पंजाब के लुधियाना ईस्ट में सतलुज नदी के तेज बहाव से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ससराली बांध कमजोर हो गया है। हालांकि प्रशासन ने हालात पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। सेना, NDRF और स्थानीय लोग मिलकर बांध को मजबूत करने में जुटे हैं। DC हिमांशु जैन ने शुक्रवार को खुद मौके पर जाकर बांध की मरम्मत और सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। DC ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। अगर सतलुज का पानी और बढ़ा तो लुधियाना के 14 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। राहों रोड, टिब्बा रोड, ताजपुर रोड, नूरवाला रोड और समराला चौक तक पानी पहुंच सकता है। वहीं साहनेवाल के धनांसू इलाके में भी पानी भरने की आशंका है, जिससे 50 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं। भाखड़ा डैम का जलस्तर भी खतरे के निशान 1680 फीट के करीब पहुंच गया है। फिलहाल जलस्तर 1678.74 फीट है। डैम के चारों गेट 10-10 फुट तक खोले गए हैं। इस समय बांध में पानी की आमद 76,318 क्यूसेक और निकासी 80,792 क्यूसेक की जा रही है। ससराली बांध को लेकर 2 बातें… प्रशासन ने 5 निर्देश जारी किए… ससराली बांध की ताजा स्थिति जानिए… पंजाब के ससराली गांव में धुस्सी बांध पर लगातार कटाव हो रहा है। बांध का लगभग 50% हिस्सा टूटने की कगार पर है। सतलुज नदी के बढ़े जलस्तर के कारण मिट्टी तेजी से खिसक रही है। सेना ने सुरक्षा के लिए लोगों को बांध पर जाने से रोक दिया है और लगातार कटाव को रोकने का काम चल रहा है। बीते कुछ दिनों से बारिश के कारण कटाव बढ़ा था, लेकिन कल से सतलुज के उफान पर आने से पिछले 24 घंटों में बांध को काफी नुकसान पहुंचा है। HC ने बाढ़ याचिका पर सुनवाई से किया इनकार:कहा- अभी अधिकारी ग्राउंड पर हैं; भाखड़ा डेंजर लेवल के पास इस मामले की पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पंजाब के लुधियाना ईस्ट में सतलुज नदी के तेज बहाव से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। ससराली बांध कमजोर हो गया है। हालांकि प्रशासन ने हालात पर काबू पाने के लिए युद्धस्तर पर काम शुरू कर दिया है। सेना, NDRF और स्थानीय लोग मिलकर बांध को मजबूत करने में जुटे हैं। DC हिमांशु जैन ने शुक्रवार को खुद मौके पर जाकर बांध की मरम्मत और सुरक्षा कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। DC ने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। अगर सतलुज का पानी और बढ़ा तो लुधियाना के 14 गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। राहों रोड, टिब्बा रोड, ताजपुर रोड, नूरवाला रोड और समराला चौक तक पानी पहुंच सकता है। वहीं साहनेवाल के धनांसू इलाके में भी पानी भरने की आशंका है, जिससे 50 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हो सकते हैं। भाखड़ा डैम का जलस्तर भी खतरे के निशान 1680 फीट के करीब पहुंच गया है। फिलहाल जलस्तर 1678.74 फीट है। डैम के चारों गेट 10-10 फुट तक खोले गए हैं। इस समय बांध में पानी की आमद 76,318 क्यूसेक और निकासी 80,792 क्यूसेक की जा रही है। ससराली बांध को लेकर 2 बातें… प्रशासन ने 5 निर्देश जारी किए… ससराली बांध की ताजा स्थिति जानिए… पंजाब के ससराली गांव में धुस्सी बांध पर लगातार कटाव हो रहा है। बांध का लगभग 50% हिस्सा टूटने की कगार पर है। सतलुज नदी के बढ़े जलस्तर के कारण मिट्टी तेजी से खिसक रही है। सेना ने सुरक्षा के लिए लोगों को बांध पर जाने से रोक दिया है और लगातार कटाव को रोकने का काम चल रहा है। बीते कुछ दिनों से बारिश के कारण कटाव बढ़ा था, लेकिन कल से सतलुज के उफान पर आने से पिछले 24 घंटों में बांध को काफी नुकसान पहुंचा है। HC ने बाढ़ याचिका पर सुनवाई से किया इनकार:कहा- अभी अधिकारी ग्राउंड पर हैं; भाखड़ा डेंजर लेवल के पास इस मामले की पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…