दिल्ली में यमुना पर बने सिग्नेचर ब्रिज से बुधवार सुबह एक महिला ने नदी में छलांग लगा दी। जानकारी मिलने के बाद से महिला की तलाश जारी है। एक चश्मदीद ने बताया कि घटना सुबह 7 बजे की है। महिला अपने बेटे के साथ पुल पर आई और नदी में कूद गई। उसका बेटा मेरे पास रोता हुआ आया। इसके बाद हमने पुलिस को जानकारी दी। आज की बाकी खबरें… सुप्रीम कोर्ट बोला- नियमों में रोक तो आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार अनारक्षित सीटों पर नहीं जा सकते सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि यदि किसी भर्ती के नियमों में स्पष्ट रूप से रोक हो, तो आरक्षित वर्ग के वे उम्मीदवार जो फीस या उम्र में छूट लेकर जनरल कैटेगरी की ओपन प्रतियोगिता में शामिल हुए हैं, उन्हें बाद में अनारक्षित सीटों पर चयन के लिए नहीं माना जा सकता। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने इस टिप्पणी के साथ इस संबंध में त्रिपुरा हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह तय करना हर केस के तथ्यों पर निर्भर करेगा कि क्या छूट लेकर ओपन कैटेगरी में शामिल हुए आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार अनारक्षित सीटों पर चयन के योग्य हैं या नहीं। यह मामला केंद्र सरकार की उस अपील से जुड़ा था, जिसमें त्रिपुरा हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने उन याचिकाकर्ताओं को अनारक्षित श्रेणी में चयन के लिए विचार करने का निर्देश दिया था, जिन्होंने ओबीसी कैटेगरी में उम्र की छूट लेकर कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) पद के लिए आवेदन किया था।
दिल्ली में यमुना पर बने सिग्नेचर ब्रिज से बुधवार सुबह एक महिला ने नदी में छलांग लगा दी। जानकारी मिलने के बाद से महिला की तलाश जारी है। एक चश्मदीद ने बताया कि घटना सुबह 7 बजे की है। महिला अपने बेटे के साथ पुल पर आई और नदी में कूद गई। उसका बेटा मेरे पास रोता हुआ आया। इसके बाद हमने पुलिस को जानकारी दी। आज की बाकी खबरें… सुप्रीम कोर्ट बोला- नियमों में रोक तो आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार अनारक्षित सीटों पर नहीं जा सकते सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि यदि किसी भर्ती के नियमों में स्पष्ट रूप से रोक हो, तो आरक्षित वर्ग के वे उम्मीदवार जो फीस या उम्र में छूट लेकर जनरल कैटेगरी की ओपन प्रतियोगिता में शामिल हुए हैं, उन्हें बाद में अनारक्षित सीटों पर चयन के लिए नहीं माना जा सकता। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने इस टिप्पणी के साथ इस संबंध में त्रिपुरा हाई कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह तय करना हर केस के तथ्यों पर निर्भर करेगा कि क्या छूट लेकर ओपन कैटेगरी में शामिल हुए आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार अनारक्षित सीटों पर चयन के योग्य हैं या नहीं। यह मामला केंद्र सरकार की उस अपील से जुड़ा था, जिसमें त्रिपुरा हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। हाई कोर्ट ने उन याचिकाकर्ताओं को अनारक्षित श्रेणी में चयन के लिए विचार करने का निर्देश दिया था, जिन्होंने ओबीसी कैटेगरी में उम्र की छूट लेकर कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) पद के लिए आवेदन किया था।