मध्यप्रदेश के खंडवा में एक मस्जिद में बिहार से आए इमाम को बिना सूचना रुकवाने पर पुलिस ने युवक और मस्जिद के सदर के खिलाफ 9 सितंबर को केस दर्ज कर लिया था। इस मामले में रविवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि खंडवा के एसपी को Article-19 पढ़ने की जरूरत है। वहीं एसपी मनोज कुमार राय ने इस मामले में कहा कि नियमों के तहत की कार्रवाई की गई थी। बाहरी व्यक्तियों की सूचना पुलिस थाने में देना अनिवार्य है। ओवैसी ने मजलिस नाम के सोशल मीडिया अकाउंट पर रविवार को वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि खंडवा में एक मस्जिद में बिहार के इमाम रुके थे। वहां की पुलिस ने केस दर्ज कर लिया कि तुमने कैसे बिहार से आए व्यक्ति को खंडवा की मस्जिद में रखा। अरे बताओ कि हिंदुस्तान के संविधान की आर्टिकल 19 क्या हैं। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के आदेशों का किया था उल्लंघन
मामला खंडवा के खारकलां गांव की एक मस्जिद का है। पुलिस के अनुसार, हाजी हनीफ खान खारकलां, मस्जिद की देखरेख करते हैं। उन्होंने अख्तर रजा पिता बदरुद्दीन शेख (उम्र 35 वर्ष), निवासी बिहार को मस्जिद में ठहराया था। यह युवक वर्तमान में ग्राम खारकलां में रह रहा था, लेकिन इसकी सूचना पुलिस थाने को नहीं दी गई। यह जिला दंडाधिकारी खंडवा के आदेशों का उल्लंघन है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना) के तहत मामला दर्ज किया था। एसपी बोले- नियमों के तहत कार्रवाई की थी
इधर, एसपी मनोज कुमार राय ने कहा कि, जिले में धारा 144 लागू हैं, इस बीच यह अनिवार्य था कि बाहरी व्यक्तियों की सूचना संबंधित पुलिस थाने पर दी जानी थी। यह सामान्य सी बात थी। बावजूद लोग सूचना नहीं देते है कि बाहर से आया कौन व्यक्ति उनके यहां रुका हैं। यह खबर भी पढ़ें… मस्जिद में बिहार से बुलाया इमाम, सदर पर केस: पुलिस को सूचना दिए बिना मस्जिद में नमाज पढ़ा रहा था बाहरी व्यक्ति जिले में बाहरी व्यक्तियों के ठहरने की सूचना पुलिस को देना अनिवार्य है। लेकिन खालवा थाना क्षेत्र के खारकला गांव में एक मस्जिद के सदर ने इस नियम का उल्लंघन किया। मस्जिद में एक बाहरी व्यक्ति को नमाज पढ़ाने के लिए रखा गया था, जिसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई। इस मामले में पुलिस ने सदर के खिलाफ FIR दर्ज की है। पढ़ें पूरी खबर
मध्यप्रदेश के खंडवा में एक मस्जिद में बिहार से आए इमाम को बिना सूचना रुकवाने पर पुलिस ने युवक और मस्जिद के सदर के खिलाफ 9 सितंबर को केस दर्ज कर लिया था। इस मामले में रविवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि खंडवा के एसपी को Article-19 पढ़ने की जरूरत है। वहीं एसपी मनोज कुमार राय ने इस मामले में कहा कि नियमों के तहत की कार्रवाई की गई थी। बाहरी व्यक्तियों की सूचना पुलिस थाने में देना अनिवार्य है। ओवैसी ने मजलिस नाम के सोशल मीडिया अकाउंट पर रविवार को वीडियो पोस्ट किया। उन्होंने कहा कि खंडवा में एक मस्जिद में बिहार के इमाम रुके थे। वहां की पुलिस ने केस दर्ज कर लिया कि तुमने कैसे बिहार से आए व्यक्ति को खंडवा की मस्जिद में रखा। अरे बताओ कि हिंदुस्तान के संविधान की आर्टिकल 19 क्या हैं। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के आदेशों का किया था उल्लंघन
मामला खंडवा के खारकलां गांव की एक मस्जिद का है। पुलिस के अनुसार, हाजी हनीफ खान खारकलां, मस्जिद की देखरेख करते हैं। उन्होंने अख्तर रजा पिता बदरुद्दीन शेख (उम्र 35 वर्ष), निवासी बिहार को मस्जिद में ठहराया था। यह युवक वर्तमान में ग्राम खारकलां में रह रहा था, लेकिन इसकी सूचना पुलिस थाने को नहीं दी गई। यह जिला दंडाधिकारी खंडवा के आदेशों का उल्लंघन है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 188 (सरकारी आदेश की अवहेलना) के तहत मामला दर्ज किया था। एसपी बोले- नियमों के तहत कार्रवाई की थी
इधर, एसपी मनोज कुमार राय ने कहा कि, जिले में धारा 144 लागू हैं, इस बीच यह अनिवार्य था कि बाहरी व्यक्तियों की सूचना संबंधित पुलिस थाने पर दी जानी थी। यह सामान्य सी बात थी। बावजूद लोग सूचना नहीं देते है कि बाहर से आया कौन व्यक्ति उनके यहां रुका हैं। यह खबर भी पढ़ें… मस्जिद में बिहार से बुलाया इमाम, सदर पर केस: पुलिस को सूचना दिए बिना मस्जिद में नमाज पढ़ा रहा था बाहरी व्यक्ति जिले में बाहरी व्यक्तियों के ठहरने की सूचना पुलिस को देना अनिवार्य है। लेकिन खालवा थाना क्षेत्र के खारकला गांव में एक मस्जिद के सदर ने इस नियम का उल्लंघन किया। मस्जिद में एक बाहरी व्यक्ति को नमाज पढ़ाने के लिए रखा गया था, जिसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई। इस मामले में पुलिस ने सदर के खिलाफ FIR दर्ज की है। पढ़ें पूरी खबर