हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज (सोमवार को) संपन्न कैबिनेट मीटिंग में विभिन्न विभागों में 3700 पद विभिन्न श्रेणियों के सृजित करने व भरने का निर्णय लिया गया। इनकी भर्ती राज्य चयन आयोग और आउटसोर्स माध्यम से होगी। कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि आने वाले एक साल के अंदर इन पदों पर भर्ती हो जाएगी। उन्होंने कहा- सबसे ज्यादा 1602 पद बिजली बोर्ड में ‘बिजली उपभोक्ता मित्रों’ के स्वीकृत किए गए है। इन्हें आउटसोर्स आधार पर भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि एक हजार पद राज्य चयन आयोग के माध्यम से रेगुलर टी-मेट के भरे जाएंगे। राजस्व विभाग में 645 पटवारी भर्ती होंगे मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में 645 पद पटवारियों के भरे जाएंगे। प्रदेश में लगभग 950 पद खाली पड़े हैं। इससे लोगों को दिक्कत हो रही है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स के 400 पद और डॉक्टरों के 200 पद भरने का निर्णय लिया है। 300 पद पंचायत सेक्रेटरी के भरने को मंजूरी हर्षवर्धन चौहान ने कहा- पंचायतीराज विभाग में भी लगभग 950 पद पंचायत सेक्रेटरी के खाली पड़े हैं। इसे देखते हुए सरकार ने 300 पद भरने का निर्णय लिया है। इनकी भर्ती राज्य चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा- मेडिकल कॉलेजों में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, गेस्ट्रोलॉजी के 38 पद असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रदेश सचिवालय में स्टेनो टाइपिस्ट के 25 पद स्वीकृत किए गए। ट्रैफिक रेगुलेट करने को 42 पद सृजित चंडीगढ़-शिमला फोरलेन पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए कैबिनेट ने परवाणू और धर्मपुर पुलिस थाना में 42 पद कॉन्स्टेबल, लोकायुक्त में 2 पद जेओए आईटी और एनवायरमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट में 5 पद साइंटिफिक ऑफिसर के स्वीकृत किए। 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी कैबिनेट ने शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई का पाठयक्रम शुरू करने को मंजूरी दी। अभी तक ये सरकारी स्कूल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला से संबद्धता लेकर चल रहे हैं। मगर अब इन स्कूलों में सीबीएसई का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे शिक्षा में गुणात्मक सुधार आएगा। इसे देखते हुए पहले चरण में 100 स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया। 6 सितंबर की ग्रेड-पे की नोटिफिकेशन निरस्त कैबिनेट ने 6 सितंबर की हायर ग्रेड-पे की नोटिफिकेशन को निरस्त कर दिया है। बता दें कि बीते सप्ताह फाइनेंस डिपार्टमेंट ने कर्मचारियों की हायर ग्रेड वापस लेने से जुड़ी नोटिफिकेशन की थी। कर्मचारियों के विरोध के बाद आज इसे वापस ले लिया गया है। कांगड़ा के चढ़ियारा में सब तहसील खोलने का फैसला कैबिनेट ने कांगड़ा जिला के चढियारा में सब तहसील खोलने, मुख्यमंत्री टूरिज्म स्टार्टअप स्कीम शुरू करने, 28 नए स्वास्थ्य संस्थानों में डॉयलिसिज शुरू करने का फैसला लिया। 3 जिलों में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज कोर्ट खोलने का फैसला कैबिनेट ने कुल्लू, बिलासपुर और ऊना में तीन एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज कोर्ट खोलने, कोटखाई, नादौन, फतेहपुर व हरौली में 4 सब जज कोर्ट खोलने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप योजना शुरू होगी कैबिनेट ने मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप योजना शुरू करने को मंजूरी प्रदान की गई.ताकि पर्यटन और अतिथ्यि क्षेत्र में प्रदेश के मूल निवासियों को स्वरोजगार के अवसर मिल सके। इस योजना के अंतर्गत नए होम स्टे के निर्माण व पुराने होम स्टे को स्तरोन्नत करने के लिए लिए गए कर्ज पर ब्याज में राहत प्रदान करने का निर्णय लिया। इसके लिए, शहरी क्षेत्रों में 3 प्रतिशत, ग्रामीण क्षेत्रों में 4 प्रतिशत और जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।
हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज (सोमवार को) संपन्न कैबिनेट मीटिंग में विभिन्न विभागों में 3700 पद विभिन्न श्रेणियों के सृजित करने व भरने का निर्णय लिया गया। इनकी भर्ती राज्य चयन आयोग और आउटसोर्स माध्यम से होगी। कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि आने वाले एक साल के अंदर इन पदों पर भर्ती हो जाएगी। उन्होंने कहा- सबसे ज्यादा 1602 पद बिजली बोर्ड में ‘बिजली उपभोक्ता मित्रों’ के स्वीकृत किए गए है। इन्हें आउटसोर्स आधार पर भरा जाएगा। उन्होंने कहा कि एक हजार पद राज्य चयन आयोग के माध्यम से रेगुलर टी-मेट के भरे जाएंगे। राजस्व विभाग में 645 पटवारी भर्ती होंगे मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग में 645 पद पटवारियों के भरे जाएंगे। प्रदेश में लगभग 950 पद खाली पड़े हैं। इससे लोगों को दिक्कत हो रही है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेज में स्टाफ नर्स के 400 पद और डॉक्टरों के 200 पद भरने का निर्णय लिया है। 300 पद पंचायत सेक्रेटरी के भरने को मंजूरी हर्षवर्धन चौहान ने कहा- पंचायतीराज विभाग में भी लगभग 950 पद पंचायत सेक्रेटरी के खाली पड़े हैं। इसे देखते हुए सरकार ने 300 पद भरने का निर्णय लिया है। इनकी भर्ती राज्य चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी। उन्होंने कहा- मेडिकल कॉलेजों में कार्डियोलॉजी, न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, गेस्ट्रोलॉजी के 38 पद असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रदेश सचिवालय में स्टेनो टाइपिस्ट के 25 पद स्वीकृत किए गए। ट्रैफिक रेगुलेट करने को 42 पद सृजित चंडीगढ़-शिमला फोरलेन पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए कैबिनेट ने परवाणू और धर्मपुर पुलिस थाना में 42 पद कॉन्स्टेबल, लोकायुक्त में 2 पद जेओए आईटी और एनवायरमेंट साइंस एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट में 5 पद साइंटिफिक ऑफिसर के स्वीकृत किए। 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करने को मंजूरी कैबिनेट ने शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए 100 सरकारी स्कूलों में सीबीएसई का पाठयक्रम शुरू करने को मंजूरी दी। अभी तक ये सरकारी स्कूल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला से संबद्धता लेकर चल रहे हैं। मगर अब इन स्कूलों में सीबीएसई का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे शिक्षा में गुणात्मक सुधार आएगा। इसे देखते हुए पहले चरण में 100 स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया गया। 6 सितंबर की ग्रेड-पे की नोटिफिकेशन निरस्त कैबिनेट ने 6 सितंबर की हायर ग्रेड-पे की नोटिफिकेशन को निरस्त कर दिया है। बता दें कि बीते सप्ताह फाइनेंस डिपार्टमेंट ने कर्मचारियों की हायर ग्रेड वापस लेने से जुड़ी नोटिफिकेशन की थी। कर्मचारियों के विरोध के बाद आज इसे वापस ले लिया गया है। कांगड़ा के चढ़ियारा में सब तहसील खोलने का फैसला कैबिनेट ने कांगड़ा जिला के चढियारा में सब तहसील खोलने, मुख्यमंत्री टूरिज्म स्टार्टअप स्कीम शुरू करने, 28 नए स्वास्थ्य संस्थानों में डॉयलिसिज शुरू करने का फैसला लिया। 3 जिलों में एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज कोर्ट खोलने का फैसला कैबिनेट ने कुल्लू, बिलासपुर और ऊना में तीन एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज कोर्ट खोलने, कोटखाई, नादौन, फतेहपुर व हरौली में 4 सब जज कोर्ट खोलने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप योजना शुरू होगी कैबिनेट ने मुख्यमंत्री स्टार्ट-अप योजना शुरू करने को मंजूरी प्रदान की गई.ताकि पर्यटन और अतिथ्यि क्षेत्र में प्रदेश के मूल निवासियों को स्वरोजगार के अवसर मिल सके। इस योजना के अंतर्गत नए होम स्टे के निर्माण व पुराने होम स्टे को स्तरोन्नत करने के लिए लिए गए कर्ज पर ब्याज में राहत प्रदान करने का निर्णय लिया। इसके लिए, शहरी क्षेत्रों में 3 प्रतिशत, ग्रामीण क्षेत्रों में 4 प्रतिशत और जनजातीय क्षेत्रों में 5 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा।