जयपुर एयरपोर्ट पर सोमवार को एअर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई जाने वाली फ्लाइट में टेक ऑफ से ठीक पहले तकनीकी खराबी आ गई। वही इंडिगो एयरलाइन का इनकमिंग एयरक्राफ्ट पुणे से जयपुर नहीं पहुंच पाया। इसकी वजह से आज (सोमवार) एअर इंडिया एक्सप्रेस की जयपुर-दुबई की इंटरनेशनल फ्लाइट और इंडिगो एयरलाइन की जयपुर-मुंबई फ्लाइट को आखिरी वक्त पर रद्द किया गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिले आंकड़ों के अनुसार, 12 जुलाई को हुए अहमदाबाद विमान हादसे के बाद से जयपुर एयरपोर्ट से 5 उड़ानें तकनीकी कारणों से रद्द हुई हैं। इसके अतिरिक्त, 6 उड़ानें ईरान-इजरायल युद्ध के कारण और 5 उड़ानें एयरक्राफ्ट की कमी, संचालन संबंधी कारणों और अन्य वजहों से रद्द हुईं। अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी, जिसमें 241 यात्रियों और क्रू मेंबर सहित 270 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में केवल एक यात्री जीवित बचा था। तकनीकी खराबी से दुबई की उड़ान रद्द
एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX – 195 सोमवार सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर दुबई के लिए उड़ान भरने वाली थी। टेक ऑफ से ठीक पहले पायलट को विमान में तकनीकी खराबी का पता चला। इसके बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट को सूचना देकर फ्लाइट को एक बार फिर टैक्सी-वे से एप्रन एरिया में पहुंचाया। तकनीकी खराबी को इंजीनियर्स दूर नहीं कर पाए और फ्लाइट रद्द करनी पड़ी। इंडिगो की मुंबई फ्लाइट भी रद्द, यात्रियों का हंगामा
जयपुर से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E – 5282 को भी आखिरी वक्त पर रद्द कर दिया गया। इंडिगो की फ्लाइट 6E – 5282 को जयपुर एयरपोर्ट से सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर मुंबई के लिए उड़ान भरनी थी, लेकिन इंडिगो एयरलाइन का एयरक्राफ्ट निर्धारित वक्त पर पुणे से जयपुर नहीं पहुंच पाया। एयरलाइन कंपनी ने फ्लाइट को रिशेड्यूल किया और सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर मुंबई के लिए उड़ान भरने का फैसला किया। एयरक्राफ्ट नहीं पहुंचा तो सुबह करीब साढ़े सात बजे इंडिगो एयरलाइंस ने मुंबई की फ्लाइट को आखिरी वक्त पर रद्द करने का फैसला किया। इसकी वजह से मुंबई जाने वाले पैसेंजर्स को परेशान होना पड़ा। इसके बाद पैसेंजर्स ने हंगामा किया। अब जानिए, फ्लाइट कैंसिलेशन के पांच प्रमुख कारण… 1. टेक ऑफ से पहले तकनीकी खराबी: पायलट की सतर्कता से टला हादसा
एवन हेलीकॉप्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सोहन सिंह नाथावत ने बताया कि फ्लाइट कैंसिलेशन के पांच प्रमुख कारण होते हैं। एयरलाइन कंपनियां सिर्फ संचालन और तकनीकी कारण का हवाला देकर पैसेंजर को गुमराह करने की कोशिश करती हैं। सोहन सिंह नाथावत ने बताया कि एयरक्राफ्ट की उड़ान से पहले और बाद में इंजीनियर उसकी जांच करते हैं। उसके बाद में ही उसे उड़ान के लिए तैयार किया जाता है। लेकिन काफी बार ऐसा देखा जाता है कि टेक ऑफ के वक्त ही फ्लाइट की तकनीकी खराबी का पायलट को पता चलता है। उस वक्त कॉकपिट में संबंधित लाइट्स ब्लिंक होने लगती है। इसके बाद पायलट यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उस समस्या के समाधान के बाद ही अप्लाई करता है। अगर उस समस्या का समाधान नहीं होता है तो फ्लाइट को रद्द कर दिया जाता है। फ्लाइट रद्द होने का यह सबसे प्रमुख कारण है। 2. एयरक्राफ्ट की कमी: एक उड़ान बिगड़ी, तो बाकी का शेड्यूल गड़बड़
नाथावत ने बताया कि काफी फ्लाइट ऐसी होती है, जो एक दिन में कई शहरों के लिए उड़ान भरती है। ऐसे में अगर कोई फ्लाइट एक शहर से दूसरे शहर तक निर्धारित वक्त पर नहीं पहुंचती है, तो एयरलाइन कंपनी द्वारा एयरक्राफ्ट की कमी की वजह से आगे उड़ान भरने वाली फ्लाइट को रद्द कर दिया जाता है। 3. पायलट का ड्यूटी टाइम: सुरक्षा से समझौता नहीं, इसलिए उड़ान रद्द
नाथावत ने बताया कि पायलट के फ्लाइंग अवर्स पूरे होने के बाद भी फ्लाइट उड़ान नहीं भर पाती है। पिछले कुछ वक्त में फ्लाइट कैंसिलेशन का यह एक प्रमुख कारण रहा है। क्योंकि देखा गया है कि फ्लाइट निर्धारित वक्त पर होती है, मौसम भी साफ रहता है, प्लेन में तकनीकी खराबी भी नहीं होती है, लेकिन पायलट का ड्यूटी टाइम पूरा होने के बाद वह उड़ान नहीं भर पाता है। इसकी वजह से एयरलाइन कंपनी को फ्लाइट रद्द करनी पड़ती है। 4. खराब मौसम: जान जोखिम में डालकर उड़ान भरना सही नहीं
नाथावत ने बताया कि मौसम खराब होने की वजह से भी काफी बार फ्लाइट उड़ान नहीं भर पाती है। खराब मौसम की वजह से उड़ान भरने के बावजूद फ्लाइट संबंधित डेस्टिनेशन पर लैंड नहीं कर पाती है। ऐसे में पैसेंजर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरलाइन कंपनी मौसम खराब होने पर फ्लाई रिस्क नहीं लेती है। 5. यात्रियों की कमी से उड़ान रद्द करना पड़ा
सोहन सिंह नाथावत के मुताबिक, काफी बार ऐसा भी देखा गया है कि एयरलाइन कंपनी के लिए उड़ान भरना किफायती नहीं बल्कि नुकसानदायक होता है। यह नुकसान एयरलाइन कंपनियों को पैसेंजर की संख्या कम होने पर होता है, तब भी कई बार एयरलाइन कंपनी फ्लाइट रद्द करने का फैसला करती है। — जयपुर एयरपोर्ट से जुड़ी ये 2 खबरें भी पढ़िए.. 150 लोगों की जान 17 मिनट सांसत में रही:जयपुर में पायलट नहीं करवा पाया फ्लाइट की लैंडिंग, रनवे टच कर फिर से किया टेक-ऑफ जयपुर में रविवार शाम इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E – 394 टच डाउन के बाद फिर से टेक-ऑफ कर गई। फ्लाइट 17 मिनट तक जयपुर के एयर स्पेस में ही चक्कर काटती रही। इस दौरान फ्लाइट में क्रू मेंबर्स समेत करीब 150 पैसेंजर की जान सांसत में रही। पढ़ें पूरी खबर जयपुर एयरपोर्ट पर लगातार घट रही पैसेंजर की संख्या:सड़क से सफर करना पसंद कर रहे लोग, 7 महीने में डेढ़ लाख कम हुए पैसेंजर्स जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पैसेंजर की संख्या लगातार गिरती जा रही है। पिछले 7 महीनों में यह संख्या डेढ़ लाख पैसेंजर्स तक कम हो चुकी है। इसको लेकर अब एयरलाइन कंपनियां भी जयपुर से अपनी उड़ान को लेकर मंथन कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर
जयपुर एयरपोर्ट पर सोमवार को एअर इंडिया एक्सप्रेस की दुबई जाने वाली फ्लाइट में टेक ऑफ से ठीक पहले तकनीकी खराबी आ गई। वही इंडिगो एयरलाइन का इनकमिंग एयरक्राफ्ट पुणे से जयपुर नहीं पहुंच पाया। इसकी वजह से आज (सोमवार) एअर इंडिया एक्सप्रेस की जयपुर-दुबई की इंटरनेशनल फ्लाइट और इंडिगो एयरलाइन की जयपुर-मुंबई फ्लाइट को आखिरी वक्त पर रद्द किया गया। एयरपोर्ट अथॉरिटी से मिले आंकड़ों के अनुसार, 12 जुलाई को हुए अहमदाबाद विमान हादसे के बाद से जयपुर एयरपोर्ट से 5 उड़ानें तकनीकी कारणों से रद्द हुई हैं। इसके अतिरिक्त, 6 उड़ानें ईरान-इजरायल युद्ध के कारण और 5 उड़ानें एयरक्राफ्ट की कमी, संचालन संबंधी कारणों और अन्य वजहों से रद्द हुईं। अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी, जिसमें 241 यात्रियों और क्रू मेंबर सहित 270 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में केवल एक यात्री जीवित बचा था। तकनीकी खराबी से दुबई की उड़ान रद्द
एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX – 195 सोमवार सुबह 5 बजकर 55 मिनट पर दुबई के लिए उड़ान भरने वाली थी। टेक ऑफ से ठीक पहले पायलट को विमान में तकनीकी खराबी का पता चला। इसके बाद पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल यूनिट को सूचना देकर फ्लाइट को एक बार फिर टैक्सी-वे से एप्रन एरिया में पहुंचाया। तकनीकी खराबी को इंजीनियर्स दूर नहीं कर पाए और फ्लाइट रद्द करनी पड़ी। इंडिगो की मुंबई फ्लाइट भी रद्द, यात्रियों का हंगामा
जयपुर से मुंबई के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E – 5282 को भी आखिरी वक्त पर रद्द कर दिया गया। इंडिगो की फ्लाइट 6E – 5282 को जयपुर एयरपोर्ट से सुबह 6 बजकर 5 मिनट पर मुंबई के लिए उड़ान भरनी थी, लेकिन इंडिगो एयरलाइन का एयरक्राफ्ट निर्धारित वक्त पर पुणे से जयपुर नहीं पहुंच पाया। एयरलाइन कंपनी ने फ्लाइट को रिशेड्यूल किया और सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर मुंबई के लिए उड़ान भरने का फैसला किया। एयरक्राफ्ट नहीं पहुंचा तो सुबह करीब साढ़े सात बजे इंडिगो एयरलाइंस ने मुंबई की फ्लाइट को आखिरी वक्त पर रद्द करने का फैसला किया। इसकी वजह से मुंबई जाने वाले पैसेंजर्स को परेशान होना पड़ा। इसके बाद पैसेंजर्स ने हंगामा किया। अब जानिए, फ्लाइट कैंसिलेशन के पांच प्रमुख कारण… 1. टेक ऑफ से पहले तकनीकी खराबी: पायलट की सतर्कता से टला हादसा
एवन हेलीकॉप्टर्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर सोहन सिंह नाथावत ने बताया कि फ्लाइट कैंसिलेशन के पांच प्रमुख कारण होते हैं। एयरलाइन कंपनियां सिर्फ संचालन और तकनीकी कारण का हवाला देकर पैसेंजर को गुमराह करने की कोशिश करती हैं। सोहन सिंह नाथावत ने बताया कि एयरक्राफ्ट की उड़ान से पहले और बाद में इंजीनियर उसकी जांच करते हैं। उसके बाद में ही उसे उड़ान के लिए तैयार किया जाता है। लेकिन काफी बार ऐसा देखा जाता है कि टेक ऑफ के वक्त ही फ्लाइट की तकनीकी खराबी का पायलट को पता चलता है। उस वक्त कॉकपिट में संबंधित लाइट्स ब्लिंक होने लगती है। इसके बाद पायलट यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उस समस्या के समाधान के बाद ही अप्लाई करता है। अगर उस समस्या का समाधान नहीं होता है तो फ्लाइट को रद्द कर दिया जाता है। फ्लाइट रद्द होने का यह सबसे प्रमुख कारण है। 2. एयरक्राफ्ट की कमी: एक उड़ान बिगड़ी, तो बाकी का शेड्यूल गड़बड़
नाथावत ने बताया कि काफी फ्लाइट ऐसी होती है, जो एक दिन में कई शहरों के लिए उड़ान भरती है। ऐसे में अगर कोई फ्लाइट एक शहर से दूसरे शहर तक निर्धारित वक्त पर नहीं पहुंचती है, तो एयरलाइन कंपनी द्वारा एयरक्राफ्ट की कमी की वजह से आगे उड़ान भरने वाली फ्लाइट को रद्द कर दिया जाता है। 3. पायलट का ड्यूटी टाइम: सुरक्षा से समझौता नहीं, इसलिए उड़ान रद्द
नाथावत ने बताया कि पायलट के फ्लाइंग अवर्स पूरे होने के बाद भी फ्लाइट उड़ान नहीं भर पाती है। पिछले कुछ वक्त में फ्लाइट कैंसिलेशन का यह एक प्रमुख कारण रहा है। क्योंकि देखा गया है कि फ्लाइट निर्धारित वक्त पर होती है, मौसम भी साफ रहता है, प्लेन में तकनीकी खराबी भी नहीं होती है, लेकिन पायलट का ड्यूटी टाइम पूरा होने के बाद वह उड़ान नहीं भर पाता है। इसकी वजह से एयरलाइन कंपनी को फ्लाइट रद्द करनी पड़ती है। 4. खराब मौसम: जान जोखिम में डालकर उड़ान भरना सही नहीं
नाथावत ने बताया कि मौसम खराब होने की वजह से भी काफी बार फ्लाइट उड़ान नहीं भर पाती है। खराब मौसम की वजह से उड़ान भरने के बावजूद फ्लाइट संबंधित डेस्टिनेशन पर लैंड नहीं कर पाती है। ऐसे में पैसेंजर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयरलाइन कंपनी मौसम खराब होने पर फ्लाई रिस्क नहीं लेती है। 5. यात्रियों की कमी से उड़ान रद्द करना पड़ा
सोहन सिंह नाथावत के मुताबिक, काफी बार ऐसा भी देखा गया है कि एयरलाइन कंपनी के लिए उड़ान भरना किफायती नहीं बल्कि नुकसानदायक होता है। यह नुकसान एयरलाइन कंपनियों को पैसेंजर की संख्या कम होने पर होता है, तब भी कई बार एयरलाइन कंपनी फ्लाइट रद्द करने का फैसला करती है। — जयपुर एयरपोर्ट से जुड़ी ये 2 खबरें भी पढ़िए.. 150 लोगों की जान 17 मिनट सांसत में रही:जयपुर में पायलट नहीं करवा पाया फ्लाइट की लैंडिंग, रनवे टच कर फिर से किया टेक-ऑफ जयपुर में रविवार शाम इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E – 394 टच डाउन के बाद फिर से टेक-ऑफ कर गई। फ्लाइट 17 मिनट तक जयपुर के एयर स्पेस में ही चक्कर काटती रही। इस दौरान फ्लाइट में क्रू मेंबर्स समेत करीब 150 पैसेंजर की जान सांसत में रही। पढ़ें पूरी खबर जयपुर एयरपोर्ट पर लगातार घट रही पैसेंजर की संख्या:सड़क से सफर करना पसंद कर रहे लोग, 7 महीने में डेढ़ लाख कम हुए पैसेंजर्स जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पैसेंजर की संख्या लगातार गिरती जा रही है। पिछले 7 महीनों में यह संख्या डेढ़ लाख पैसेंजर्स तक कम हो चुकी है। इसको लेकर अब एयरलाइन कंपनियां भी जयपुर से अपनी उड़ान को लेकर मंथन कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर