पंजाब में आज आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मनजिंदर सिंह को तरनतारन की अदालत सजा सुनाएगी। 10 सितंबर को अदालत ने 12 साल पहले युवती से मारपीट करने और छेड़छाड़ के आरोप में उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। अदालत ने घटना के वक्त टैक्सी ड्राइवर रहे विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा के अलावा 5 पुलिसकर्मियों दविंदर कुमार, सारज सिंह, अश्वनी कुमार, तरसेम सिंह और हरजिंदर सिंह को भी दोषी ठहराया है। हालांकि, कोर्ट ने गगनदीप सिंह और पुलिसकर्मी नरिंदरजीत सिंह और गुरदीप राज को ज्यूडिशियल हिरासत में नहीं भेजा है। इन तीनों को भी अदालत ने आज ही तलब किया है। बता दें कि यह पूरा मामला 2013 का है। उस समय विधायक लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। उन पर शादी में आई युवती के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। युवती ने टैक्सी ड्राइवरों पर छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया था। विधायक लालपुरा के एडवोकेट ने बताया था कि दलित युवती से मारपीट का केस है। अभी फैसला आना है, हम इसे हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। अब पढ़िए अदालत के फैसले के बाद क्या बोली पीड़िता… एक आरोपी की मौत, एक पहले ही जेल में बंद
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए युवती के वकील अमित धवन ने बताया था कि इस मामले में SC/ST एक्ट की धारा 323, 324 व 354 के तहत केस दर्ज हुआ था। बुधवार को अदालत ने कुल 12 लोगों को दोषी ठहराया है। विधायक समेत 7 लोगों को अरेस्ट किया गया है। एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी पहले ही तिहाड़ जेल में बंद है। 3 आरोपियों को फिलहाल अरेस्ट नहीं किया गया है। 2 साल पहले SSP से हुआ था विवाद
साल 2023 में विधायक मनजिंदर लालपुरा का तत्कालीन एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान के साथ विवाद हो गया था। विधायक ने आरोप लगाया था कि एसएसपी चोरों से मिले हुए हैं और उन्होंने खनन को लेकर हुई कार्रवाई में गड़बड़ी की है। लालपुरा ने कहा था कि एसएसपी ने रात में पुलिसकर्मियों को भेजकर उनके रिश्तेदार के साथ गलत व्यवहार किया। उन्होंने चेतावनी दी थी कि इस कार्रवाई का जवाब जरूर दिया जाएगा। वहीं, एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा था कि यह रूटीन ऑपरेशन था और उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। इस विवाद के बाद विधायक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की थी। मामला बढ़ने पर सरकार ने एसएसपी का तबादला तक कर दिया था।
पंजाब में आज आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मनजिंदर सिंह को तरनतारन की अदालत सजा सुनाएगी। 10 सितंबर को अदालत ने 12 साल पहले युवती से मारपीट करने और छेड़छाड़ के आरोप में उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। अदालत ने घटना के वक्त टैक्सी ड्राइवर रहे विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा के अलावा 5 पुलिसकर्मियों दविंदर कुमार, सारज सिंह, अश्वनी कुमार, तरसेम सिंह और हरजिंदर सिंह को भी दोषी ठहराया है। हालांकि, कोर्ट ने गगनदीप सिंह और पुलिसकर्मी नरिंदरजीत सिंह और गुरदीप राज को ज्यूडिशियल हिरासत में नहीं भेजा है। इन तीनों को भी अदालत ने आज ही तलब किया है। बता दें कि यह पूरा मामला 2013 का है। उस समय विधायक लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। उन पर शादी में आई युवती के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। युवती ने टैक्सी ड्राइवरों पर छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया था। विधायक लालपुरा के एडवोकेट ने बताया था कि दलित युवती से मारपीट का केस है। अभी फैसला आना है, हम इसे हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। अब पढ़िए अदालत के फैसले के बाद क्या बोली पीड़िता… एक आरोपी की मौत, एक पहले ही जेल में बंद
इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए युवती के वकील अमित धवन ने बताया था कि इस मामले में SC/ST एक्ट की धारा 323, 324 व 354 के तहत केस दर्ज हुआ था। बुधवार को अदालत ने कुल 12 लोगों को दोषी ठहराया है। विधायक समेत 7 लोगों को अरेस्ट किया गया है। एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि एक आरोपी पहले ही तिहाड़ जेल में बंद है। 3 आरोपियों को फिलहाल अरेस्ट नहीं किया गया है। 2 साल पहले SSP से हुआ था विवाद
साल 2023 में विधायक मनजिंदर लालपुरा का तत्कालीन एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान के साथ विवाद हो गया था। विधायक ने आरोप लगाया था कि एसएसपी चोरों से मिले हुए हैं और उन्होंने खनन को लेकर हुई कार्रवाई में गड़बड़ी की है। लालपुरा ने कहा था कि एसएसपी ने रात में पुलिसकर्मियों को भेजकर उनके रिश्तेदार के साथ गलत व्यवहार किया। उन्होंने चेतावनी दी थी कि इस कार्रवाई का जवाब जरूर दिया जाएगा। वहीं, एसएसपी गुरमीत सिंह चौहान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा था कि यह रूटीन ऑपरेशन था और उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। इस विवाद के बाद विधायक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की थी। मामला बढ़ने पर सरकार ने एसएसपी का तबादला तक कर दिया था।