केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब में आई बाढ़ की इस भयानक स्थिति का सबसे बड़ा कारण अवैध खनन को बताया है। उनका ये बयान बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए गुरुवार को किए गए पंजाब दौरे के एक दिन बाद आया है। उन्होंने अपने ये संदेश अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। शिवराज सिंह चौहान ने लिखा- अवैध खनन की वजह से ये बांध समय के साथ कमजोर हो गए और अब पानी गांवों में घुस गया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को याद करते हुए लिखा कि वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे और आदरणीय प्रकाश सिंह बादल पंजाब के मुख्यमंत्री थे, तब फसलों को बाढ़ से बचाने के लिए सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर नदियों के किनारों पर बांध मजबूत और ऊंचे किए गए। लेकिन अवैध खनन के कारण वे कमजोर हो गए और गांवों में पानी आ गया। अब जरूरी है कि उन संरचनाओं को मजबूत करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से पंजाब को बचाया जा सके। प्रधानमंत्री चिंतित, केंद्र सरकार करेगी हरसंभव मदद चौहान ने कहा कि पंजाब में जलप्रलय जैसी स्थिति है। हजारों एकड़ फसलें तबाह हो गई हैं और किसान गहरे संकट में हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब की जनता और किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। बाढ़ग्रस्त इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनाई जाएंगी। पंजाब सरकार को गंभीरता से काम करने की सलाह केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंजाब के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट सौपेंगे। संकट बड़ा है, लेकिन इस संकट से निकलने के लिए केंद्र सरकार कोई भी कसर नहीं छोड़ेगी। साथ ही राज्य सरकार को भी पूरी गंभीरता के साथ जमीनी स्तर पर काम करना होगा। जब पानी उतरेगा तो बीमारी फैलने का खतरा सामने होगा। मरे हुए पशुओं का सुरक्षित तरीके से निपटारा करना होगा, जिससे बीमारी न फैले। खेतों में सिल्ट जमा हो गई है, उसे हटाने की योजना बनानी होगी, ताकि अगली फसल पर संकट न रहे। पंजाब में देखी सेवा की मिसाल उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में पंजाब में पीड़ितों की सेवा करने की मिसाल देखी। अपने-अपने गांव से ट्रैक्टर्स में भोजन, कपड़े, दवाइयां लेकर हजारों समाजसेवी निकल पड़े और गांव-गांव में सेवा कर रहे हैं। वह पंजाब के इस सेवा भाव को प्रणाम करते हैं। पीड़ित मानवता की सेवा ही भगवान की पूजा है। इस आपदा की घड़ी में न सिर्फ पंजाब, बल्कि आसपास के राज्यों के लोगों ने भी मदद के हाथ बढ़ाए हैं। एकता और सेवा का यही भाव हमें बड़े से बड़े संकट से भी बाहर निकलने की शक्ति देता है। हम इस संकट से भी पंजाब की जनता को पार ले जाएंगे।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पंजाब में आई बाढ़ की इस भयानक स्थिति का सबसे बड़ा कारण अवैध खनन को बताया है। उनका ये बयान बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए गुरुवार को किए गए पंजाब दौरे के एक दिन बाद आया है। उन्होंने अपने ये संदेश अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया। शिवराज सिंह चौहान ने लिखा- अवैध खनन की वजह से ये बांध समय के साथ कमजोर हो गए और अब पानी गांवों में घुस गया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को याद करते हुए लिखा कि वाजपेयी जब प्रधानमंत्री थे और आदरणीय प्रकाश सिंह बादल पंजाब के मुख्यमंत्री थे, तब फसलों को बाढ़ से बचाने के लिए सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर नदियों के किनारों पर बांध मजबूत और ऊंचे किए गए। लेकिन अवैध खनन के कारण वे कमजोर हो गए और गांवों में पानी आ गया। अब जरूरी है कि उन संरचनाओं को मजबूत करना होगा, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से पंजाब को बचाया जा सके। प्रधानमंत्री चिंतित, केंद्र सरकार करेगी हरसंभव मदद चौहान ने कहा कि पंजाब में जलप्रलय जैसी स्थिति है। हजारों एकड़ फसलें तबाह हो गई हैं और किसान गहरे संकट में हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब की जनता और किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। बाढ़ग्रस्त इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनाई जाएंगी। पंजाब सरकार को गंभीरता से काम करने की सलाह केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पंजाब के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट सौपेंगे। संकट बड़ा है, लेकिन इस संकट से निकलने के लिए केंद्र सरकार कोई भी कसर नहीं छोड़ेगी। साथ ही राज्य सरकार को भी पूरी गंभीरता के साथ जमीनी स्तर पर काम करना होगा। जब पानी उतरेगा तो बीमारी फैलने का खतरा सामने होगा। मरे हुए पशुओं का सुरक्षित तरीके से निपटारा करना होगा, जिससे बीमारी न फैले। खेतों में सिल्ट जमा हो गई है, उसे हटाने की योजना बनानी होगी, ताकि अगली फसल पर संकट न रहे। पंजाब में देखी सेवा की मिसाल उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में पंजाब में पीड़ितों की सेवा करने की मिसाल देखी। अपने-अपने गांव से ट्रैक्टर्स में भोजन, कपड़े, दवाइयां लेकर हजारों समाजसेवी निकल पड़े और गांव-गांव में सेवा कर रहे हैं। वह पंजाब के इस सेवा भाव को प्रणाम करते हैं। पीड़ित मानवता की सेवा ही भगवान की पूजा है। इस आपदा की घड़ी में न सिर्फ पंजाब, बल्कि आसपास के राज्यों के लोगों ने भी मदद के हाथ बढ़ाए हैं। एकता और सेवा का यही भाव हमें बड़े से बड़े संकट से भी बाहर निकलने की शक्ति देता है। हम इस संकट से भी पंजाब की जनता को पार ले जाएंगे।