हरियाणा में सभी नदियों में इस बार उफान आया। कई जिलों में नुकसान हुआ। 2,748 गांव नदी के उफान या अधिक वर्षा से प्रभावित हुए हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि प्रदेश में अभी आपदा जैसी स्थिति नहीं है। यमुना नदी से लगते जिलों के हालात पर लगातार नजर है। अभी तक मानसून में सामान्य से 48% अधिक वर्षा हुई है। फतेहाबाद, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों में सामान्य से काफी अधिक वर्षा हुई है। पलवल, फरीदाबाद, फतेहाबाद, भिवानी, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों में बारिश से प्रभावित 2,247 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। ई-क्षति पोर्टल के अनुसार, हरियाणा में बारिश और बाढ़ से 2748 गांवों के 1,46,823 किसानों ने फसलों को नुकसान पहुंचने की बात दर्ज कराई है। दैनिक भास्कर डिजिटल एप की टीम ने मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और वित्त आयुक्त (राजस्व) डॉ सुमिता मिश्रा से प्रदेश में बाढ़ के हालात पर बातचीत की तो दोनों अधिकारियों ने कई बातें बताईं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. पहले देखे हरियाणा में बारिश के हालात के PHOTOS… अंबाला 5 दिन बाद खतरे के निशान से नीचे आई यमुना
5 दिनों तक लगातार उफान पर यही यमुना शुक्रवार को शांत हो गई। जलस्तर घटने के बाद दोपहर 1 बजे उत्तर प्रदेश की पूर्वी नहर में 766 क्यूसेक पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई। दोपहर में जलस्तर घटने से नहरों की सप्लाई शुरू। यूपी को 1510 तो हरियाणा को 2500 क्यूसेक पानी मिल रहा है।एक सितंबर को यमुना ने उफना शुरू किया था। 6 साल बाद में तीसरी बार इतने दिन डेंजर पॉइंट के ऊपर बही यमुना
1 सितंबर को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान यानी 1 लाख क्यूसेक से ऊपर गया। 5 दिनों तक नदी बैराज के सभी फ्लड गेट खुले रहे। इससे पहले जुलाई 2023 में 9,10, 11 व 12 तारीख को नदी के फ्लड गेट लगातार खुले रहे थे। 16 जून 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के समय नदी में 8 लाख 6464 क्यूसेक की प्रलयकारी बाढ़ आई। तब लगातार 3 दिन यमुना खतरे के निशान पर ऊपर बही। यहां पढ़िए बाढ़-जलभराव पर क्या बोले मुख्य सचिव अनुराग रस्तौगी… सवाल: हरियाणा में क्या आपदा की स्थिति है?
जवाब: हरियाणा में अभी आपदा जैसी स्थिति नहीं है। अधिकांश नदियां टांगरी, घग्गर का जलस्तर काफी काम हुआ है। हालांकि यमुना अभी उफान पर है, इसको देखते हुए यमुना से लगते हुए सभी जिलों पर सरकार फोकस कर रही है। वहां के स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सवाल: आपदा के लिए सरकार तैयार है क्या?
जवाब: हां, सरकार पूरी तरह से तैयार है। जिम्मेदार विभाग, अफसर नदियों के जल स्तर और अब तक हुए नुकसान का हर पल अपडेट ले रहे हैं। सीएम लगातार प्रदेश के हालात को लेकर रिव्यू मीटिंग कर रहे हैं। सेना या अन्य सुरक्षा एजेंसियों से सरकार संपर्क में हैं, जहां भी हालात बेकाबू होते हैं वहां हम संपर्क कर उनके मदद भी लेते हैं। सवाल: अब जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कैसे होगी?
जवाब: बाढ़ और जलभराव से नुकसान तो हो रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित किसान हुए हैं। इसको देखते हुए सरकार ने ई क्षति पोर्टल खोला है। मौसम को देखते हुए सरकार ने किसानों के लिए अपना दावा पेश करने के लिए और समय दिया है, अब 15 सितंबर तक पोर्टल खुला रहेगा। इसके साथ ही किसानों को तुरंत नुकसान का मुआवजा मिले इसके लिए तुरंत सर्वे के निर्देश प्रभावित जिलों के डीसी को जारी कर दिए हैं। सवाल: आपदा को लेकर कोई नोडल अधिकारी नियुक्त किया है?
जवाब: अभी प्रदेश में हालात बेकाबू नहीं हैं। जिम्मेदार विभाग और सरकार 24 घंटे अलर्ट होकर काम कर रही है। पल पल का अपडेट लिया जा रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग पूरी नजर बनाए हुए हैं, जो भी अपडेट जिलों से आता है उसी के अनुरुप ही अधिकारियों को डायरेक्शन दिए जा रहे हैं। हर अधिकारी ग्राउंड पर है। दैनिक भास्कर के सवालों के वित्त आयुक्त राजस्व डॉ सुमिता मिश्रा ने दिए जवाब… सवाल: हरियाणा के कैसे हालात हैं?
जवाब: राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग राज्य के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है। बारिश के कारण कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, बरसाती नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। हालांकि स्थिति सरकार के नियंत्रण में हैं। सवाल: सरकार क्या कर रही है?
जवाब: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, अधिकारियों के साथ लगातार बाढ़ की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। सभी डीसी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMA) को निर्देश दिया गया है कि वे हाई अलर्ट पर रहें और अपने-अपने क्षेत्रों में जनता को मौसम संबंधी चेतावनियां और सुरक्षा सलाह समय पर उपलब्ध कराएं। प्रभावित इलाकों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और लोकल प्रशासन की टीमों के साथ बचाव एवं राहत कार्य में लगी हुई हैं। सवाल: किन जिलों में हालात खराब है?
जवाब: नावों, पेशेवर गोताखोरों और अन्य इमरजेंसी एक्यूपमेंट सहित विशेष रेस्कयू एक्यूपमेंट तैनात किए जा रहे हैं। एसडीआरएफ की 7 यूनिट पलवल, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और फरीदाबाद में तैनात की गई हैं, जबकि एनडीआरएफ की टीमें पलवल में अतिरिक्त विशेष मदद कर रही हैं। सवाल: प्रभावित लोगों को राहत देने की क्या तैयारी है?
जवाब: सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत उपायों के लिए हर जिले को करीब तीन-तीन करोड़ रुपए का रिजर्व फंड मंजूर किया गया है। इस फंड का यूज प्रभावित लोगों के खाने और कपड़े, विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय और तंबू, पशुओं के लिए चारा और पीओएल (पेट्रोल, तेल) सहित अन्य आवश्यक आवश्यकताओं, राहत सामग्री के परिवहन और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी कार्यों के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों में मकान ढहने से मारे गए व्यक्तियों के शोक संतप्त परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 44 लाख रुपए (प्रत्येक को 4 लाख रुपए) की अनुग्रह सहायता भी जारी की गई है। सवाल: गांव के साथ शहरों में भी बुरे हालात हैं?
जवाब: हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में जल निकासी कार्यों के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को आरक्षित निधि के रूप में 50 लाख रुपए जारी किए गए हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी, दोनों बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक कवरेज सुनिश्चित हो सके। निर्देशों के अनुसार, सिंचाई एवं जल संसाधन तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, आवश्यकतानुसार जल निकासी कार्यों में तेजी लाने के लिए पंप सुनिश्चित कर रहे हैं। ———————— हरियाणा में बाढ़ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा पर आफत बनकर बरस रहा मानसून:11 जिलों के 1932 गांवों में पानी भरा; 70 घर ढह चुके, पौने 5 लाख एकड़ फसल डूब चुकी हरियाणा में इस बार मानसून आफत बनकर टूट रहा है। प्रदेश से गुजरने वाली यमुना, घग्गर, मारकंडा, टांगरी, रूण, बेगना, राक्षी, सोम-पथराला नदियां उफन कर चल रही हैं। पहाड़ों पर बरसात की वजह से यमुना नदी लगातार 60 घंटे से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 11 जिलों में 1932 से अधिक गांवों में जलभराव की नौबत आई है। 70 से ज्यादा मकान ढहने या उनमें दरारें आने की सूचना है। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा में सभी नदियों में इस बार उफान आया। कई जिलों में नुकसान हुआ। 2,748 गांव नदी के उफान या अधिक वर्षा से प्रभावित हुए हैं। हालांकि सरकार का कहना है कि प्रदेश में अभी आपदा जैसी स्थिति नहीं है। यमुना नदी से लगते जिलों के हालात पर लगातार नजर है। अभी तक मानसून में सामान्य से 48% अधिक वर्षा हुई है। फतेहाबाद, झज्जर, कुरुक्षेत्र और महेंद्रगढ़ जिलों में सामान्य से काफी अधिक वर्षा हुई है। पलवल, फरीदाबाद, फतेहाबाद, भिवानी, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों में बारिश से प्रभावित 2,247 लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। ई-क्षति पोर्टल के अनुसार, हरियाणा में बारिश और बाढ़ से 2748 गांवों के 1,46,823 किसानों ने फसलों को नुकसान पहुंचने की बात दर्ज कराई है। दैनिक भास्कर डिजिटल एप की टीम ने मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी और वित्त आयुक्त (राजस्व) डॉ सुमिता मिश्रा से प्रदेश में बाढ़ के हालात पर बातचीत की तो दोनों अधिकारियों ने कई बातें बताईं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…. पहले देखे हरियाणा में बारिश के हालात के PHOTOS… अंबाला 5 दिन बाद खतरे के निशान से नीचे आई यमुना
5 दिनों तक लगातार उफान पर यही यमुना शुक्रवार को शांत हो गई। जलस्तर घटने के बाद दोपहर 1 बजे उत्तर प्रदेश की पूर्वी नहर में 766 क्यूसेक पानी की आपूर्ति शुरू कर दी गई। दोपहर में जलस्तर घटने से नहरों की सप्लाई शुरू। यूपी को 1510 तो हरियाणा को 2500 क्यूसेक पानी मिल रहा है।एक सितंबर को यमुना ने उफना शुरू किया था। 6 साल बाद में तीसरी बार इतने दिन डेंजर पॉइंट के ऊपर बही यमुना
1 सितंबर को यमुना का जलस्तर खतरे के निशान यानी 1 लाख क्यूसेक से ऊपर गया। 5 दिनों तक नदी बैराज के सभी फ्लड गेट खुले रहे। इससे पहले जुलाई 2023 में 9,10, 11 व 12 तारीख को नदी के फ्लड गेट लगातार खुले रहे थे। 16 जून 2013 में केदारनाथ में आई आपदा के समय नदी में 8 लाख 6464 क्यूसेक की प्रलयकारी बाढ़ आई। तब लगातार 3 दिन यमुना खतरे के निशान पर ऊपर बही। यहां पढ़िए बाढ़-जलभराव पर क्या बोले मुख्य सचिव अनुराग रस्तौगी… सवाल: हरियाणा में क्या आपदा की स्थिति है?
जवाब: हरियाणा में अभी आपदा जैसी स्थिति नहीं है। अधिकांश नदियां टांगरी, घग्गर का जलस्तर काफी काम हुआ है। हालांकि यमुना अभी उफान पर है, इसको देखते हुए यमुना से लगते हुए सभी जिलों पर सरकार फोकस कर रही है। वहां के स्थानीय प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है। सवाल: आपदा के लिए सरकार तैयार है क्या?
जवाब: हां, सरकार पूरी तरह से तैयार है। जिम्मेदार विभाग, अफसर नदियों के जल स्तर और अब तक हुए नुकसान का हर पल अपडेट ले रहे हैं। सीएम लगातार प्रदेश के हालात को लेकर रिव्यू मीटिंग कर रहे हैं। सेना या अन्य सुरक्षा एजेंसियों से सरकार संपर्क में हैं, जहां भी हालात बेकाबू होते हैं वहां हम संपर्क कर उनके मदद भी लेते हैं। सवाल: अब जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई कैसे होगी?
जवाब: बाढ़ और जलभराव से नुकसान तो हो रहा है। सबसे ज्यादा प्रभावित किसान हुए हैं। इसको देखते हुए सरकार ने ई क्षति पोर्टल खोला है। मौसम को देखते हुए सरकार ने किसानों के लिए अपना दावा पेश करने के लिए और समय दिया है, अब 15 सितंबर तक पोर्टल खुला रहेगा। इसके साथ ही किसानों को तुरंत नुकसान का मुआवजा मिले इसके लिए तुरंत सर्वे के निर्देश प्रभावित जिलों के डीसी को जारी कर दिए हैं। सवाल: आपदा को लेकर कोई नोडल अधिकारी नियुक्त किया है?
जवाब: अभी प्रदेश में हालात बेकाबू नहीं हैं। जिम्मेदार विभाग और सरकार 24 घंटे अलर्ट होकर काम कर रही है। पल पल का अपडेट लिया जा रहा है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग पूरी नजर बनाए हुए हैं, जो भी अपडेट जिलों से आता है उसी के अनुरुप ही अधिकारियों को डायरेक्शन दिए जा रहे हैं। हर अधिकारी ग्राउंड पर है। दैनिक भास्कर के सवालों के वित्त आयुक्त राजस्व डॉ सुमिता मिश्रा ने दिए जवाब… सवाल: हरियाणा के कैसे हालात हैं?
जवाब: राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग राज्य के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है। बारिश के कारण कई जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, बरसाती नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। हालांकि स्थिति सरकार के नियंत्रण में हैं। सवाल: सरकार क्या कर रही है?
जवाब: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, अधिकारियों के साथ लगातार बाढ़ की स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं। सभी डीसी और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों (DDMA) को निर्देश दिया गया है कि वे हाई अलर्ट पर रहें और अपने-अपने क्षेत्रों में जनता को मौसम संबंधी चेतावनियां और सुरक्षा सलाह समय पर उपलब्ध कराएं। प्रभावित इलाकों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और लोकल प्रशासन की टीमों के साथ बचाव एवं राहत कार्य में लगी हुई हैं। सवाल: किन जिलों में हालात खराब है?
जवाब: नावों, पेशेवर गोताखोरों और अन्य इमरजेंसी एक्यूपमेंट सहित विशेष रेस्कयू एक्यूपमेंट तैनात किए जा रहे हैं। एसडीआरएफ की 7 यूनिट पलवल, यमुनानगर, अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल और फरीदाबाद में तैनात की गई हैं, जबकि एनडीआरएफ की टीमें पलवल में अतिरिक्त विशेष मदद कर रही हैं। सवाल: प्रभावित लोगों को राहत देने की क्या तैयारी है?
जवाब: सरकार ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत उपायों के लिए हर जिले को करीब तीन-तीन करोड़ रुपए का रिजर्व फंड मंजूर किया गया है। इस फंड का यूज प्रभावित लोगों के खाने और कपड़े, विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी आश्रय और तंबू, पशुओं के लिए चारा और पीओएल (पेट्रोल, तेल) सहित अन्य आवश्यक आवश्यकताओं, राहत सामग्री के परिवहन और ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी कार्यों के लिए किया जाएगा। इसके अलावा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर जिलों में मकान ढहने से मारे गए व्यक्तियों के शोक संतप्त परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 44 लाख रुपए (प्रत्येक को 4 लाख रुपए) की अनुग्रह सहायता भी जारी की गई है। सवाल: गांव के साथ शहरों में भी बुरे हालात हैं?
जवाब: हरियाणा के शहरी क्षेत्रों में जल निकासी कार्यों के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को आरक्षित निधि के रूप में 50 लाख रुपए जारी किए गए हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी, दोनों बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक कवरेज सुनिश्चित हो सके। निर्देशों के अनुसार, सिंचाई एवं जल संसाधन तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, आवश्यकतानुसार जल निकासी कार्यों में तेजी लाने के लिए पंप सुनिश्चित कर रहे हैं। ———————— हरियाणा में बाढ़ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… हरियाणा पर आफत बनकर बरस रहा मानसून:11 जिलों के 1932 गांवों में पानी भरा; 70 घर ढह चुके, पौने 5 लाख एकड़ फसल डूब चुकी हरियाणा में इस बार मानसून आफत बनकर टूट रहा है। प्रदेश से गुजरने वाली यमुना, घग्गर, मारकंडा, टांगरी, रूण, बेगना, राक्षी, सोम-पथराला नदियां उफन कर चल रही हैं। पहाड़ों पर बरसात की वजह से यमुना नदी लगातार 60 घंटे से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 11 जिलों में 1932 से अधिक गांवों में जलभराव की नौबत आई है। 70 से ज्यादा मकान ढहने या उनमें दरारें आने की सूचना है। (पूरी खबर पढ़ें)