पंजाब में बाढ़ पर जनहित याचिका की तुरंत सुनवाई से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस समय अधिकारी जमीनी हालात संभालने में जुटे हैं, इसलिए उन्हें हलफनामा दाखिल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। चीफ जस्टिस शील नागू ने कहा कि अभी हालात को संभालना प्राथमिकता है, बाद में कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी। वहीं, राज्य में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है, इसी बीच राहत और बचाव कार्य तेज हो गए हैं। अमृतसर के रमदास में रावी नदी से टूटे धुस्सी बांध को भरने का काम जारी है, जबकि पठानकोट से तरनतारन तक कई जगहों पर पानी का स्तर कम होना शुरू हो गया है। लुधियाना जिले के ससराली गांव के पास सतलुज नदी का बांध बेहद कमजोर हो गया है। बांध पर तेज बहाव का दबाव है, जिससे 14 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। उधर, माछीवाड़ा एरिया में भी सतलुज का पानी बांध तक पहुंच गया है। भाखड़ा बांध का जलस्तर अब खतरे के निशान से मात्र एक फीट नीचे रह गया है। लगातार पानी की आमद बढ़ने से चारों फ्लड गेट्स 10-10 फुट तक खोले गए हैं। इसका असर रूपनगर, लुधियाना और हरिके हेडवर्क तक देखने को मिल रहा है। पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग आज सीएम आवास पर होगी। बैठक में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। वहीं, पटियाला में घग्गर नदी के जलस्तर को देखते हुए NDRF की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। बाढ़ और राहत बचाव की PHOTOS पंजाब में बाढ़ की मौजूदा स्थिति… लुधियाना में बाढ़ का खतरा बढ़ा:सतलुज पर बना बांध आधा बहा, तेजी से कटाव हो रहा; सेना-NDRF तैनात
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पंजाब में बाढ़ पर जनहित याचिका की तुरंत सुनवाई से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि इस समय अधिकारी जमीनी हालात संभालने में जुटे हैं, इसलिए उन्हें हलफनामा दाखिल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। चीफ जस्टिस शील नागू ने कहा कि अभी हालात को संभालना प्राथमिकता है, बाद में कानूनी प्रक्रिया पूरी होगी। वहीं, राज्य में बाढ़ की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है, इसी बीच राहत और बचाव कार्य तेज हो गए हैं। अमृतसर के रमदास में रावी नदी से टूटे धुस्सी बांध को भरने का काम जारी है, जबकि पठानकोट से तरनतारन तक कई जगहों पर पानी का स्तर कम होना शुरू हो गया है। लुधियाना जिले के ससराली गांव के पास सतलुज नदी का बांध बेहद कमजोर हो गया है। बांध पर तेज बहाव का दबाव है, जिससे 14 गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। उधर, माछीवाड़ा एरिया में भी सतलुज का पानी बांध तक पहुंच गया है। भाखड़ा बांध का जलस्तर अब खतरे के निशान से मात्र एक फीट नीचे रह गया है। लगातार पानी की आमद बढ़ने से चारों फ्लड गेट्स 10-10 फुट तक खोले गए हैं। इसका असर रूपनगर, लुधियाना और हरिके हेडवर्क तक देखने को मिल रहा है। पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग आज सीएम आवास पर होगी। बैठक में बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं। वहीं, पटियाला में घग्गर नदी के जलस्तर को देखते हुए NDRF की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। बाढ़ और राहत बचाव की PHOTOS पंजाब में बाढ़ की मौजूदा स्थिति… लुधियाना में बाढ़ का खतरा बढ़ा:सतलुज पर बना बांध आधा बहा, तेजी से कटाव हो रहा; सेना-NDRF तैनात
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