हरियाणा में आज पांच जिलों- पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में बारिश का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ (IMD) के अनुसार इन जिलों में दिन भर बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर बारिश भी हो सकती है। इन जिलों को छोड़कर, हरियाणा के किसी अन्य जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। IMD का कहना है कि 13 सितंबर तक राज्य में मौसम इसी तरह बना रहेगा। हालांकि, मंगलवार को भी बारिश की संभावना नहीं जताई गई थी, लेकिन इसके बावजूद चरखी दादरी और हिसार के कुछ स्थानों पर बारिश हुई। उधर, सिरसा में घग्गर नदी के 2 बांध टूटने से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई दिन बीत जाने के बाद भी बांध ठीक नहीं हुए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है। वहीं बहादुरगढ़ में मुंगेशपुर ड्रेन के एक और जगह से टूटने से इंडस्ट्रियल एरिया में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बारिश-मौसम से जुड़े बड़े अपडेट्स सिरसा के 2 बांध अभी तक नहीं हुए ठीक
सिरसा में झोरड़नाली और अहमदपुर में घग्गर नदी के बांध टूटने के बाद पानी मीरपुर गांव से ओटू हेड तक पहुंच गया है। अभी तक दोनों बांध ठीक नहीं किए गए। किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। गांवों के खेतों में घग्गर से आए पानी को निकालने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिससे खेतों में जलभराव के कारण फसलें खराब हो रही हैं। इसके अलावा, घग्गर से जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति काट दी गई है, जिसके कारण निवासियों को अन्य व्यवस्थाएं करनी पड़ी हैं। प्रशासन ने तटबंध से लगे क्षेत्र को 8 सेक्टरों में विभाजित किया है, जिनमें से 2 सेक्टरों में लगभग 18 गांवों पर सबसे अधिक खतरा मंडरा रहा है। इन गांवों में घग्गर का प्रकोप काफी भयंकर रहा है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में जेसीबी और पोकलेन जैसी अतिरिक्त मशीनरी उपलब्ध करा दी है, और ग्रामीणों द्वारा रिंग बांधों को मजबूत किया जा रहा है। बहादुरगढ़ में ड्रेन एक और जगह से टूटी
बहादुरगढ़ में सेक्टर 9 बाईपास के नजदीक मुंगेशपुर ड्रेन एक और जगह पर टूट गई है। इस बार ड्रेन का रिसाव औद्योगिक क्षेत्र MIE की ओर हुआ है, जिससे पहले से ही जलभराव से त्रस्त फैक्टरियों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पहले ही फैक्ट्रियों में तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है, और यदि ड्रेन के क्षतिग्रस्त हिस्से की तुरंत मरम्मत नहीं की गई तो जलभराव की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। वहां पर 50 से अधिक फैक्ट्रियां जलमग्न हैं, और मारुति के स्टॉकयार्ड में खड़ी 300 से अधिक नई गाड़ियां भी पानी में डूबी हुई हैं। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता ईशान सिवाच ने बताया कि सेक्टर 9 बाईपास के पास MIE पार्ट बी की तरफ ड्रेन टूटी है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर टूटे हुए किनारे को ठीक करने में जुटे हैं, और उम्मीद है कि दो-तीन घंटे में ड्रेन की मरम्मत पूरी कर ली जाएगी। 46 प्रतिशत अधिक हुई है बारिश
आईएमडी के अनुसार हरियाणा में अब तक सामान्य से 46 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। 9 सितंबर तक औसतन 385.1 एमएम बारिश होनी चाहिए थी,लेकिन प्रदेश में 563.8 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस सीजन सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर में 1080.8 एमएम और महेंद्रगढ़ में 818.0 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम बारिश सिरसा में 346.6 और भिवानी में 369.0 एमएम बारिश दर्ज हुई है। बाढ़ प्रभावितों को 3.26 करोड़ की राहत
हरियाणा सरकार ने भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए 3 करोड़ 26 लाख रुपए का राहत फंड जारी किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार मकान गिरने से हुई 13 मौतों के मामलों में सरकार मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपए की सहायता देगी। उन्होंने बताया कि घायलों को 2-2 लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं, खेतों में पानी भरने से फसल खराब होने पर किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए तक मुआवजा मिलेगा। मानसून सीजन में कहां कितनी बारिश हुई जानिए…
हरियाणा में आज पांच जिलों- पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल में बारिश का अनुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ (IMD) के अनुसार इन जिलों में दिन भर बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर बारिश भी हो सकती है। इन जिलों को छोड़कर, हरियाणा के किसी अन्य जिले के लिए बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। IMD का कहना है कि 13 सितंबर तक राज्य में मौसम इसी तरह बना रहेगा। हालांकि, मंगलवार को भी बारिश की संभावना नहीं जताई गई थी, लेकिन इसके बावजूद चरखी दादरी और हिसार के कुछ स्थानों पर बारिश हुई। उधर, सिरसा में घग्गर नदी के 2 बांध टूटने से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई दिन बीत जाने के बाद भी बांध ठीक नहीं हुए हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है। वहीं बहादुरगढ़ में मुंगेशपुर ड्रेन के एक और जगह से टूटने से इंडस्ट्रियल एरिया में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बारिश-मौसम से जुड़े बड़े अपडेट्स सिरसा के 2 बांध अभी तक नहीं हुए ठीक
सिरसा में झोरड़नाली और अहमदपुर में घग्गर नदी के बांध टूटने के बाद पानी मीरपुर गांव से ओटू हेड तक पहुंच गया है। अभी तक दोनों बांध ठीक नहीं किए गए। किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत है। गांवों के खेतों में घग्गर से आए पानी को निकालने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिससे खेतों में जलभराव के कारण फसलें खराब हो रही हैं। इसके अलावा, घग्गर से जलभराव वाले क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति काट दी गई है, जिसके कारण निवासियों को अन्य व्यवस्थाएं करनी पड़ी हैं। प्रशासन ने तटबंध से लगे क्षेत्र को 8 सेक्टरों में विभाजित किया है, जिनमें से 2 सेक्टरों में लगभग 18 गांवों पर सबसे अधिक खतरा मंडरा रहा है। इन गांवों में घग्गर का प्रकोप काफी भयंकर रहा है। प्रशासन ने इन क्षेत्रों में जेसीबी और पोकलेन जैसी अतिरिक्त मशीनरी उपलब्ध करा दी है, और ग्रामीणों द्वारा रिंग बांधों को मजबूत किया जा रहा है। बहादुरगढ़ में ड्रेन एक और जगह से टूटी
बहादुरगढ़ में सेक्टर 9 बाईपास के नजदीक मुंगेशपुर ड्रेन एक और जगह पर टूट गई है। इस बार ड्रेन का रिसाव औद्योगिक क्षेत्र MIE की ओर हुआ है, जिससे पहले से ही जलभराव से त्रस्त फैक्टरियों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। पहले ही फैक्ट्रियों में तीन से चार फीट तक पानी भरा हुआ है, और यदि ड्रेन के क्षतिग्रस्त हिस्से की तुरंत मरम्मत नहीं की गई तो जलभराव की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। वहां पर 50 से अधिक फैक्ट्रियां जलमग्न हैं, और मारुति के स्टॉकयार्ड में खड़ी 300 से अधिक नई गाड़ियां भी पानी में डूबी हुई हैं। सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता ईशान सिवाच ने बताया कि सेक्टर 9 बाईपास के पास MIE पार्ट बी की तरफ ड्रेन टूटी है। राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर टूटे हुए किनारे को ठीक करने में जुटे हैं, और उम्मीद है कि दो-तीन घंटे में ड्रेन की मरम्मत पूरी कर ली जाएगी। 46 प्रतिशत अधिक हुई है बारिश
आईएमडी के अनुसार हरियाणा में अब तक सामान्य से 46 प्रतिशत ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। 9 सितंबर तक औसतन 385.1 एमएम बारिश होनी चाहिए थी,लेकिन प्रदेश में 563.8 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस सीजन सबसे ज्यादा बारिश यमुनानगर में 1080.8 एमएम और महेंद्रगढ़ में 818.0 एमएम बारिश दर्ज की गई है, जबकि सबसे कम बारिश सिरसा में 346.6 और भिवानी में 369.0 एमएम बारिश दर्ज हुई है। बाढ़ प्रभावितों को 3.26 करोड़ की राहत
हरियाणा सरकार ने भारी बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए 3 करोड़ 26 लाख रुपए का राहत फंड जारी किया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुसार मकान गिरने से हुई 13 मौतों के मामलों में सरकार मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख रुपए की सहायता देगी। उन्होंने बताया कि घायलों को 2-2 लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं, खेतों में पानी भरने से फसल खराब होने पर किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपए तक मुआवजा मिलेगा। मानसून सीजन में कहां कितनी बारिश हुई जानिए…