐसे में सरकार को तुरंत दरोगा भर्ती की वैकेंसी जारी करनी चाहिए।’ खुशबू पाठक ने आगे कहा कि, आने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए। परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों को न तो प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराया जाता है और न ही ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी दी जाती है। यहां तक कि आंसर की भी जारी नहीं होती। यह लाखों बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय है।’ युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि, ‘ये अभ्यर्थियों का हक है कि उन्हें पता चले आयोग ने किस प्रश्न का कौन-सा उत्तर सही माना और उन्हें कितने अंक मिले। लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिपाही भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और ईमानदार तरीके से पूरी की जाए।’ कैंडिडेट्स के प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
बिहार में दरोगा और पुलिस भर्ती को लेकर सोमवार को प्रदर्शन कर रहे कैंडिडेट्स पर लाठीचार्ज किया गया। लाठीचार्ज के दौरान अभ्यर्थी हाथों में तिरंगा लिए थे। पुलिस ने उनके हाथ से तिरंगा छीना और उसके डंडे से उन्हें पीटना शुरू कर दिया। पटना कॉलेज से हाथों में तिरंगा लिए अभ्यर्थी सुबह 11 बजे CM हाउस का घेराव करने के निकले थे। जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ते हुए कैंडिडेट्स डाकबंगला चौराहे पहुंचे। कोतवाली थाने के पास पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में एक महिला अभ्यर्थी का पैर फैक्चर हो गया। कई कैंडिडेट्स को चोटें भी आई। अभ्यर्थियों ने कहा- जान से मार दीजिए, लेकिन हटेंगे नहीं। करीब 4 घंटे के हंगामे के बाद दोपहर 3 बजे पुलिस ने डाकबंगला चौराहा खाली कराया। इधर, तिरंगे लगे डंडे से कैंडिडेट्स की पिटाई को लेकर राजद ने सरकार और पुलिस को घेरा है। राजद ने इसे तिरंगे का अपमान बताया है। कैंडिडेट्स के प्रदर्शन की 4 तस्वीरें देखिए… कैंडिडेट ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी कैंडिडेट जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग तोड़ते हुए कैंडिडेट्स डाकबंगला चौराहे पहुंचे। यहां पहले सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अभ्यर्थियों को पुलिस ने रोका तो वे बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए। कोतवाली थाने के पास पुलिस ने अभ्यर्थियों को फिर से रोक दिया। वहां पुलिस ने अभ्यर्थियों पर लाठी बरसाने शुरू कर दिए। प्रदर्शन को लीड कर रहे शिक्षक रोशन आनंद को पुलिस ने हिरासत में लेकर गाड़ी में बैठाया। जिसके बाद अभ्यर्थियों ने गाड़ी को घेर लिया और उसके सामने बैठ गए। मामला शांत करने के लिए पुलिस ने रोशन आनंद को छोड़ दिया। 2 साल से नहीं आई वैकेंसी प्रदर्शन को लीड कर रहे शिक्षक रोशन आनंद ने बताया कि, ‘पिछले दो साल से वैकेंसी नहीं आई है। इसको लेकर ही हम आज प्रदर्शन कर रहे हैं। पुलिस दरोगा और सिपाही भर्ती में पारदर्शिता लाई जाए, यही हमारी मांग है। बिहार में 17 साल के करीब कैंडिडेट्स दरोगा और पुलिस भर्ती का फॉर्म भरते हैं।’
दरोगा भर्ती की वैकेंसी जारी करने की मांग छात्र नेता खुशबू पाठक ने कहा कि, ‘पिछले कई दिनों से बिहार पुलिस दरोगा भर्ती की वैकेंसी निकालने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। आने वाले 10 दिनों में आचार संहिता लागू हो जाएगी, जिसके बाद नई भर्ती की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। ऐसे में सरकार को तुरंत दरोगा भर्ती की वैकेंसी जारी करनी चाहिए।’ खुशबू पाठक ने आगे कहा कि, आने वाली सिपाही भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए। परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों को न तो प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराया जाता है और न ही ओएमआर शीट की कार्बन कॉपी दी जाती है। यहां तक कि आंसर की भी जारी नहीं होती। यह लाखों बेरोजगार युवाओं के साथ अन्याय है।’ युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि, ‘ये अभ्यर्थियों का हक है कि उन्हें पता चले आयोग ने किस प्रश्न का कौन-सा उत्तर सही माना और उन्हें कितने अंक मिले। लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिपाही भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और ईमानदार तरीके से पूरी की जाए।’ कैंडिडेट्स के प्रदर्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…