हिमाचल प्रदेश में अगले 48 घंटे तक मानसून कमजोर रहेगा। आज और कल किसी भी जिला में बारिश को लेकर अलर्ट नहीं है। इससे राहत एवं बचाव कार्य में तेजी आएगी। मगर 2 दिन बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस दोबारा एक्टिव हो रहा है। इससे 12 व 13 सितंबर को फिर से बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में भारी बारिश के कारण 680 सड़कें यातायात को बंद पड़ी है। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 150 से ज्यादा रूट ऐसे हैं जिन पर 15 दिनों से सरकारी व प्राइवेट बसें नहीं भेजी गई। किसानों-बागवानों की फसलें मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही। मंडी में सबसे ज्यादा 1710 मिलीमीटर बारिश प्रदेश में इस मानसून सीजन में सामान्य से 44 प्रतिशत अधिक बादल बरस चुके हैं। एक जून से 9 सितंबर के बीच 663.9 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है। मगर इस बार 956.8 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। मंडी जिला में सबसे ज्यादा 1710.9 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। प्रदेश में नुकसान भी मंडी जिला में ही सबसे ज्यादा हुआ है। कांगड़ा जिला में भी 1698.2 मिलीमीटर, सिरमौर में 1577.7, ऊना 1485.3, सोलन 1388.1, हमीरपुर 1364.7, बिलासपुर 1301.8, चंबा 1021.7, कुल्लू 1041.6 और शिमला में 1181.8 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। 4156 करोड़ की संपत्ति नष्ट प्रदेश में भारी के कारण 4156 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति नष्ट हो चुकी है। लैंडस्लाइड की 137 घटनाओं, बाढ़ की 97 और बादल फटने की 45 घटनाओं में जान और माल दोनों का नुकसान हुआ है। आपदा के कारण 1237 घर जमींदोज हो चुके है, जबकि 5317 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में अगले 48 घंटे तक मानसून कमजोर रहेगा। आज और कल किसी भी जिला में बारिश को लेकर अलर्ट नहीं है। इससे राहत एवं बचाव कार्य में तेजी आएगी। मगर 2 दिन बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस दोबारा एक्टिव हो रहा है। इससे 12 व 13 सितंबर को फिर से बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रदेश में भारी बारिश के कारण 680 सड़कें यातायात को बंद पड़ी है। इससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 150 से ज्यादा रूट ऐसे हैं जिन पर 15 दिनों से सरकारी व प्राइवेट बसें नहीं भेजी गई। किसानों-बागवानों की फसलें मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही। मंडी में सबसे ज्यादा 1710 मिलीमीटर बारिश प्रदेश में इस मानसून सीजन में सामान्य से 44 प्रतिशत अधिक बादल बरस चुके हैं। एक जून से 9 सितंबर के बीच 663.9 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है। मगर इस बार 956.8 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। मंडी जिला में सबसे ज्यादा 1710.9 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। प्रदेश में नुकसान भी मंडी जिला में ही सबसे ज्यादा हुआ है। कांगड़ा जिला में भी 1698.2 मिलीमीटर, सिरमौर में 1577.7, ऊना 1485.3, सोलन 1388.1, हमीरपुर 1364.7, बिलासपुर 1301.8, चंबा 1021.7, कुल्लू 1041.6 और शिमला में 1181.8 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है। 4156 करोड़ की संपत्ति नष्ट प्रदेश में भारी के कारण 4156 करोड़ रुपए की सरकारी व निजी संपत्ति नष्ट हो चुकी है। लैंडस्लाइड की 137 घटनाओं, बाढ़ की 97 और बादल फटने की 45 घटनाओं में जान और माल दोनों का नुकसान हुआ है। आपदा के कारण 1237 घर जमींदोज हो चुके है, जबकि 5317 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है।